एक्सप्लोरर

भारत बना End-to-End टेलीकॉम टेक्नोलॉजी बनाने वाला दुनिया का छठा देश, मिल सकेगी संपूर्ण स्वदेशी संचार सेवा

एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक एक ऐसी प्रणाली है जो सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे और उपकरणों सहित एक उपयोगकर्ता से दूसरे उपयोगकर्ता को संपूर्ण संचार सेवाएं प्रदान करती है.

भारत को विकासशील देश माना जाता रहा है, जहां हर नई टेक्नोलॉजी या उत्पाद पश्चिम के देशों से आयात करनी पड़ती थी, लेकिन पिछले कुछ दशकों में भारत ने इस छवि को तोड़ने के अथक प्रयास किये हैं. आज दुनिया भर में मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट का इस्तेमाल अत्यधिक बढ़ गया है, कुछ वर्षों पहले तक कुछ ख़ास लोगों के जरूरत की वस्तु माने जाने वाले टेलीकॉम उत्पाद अब हर इंसान अपने रोजमर्रा के जीवन में उपयोग करता है. पहले यह सब टेक्नोलॉजी और उत्पाद हमें बाहर से आयात करने पड़ते थे, लेकिन भारत ने अब इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है. जी हां, भारत अब दुनिया का छठा देश बन चुका है, जिसके पास स्वयं की end -तो-एन्ड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी बनाने और वितरित करने की क्षमता है. अब तक यह क्षमता अमेरिका, चीन, स्वीडन , फ़िनलैंड, और दक्षिणी कोरिया के पास ही थी, लेकिन अब भारत भी इस इस क्षेत्र में सिरमौर बन गया है.

टेलीकॉम में भी बनेंगे हम सिरमौर 

अगर हम टेलीकॉम की बात करें, तो पाएंगे कि यह दो शब्दों Tele और Communication से बनता है. यह कई टेक्नोलॉजी का समूह है, जो जानकारियों के आदान प्रदान को संभव बनाता है, जो एक दुसरे से दूरी पर होते हैं. यह जानकारी का आदान प्रदान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होता है, और इसमें कई प्रकार की सूचना और जानकारियां भेजी जाती हैं, जैसे डाटा, वॉइस, और वीडियो. इन सूचनाओं के आदान प्रदान को संभव करने के लिए कुछ ख़ास Components का उपयोग किया जाता है. पहला, इनपुट और आउटपुट डिवाइस -  इन्हे टर्मिनल्स भी कहा जाता है, इन्हे सूचना के आदान प्रदान करने के लिए ग्राहकों द्वारा उपयोग किया जाता है. जैसे टेलीफोन, मोबाइल फ़ोन, और अन्य प्रकार के डिवाइस. दूसरा है- टेलीकम्युनिकेशन चैनल्स - इनके द्वारा ही डाटा और सूचनाओं को भेजा और प्राप्त किया जाता है. इसमें बहुत से प्रकार के केबल्स और वायरलेस रेडियो फ्रीक्वेंसी भी होते हैं. तीसरा होता है- टेलीकम्युनिकेशन प्रोसेसर्स - यह डाटा को एनालॉग से डिजिटल और फिर पुनः उसे डिजिटल से एनालॉग में बदलते हैं. चौथा, कंट्रोल सॉफ्टवेयर होता है, जो टेलीकॉम नेटवर्क और टेलीकॉम डिवाइस के कार्यकलाप को नियंत्रण कर उनके सुचारु कार्य को सुनिश्चित करने में योगदान करता है. पांचवां, प्रोटोकॉल्स होते हैं जो यह बताते हैं कि कोई भी टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम किसी सूचना का प्रबंधन कैसे करेगा?

एंड टू एंड तकनीक को समझिए

एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक एक ऐसी प्रणाली है जो सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे और उपकरणों सहित एक उपयोगकर्ता से दूसरे उपयोगकर्ता को संपूर्ण संचार सेवाएं प्रदान करती है. गर कोई भी कंपनी या देश इन सभी अवयवों को स्वयं बनाने और वितरित करने में सक्षम है, तो हम कह सकते हैं वह कंपनी और देश End-to-End दूरसंचार प्रौद्योगिकी बना सकता है. भारत ने अपनी स्वदेशी 4G, 5G तकनीक बनाई है, और इसी के साथ उसने अपनी ताकत भी साबित कर दी है. अब भारत ने 6G टेक्नोलॉजी को बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. भारत की कई कंपनियों ने मिल कर अब तक 6G से सम्बंधित 200 से ज्यादा टेक्नोलॉजी पेटेंट भी प्राप्त कर लिए हैं.  अब भारत आने वाले सालों में दुनिया के लिए टेलीकॉम टेक्नोलॉजी के प्रमुख एक्सपोर्टर के रूप में उभरने के लिए तैयार हो चुका है. 

इस तकनीक के लाभ

बेहतर प्रदर्शन और विश्वसनीयता: एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक को उच्च-प्रदर्शन और विश्वसनीय संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह उन व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी दैनिक गतिविधियों के लिए संचार सेवाओं पर निर्भर हैं. इसके साथ ही कम लागत भी इसकी विशेषता है. एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लागत कम करने में मदद करती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक कई प्रदाताओं की आवश्यकता को पूरा करती है और दक्षता में भी निरंतर सुधार करने में मदद करती है. नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में बढ़ावा मिलता है. एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक टेलीकॉम क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक नई और नवीन सेवाओं के विकास के लिए एक मंच प्रदान करती है. 

यह तथ्य कि भारत एंड-टू-एंड टेलीकॉम तकनीक वाला दुनिया का 6वां देश बनने की राह पर है, एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं और नवाचार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है. आज इस क्षेत्र में चीन बहुत आगे है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और अविश्वास के कारण कई देशों ने चीन के टेलीकॉम उत्पाद और टेक्नोलॉजी उपयोग करने से मन कर दिया है. यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में कई ट्रिलियन डॉलर का मार्किट होगा, और ऐसे में भारत के पास इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बनाने और लाखों भारतीयों के लिए रोजगार पैदा करने के अवसर होंगे. भारत एक विश्वसनीय देश है, और सुरक्षा मामलों पर भी उसका ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर है, ऐसे में टेलीकॉम टेक्नोलॉजी भारत के लिए कुबेर का खजाना साबित होगी, ऐसा हमें पूरा विश्वास है.  

मनीष 16 वर्षों से IT industry में कार्यरत हैं, फिलहाल NTT Data में Associate Director पद पर हैं. तकनीकी, विज्ञान, और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से जुड़े मामलों के जानकार हैं.  राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर टेक्नोल़ॉजी पर इनको महारत हासिल है और ये उपलब्ध माध्यमों पर लगातार अपनी राय देते हैं.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

LPG Crisis: भारत में घरेलू सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, केरोसीन के नियमों में दी छूट
भारत में घरेलू सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, केरोसीन के नियमों में दी छूट
Gujarat Earthquake News: गुजरात के अमरेली में कांपी धरती, 3.1 की तीव्रता से महसूस हुए भूकंप के झटके
गुजरात के अमरेली में कांपी धरती, 3.1 की तीव्रता से महसूस हुए भूकंप के झटके
'नेहरू और CIA के बीच की कड़ी थे बीजू पटनायक', निशिकांत दुबे के बयान पर बवाल, भड़की बीजेडी
'नेहरू और CIA के बीच की कड़ी थे बीजू पटनायक', निशिकांत दुबे के बयान पर बवाल, भड़की बीजेडी
मिलिए 'धुरंधर 2' के 'मेजर इकबाल' की बेटी से, जिनकी उड़ान डाउन सिन्ड्रोम भी रोक नहीं पाया
मिलिए 'धुरंधर 2' के 'मेजर इकबाल' की बेटी से, जिनकी उड़ान डाउन सिन्ड्रोम भी रोक नहीं पाया

वीडियोज

Sansani: जंग में प्रहार...वॉर रूम में हाहाकार ! | Iran-israel War | Donald Trump | ABP news
UP News: प्रेमी के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी प्रेमिका, शादी से इनकार पर किया ड्रामा | Pratapgarh
Chitra Tripathi: जाने युद्ध से किन देशों को हुआ बड़ा नुकसान | Iran US Israel War | Trump | Janhit
Iran Israel War: ईरान का बड़ा पलटवार, 24 घंटे में ताबड़तोड़ हमले | Mojtaba | America | Trumpa
Iran US Israel War: 30 दिन… फिर भी नहीं झुका ईरान | America | Trump | Big Breaking | Netanyahu
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
LPG Crisis: भारत में घरेलू सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, केरोसीन के नियमों में दी छूट
भारत में घरेलू सिलेंडर की किल्लत के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, केरोसीन के नियमों में दी छूट
Gujarat Earthquake News: गुजरात के अमरेली में कांपी धरती, 3.1 की तीव्रता से महसूस हुए भूकंप के झटके
गुजरात के अमरेली में कांपी धरती, 3.1 की तीव्रता से महसूस हुए भूकंप के झटके
'नेहरू और CIA के बीच की कड़ी थे बीजू पटनायक', निशिकांत दुबे के बयान पर बवाल, भड़की बीजेडी
'नेहरू और CIA के बीच की कड़ी थे बीजू पटनायक', निशिकांत दुबे के बयान पर बवाल, भड़की बीजेडी
मिलिए 'धुरंधर 2' के 'मेजर इकबाल' की बेटी से, जिनकी उड़ान डाउन सिन्ड्रोम भी रोक नहीं पाया
मिलिए 'धुरंधर 2' के 'मेजर इकबाल' की बेटी से, जिनकी उड़ान डाउन सिन्ड्रोम भी रोक नहीं पाया
MI या KKR, आज किसकी होगी जीत? जानें मुंबई और कोलकाता में किसका पलड़ा भारी
MI या KKR, आज किसकी होगी जीत? जानें मुंबई और कोलकाता में किसका पलड़ा भारी
छात्र राजनीति पर बैन के साथ कई बड़े फैसले, बालेन शाह ने नेपाल का PM बनते ही शिक्षा व्यवस्था में किए ये बदलाव
छात्र राजनीति पर बैन के साथ कई बड़े फैसले, बालेन शाह ने नेपाल का PM बनते ही शिक्षा व्यवस्था में किए ये बदलाव
पीएम कुसुम योजना से किसानों को डबल कमाई का मौका, जानें कैसे मिलेगा फायदा
पीएम कुसुम योजना से किसानों को डबल कमाई का मौका, जानें कैसे मिलेगा फायदा
बस्ती: सात जन्मों के वादे पर भारी पड़ी मन्नत, पत्नी से पीछा छुड़ाने के लिए पति ने की 9KM की दंडवत यात्रा
बस्ती: सात जन्मों के वादे पर भारी पड़ी मन्नत, पत्नी से पीछा छुड़ाने के लिए पति ने की 9KM की दंडवत यात्रा
Embed widget