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किस देश की खुफिया एजेंसी सबसे ज्यादा खतरनाक, किस नंबर पर आती है भारत की RAW?

खुफिया एजेंसी किसी भी देश की आतंरिक सुरक्षा के साथ बाहरी दुश्मनों से निपटने के लिए काफी जरूरी होती है. दुनिया में कई खतरनाक खुफिया एजेंसियां हैं चलिए आपको उनके बारे में बताते हैं.

किसी भी देश की मजबूत खुफिया एजेंसी उस देश को तमाम तरह के हमलों से बचाकर रखती है दुनिया में अमेरिका के सीआईए से लेकर इजरायल की एजेंसी मोसाद तक की चर्चा होती रहती है. जिन्होंने मिडिल ईस्ट से लेकर रूस तक कई बड़े मिशनों को अंजाम दिया है. चलिए, आपको बताते हैं कि दुनिया में किस देश की खुफिया एजेंसी सबसे ज्यादा खतरनाक है और भारत की RAW इस मामले में किस नंबर पर आती है. 

सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी

दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी अमेरिका की CIA मानी जाती है. इसका फुलफॉर्म Central Intelligence Agency है. इसकी स्थापना साल 1947 में की गई थी. इसका हेडक्वॉटर लैंगली, वर्जीनिया में है. अगर इसके काम की बात करें तो इसका मुख्य काम विदेशी सरकारों और संगठनों की जानकारी इकट्ठा करना, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करना और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के लिए खुफिया जानकारी तैयार करना है.

इसने कई मिशनों में अहम योगदान दिया है, जिसमें से ओसामा बिन लादेन को ढूंढ निकालना हो, शीत युद्ध के दौरान USSR की निगरानी करनी हो या फिर क्यूबा मिसाइल संकट के दौरान अहम भूमिका निभानी हो. दूसरे नम्बर पर यूनाइटेड किंगडम की खुफिया एजेंसी  MI6 का नाम आता है. इसने भी अल कायदा और IS जैसे आतंकी संगठनों पर जानकारी जुटाने में अहम भूमिका निभाई है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इजरायली एजेंसी मोसाद को दूसरे नंबर में शामिल किया जाता है. 

भारत की RAW किस नंबर पर 

भारत की RAW किस नंबर पर आती है इसे लेकर काफी कन्फ्यूजन है. किसी किसी रिपोर्ट में इसे मोसाद से ऊपर 4 नंबर पर दिखाया जाता है तो किसी में इसकी रैंक 7 या 8 पर आती है. हालांकि, अगर कुल मिलाकर सरल भाषा में समझा जाए तो भारत की रॉ 10 सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों की लिस्ट में शामिल है, लोग अपने हिसाब से रैंक को ऊपर नीचे करते रहते हैं. रॉ का मुख्यालय दिल्ली में है और इसका मुख्य काम आतंकवाद पर निगरानी करना और विदेशी खुफिया जानकारी एकत्र करना है.

RAW ने 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी. RAW दुनिया की उन कुछ एजेंसियों में से है जो प्रधानमंत्री को सीधे रिपोर्ट करती हैं. बात करें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की तो ये भी दुनिया की खतरनाक एजेंसियों में शामिल है. 

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