चंद्रमा पर लैंड क्यों नहीं करेगा Artemis II, इससे क्यों लगवा रहे चांद का चक्कर?
Artemis II नासा का पहला मानवयुक्त Artemis मिशन है. इस मिशन में 10 दिन की टेस्ट फ्लाइट में चार अंतरिक्ष यात्री Orion स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे.

नासा का Artemis II मिशन स्पेस के इतिहास में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है. करीब 50 साल बाद यह पहला मौका होगा, जब इंसान चंद्रमा के पास तक पहुंचेगा. दरअसल नासा का स्पेस लाॅन्च सिस्टम रॉकेट और Orion स्पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड 39B तक पहुंच चुके हैं. 6.4 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे लगे, क्योंकि विशाल रॉकेट को क्रॉलर ट्रांसपोर्टर की मदद से बहुत धीमी गति से ले जाया गया. वहीं अब टीमें 2 फरवरी को होने वाली वेट ड्रेस रिहर्सल की तैयारी में जुटी हैं, जिसमें असली लॉन्च जैसा पूरा काउंटडाउन और ईंधन भरने की प्रक्रिया दोहराई जाएगी. वहीं इस मिशन को लेकर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है, Artemis II चंद्रमा पर लैंड क्यों नहीं करेगा और इससे चांद का चक्कर क्यों लगवा रहे हैं?
चंद्रमा पर लैंड क्यों नहीं करेगा Artemis II?
Artemis II नासा का पहला मानवयुक्त Artemis मिशन है. इस मिशन में 10 दिन की टेस्ट फ्लाइट में चार अंतरिक्ष यात्री Orion स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे. वहीं अपोलो-17 के बाद यह पहली बार होगा जब इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचेगा वहीं नासा के अनुसार Artemis II को लैंडिंग के लिए डिजाइन ही नहीं किया गया है. Orion स्पेसक्राफ्ट एक लूनर लैंडर नहीं है, बल्कि यह गहरे स्पेस में इंसानों को सुरक्षित ले जाने और वापस लाने के लिए बनाया गया है. इस मिशन का फोकस चांद पर उतरना नहीं, बल्कि क्रू की सुरक्षा, नेविगेशन और गहरे अंतरिक्ष में मानव मिशन की आने वाली चुनौतियों को परखना है.
चांद के दूसरी तरफ तक जाएगा मिशन
इस मिशन में स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के दूर वाले हिस्से तक जाएगा, जहां अब तक बहुत कम मानव मिशन पहुंचे हैं. वहीं, यह दूरी मानव इतिहास में पृथ्वी से सबसे दूर यात्रा का नया रिकॉर्ड भी बना सकती है. नासा इस दौरान यह जांचेगा कि इंसानों के साथ सिस्टम कैसे काम करते हैं? वहीं इस मिशन को लेकर नासा की की रणनीति साफ है, जिसमें पहले सिस्टम बनाना, फिर उन्हें बिना इंसान और इंसानों के साथ टेस्ट करना और उसके बाद अगला कदम उठाना है. Artemis I में बिना क्रू के चंद्रमा की परिक्रमा की गई थी, जबकि Artemis II में इंसानों के साथ यही मिशन होगा. चंद्रमा पर लैंडिंग का लक्ष्य आने वाले Artemis III और आगे के मिशनों के लिए रखा गया है.
Artemis II के साथ मंगल मिशन की भी तैयारी
Artemis II सिर्फ चंद्रमा तक सीमित नहीं है. Orion और स्पेस लाॅन्च सिस्टम की यह परीक्षा फ्यूचर में इंसानों को चंद्रमा की सतह पर वापस भेजने और आगे चलकर मंगल मिशन की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार करने की योजना है.
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Source: IOCL

























