World Toilet Day: किसके पास है दुनिया का सबसे महंगा टॉयलेट, कीमत इतनी कि बन जाएं 2-3 बंगले
World Toilet Day: आज हम दुनिया के सबसे महंगे टॉयलेट के बारे में बात करते हैं. यह टॉयलेट किसी अमीर की हवेली में नहीं, बल्कि ऐसी जगह था, जिसकी कीमत अरबों रुपये तक पहुंच गई.

World Toilet Day: वर्ल्ड टॉयलेट डे हमें हर साल याद दिलाता है कि शौचालय सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि सम्मान, सेहत और आधुनिक जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन क्या हो अगर हम आपसे कहें कि दुनिया का सबसे महंगा टॉयलेट किसी महल, किसी राजा या किसी अरबपति के घर में नहीं, बल्कि ऐसी जगह है, जिसके बारे में शायद ही कोई सोच सके, और उसकी कीमत इतनी है कि उससे 2-3 आलीशान बंगले तक बन जाएं. आखिर ऐसा टॉयलेट कौन सा है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी? चलिए जानें.
हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे महंगे टॉयलेट की, जिसकी कीमत इतनी है कि भारत में इससे 2-3 शानदार बंगले आसानी से बन सकते हैं. आमतौर पर हम महंगे गैजेट्स, महंगी कारों और कीमती ज्वेलरी के बारे में सुनते रहते हैं, लेकिन जब करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये किसी टॉयलेट पर खर्च हो जाएं, तो दिलचस्पी बढ़ना लाजमी है.
कब और कहां लगा दुनिया का सबसे महंगा टॉयलेट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया का सबसे महंगा टॉयलेट धरती पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में लगा था. NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऐसा हाईटेक स्पेस टॉयलेट बनाया, जिसकी लागत करीब 2.6 अरब रुपये बताई जाती है. यह टॉयलेट NASA के एंडेवर स्पेस शटल में लगाया गया था और 1988 से 1992 तक अंतरिक्ष यात्री इसका इस्तेमाल करते रहे.
इतना महंगा क्यों है यह टॉयलेट?
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक टॉयलेट इतना महंगा क्यों? इसका जवाब उस अनोखी तकनीक में छिपा है, जो अंतरिक्ष में शून्य गुरुत्वाकर्षण यानी जीरो ग्रैविटी के माहौल में काम करती है. पृथ्वी पर तो टॉयलेट फ्लश सिस्टम आसानी से काम कर जाता है, लेकिन स्पेस में हर चीज को वैज्ञानिक रूप से नियंत्रित करना पड़ता है, यहां तक कि मानव शरीर से निकलने वाले प्रत्येक वेस्ट के कण तक को नियंत्रित करना होता है.
किस तरह काम करता है यह?
स्पेस टॉयलेट में पावरफुल suction systems लगाए जाते हैं, जो astronaut के शरीर से निकलते ही वेस्ट को खींचकर अलग चेंबर्स में जमा कर देते हैं. इसमें हवा के दाब, तापमान और बैक्टीरिया कंट्रोल जैसी जटिल चीजें भी जुड़ी होती हैं. यही वजह है कि इसे सामान्य टॉयलेट की तरह बनाना बिल्कुल भी संभव नहीं है.
इसलिए अरबों में पहुंची कीमत
NASA के वैज्ञानिकों ने इस टॉयलेट को कई सालों की रिसर्च, भारी तकनीकी उपकरणों और स्पेस-सेफ मटीरियल्स की मदद से तैयार किया. यही वजह है कि इसकी कीमत अरबों में पहुंच गई. इसके अलावा इसमें ऐसी सुरक्षा तकनीकें भी हैं, जो किसी भी तरह के लीक, खराबी या बैक्टीरियल फैलाव को रोकती हैं, क्योंकि अंतरिक्ष में छोटी-सी गलती भी जानलेवा हो सकती है.
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Source: IOCL


























