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सस्ते हो जाएंगे फ्लाइट टिकट! जानिए क्या है Jet Fuel Price Freeze Scheme?

पश्चिम एशिया संकट के कारण आसमान छूती तेल कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड बनाया है. आइए जानें कि इससे हवाई जहाज की कीमतों पर कितना असर होगा.

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  • सरकार ने ₹10,000 करोड़ का ATF स्थिरीकरण फंड मंजूर किया.
  • घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत ₹75.6 प्रति लीटर निर्धारित.
  • एयरलाइन लागत नियंत्रित होंगी, जिससे यात्रियों का किराया स्थिर होगा.

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और विमान ईंधन (ATF) की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं. इस बड़े ऊर्जा संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीते बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 10,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाले 'एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड' को हरी झंडी दे दी गई है. सरकार के इस बड़े फैसले से न सिर्फ घाटे में चल रही एयरलाइन कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि इसका सीधा फायदा हवाई सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब को भी मिलेगा.

क्या है नई सरकारी योजना?

सरकार की इस नई पहल को 'जेट फ्यूल प्राइस स्टेबिलाइजेशन स्कीम' का नाम दिया गया है, जिसे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से निपटने के लिए तैयार किया गया है. इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य विमान ईंधन की कीमतों में होने वाले अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को रोकना है. सरकार ने इस स्कीम के जरिए एक ऐसा मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार किया है, जो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद देश के भीतर एटीएफ के दामों को एक निश्चित सीमा से ज्यादा ऊपर नहीं जाने देगा. इससे भारतीय विमानन क्षेत्र को एक बड़ी मजबूती और स्थिरता मिलेगी.

तय हुई मूल्य सीमा

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत केंद्र सरकार ने घरेलू एयरलाइन कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की एक अधिकतम कीमत तय कर दी है. अब देश के भीतर घरेलू उड़ानों के लिए जेट फ्यूल का बेंचमार्क रेट 75.6 रुपये प्रति लीटर पर फ्रीज यानी तय कर दिया गया है. वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल का असर अब इस तय कीमत पर नहीं पड़ेगा. सरकार के इस कड़े कदम से विमानन कंपनियों को अपने बजट और संचालन की योजना बनाने में बड़ी मदद मिलेगी, क्योंकि उन्हें पहले से पता होगा कि ईंधन पर कितना खर्च होना है.

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किराये पर कितना होगा असर?

एविएशन सेक्टर के गणित को समझें तो किसी भी एयरलाइन कंपनी को चलाने में आने वाले कुल खर्च या परिचालन लागत का करीब 40% से 60% हिस्सा सिर्फ विमान ईंधन यानी एटीएफ पर ही खर्च होता है. ऐसे में ईंधन के दाम तय हो जाने से एयरलाइंस का सबसे बड़ा खर्च पूरी तरह से नियंत्रित हो जाएगा. जब कंपनियों की लागत नहीं बढ़ेगी, तो वे मजबूरन यात्रियों से अचानक वसूले जाने वाले भारी-भरकम फ्यूल चार्ज या अतिरिक्त किराए में बढ़ोतरी नहीं कर पाएंगी. इससे टिकटों के दाम काफी हद तक स्थिर बने रहेंगे.

हवाई सफर होगा कितना सस्ता?

इस योजना के लागू होने से फ्लाइट टिकटों के दाम सीधे तौर पर एकदम से बहुत सस्ते तो नहीं होंगे, लेकिन यह यात्रियों को अचानक होने वाली बेतहाशा मूल्य वृद्धि से पूरी तरह सुरक्षित जरूर कर देगा. इसके साथ ही कई राज्य सरकारों ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए एटीएफ पर लगने वाले वैट (VAT) को काफी कम कर दिया है. उदाहरण के तौर पर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर वैट को घटाकर अब सिर्फ 7% कर दिया गया है. इन मिले-जुले प्रयासों से आम आदमी के लिए हवाई यात्रा काफी सुरक्षित हो जाएगी.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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