2025 में किस देश में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा हुए और कहां सबसे कम? एक ही चार्ट में जान लें हकीकत
वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोस्पेक्ट्स के आंकड़ों के आधार पर तैयार एक चार्ट के अनुसार 2025 में सबसे ज्यादा बच्चों का जन्म एशिया में होने का अनुमान है. इसकी बड़ी वजह यहां की ज्यादा आबादी और युवा जनसंख्या है.

2025 खत्म हो गया है, लेकिन 2025 से जुड़ें कई तरह के डेटा अब भी चर्चा का विषय बने हुए है. इन डेटा में दुनिया में सबसे ज्यादा कहां बच्चे पैदा हुए से लेकर कहां सबसे कम बच्चे पैदा हुए यह आंकडें भी शामिल हैं. दरअसल, साल 2025 में दुनिया भर में बच्चों के जन्म का ट्रेंड कुछ गिने-चुने देशों तक सिमटा रहा है. संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोस्पेक्ट्स 2024 के आंकड़ों के आधार पर तैयार एक चार्ट में दिखाई देता है कि दुनिया में बच्चे सबसे ज्यादा किन देशों में जन्म ले रहे हैं और किन क्षेत्रों में जन्म दर लगातार गिर रही है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 2025 में किस देश में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा हुए और कहां सबसे ज्यादा कम बच्चे पैदा हुए.
2025 में एशिया में सबसे ज्यादा पैदा हुए बच्चे
वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रोस्पेक्ट्स के आंकड़ों के आधार पर तैयार एक चार्ट के अनुसार 2025 में सबसे ज्यादा बच्चों का जन्म एशिया महाद्वीप में होने का अनुमान है. इसकी बड़ी वजह यह है यहां की ज्यादा आबादी और युवा जनसंख्या है. आपको बता दें कि इस लिस्ट में भी सबसे ऊपर भारत आता है. 2025 में भारत में करीब 2.3 करोड़ बच्चों के जन्म का अनुमान है, यानी दुनिया में पैदा होने वाला हर छठ बच्चा भारत में जन्मा है.
2025 में दुनिया में सबसे ज्यादा बच्चे भारत और चीन में हुए पैदा
बच्चे पैदा करने के मामले में भारत के बाद चीन दूसरे नंबर पर आता है. जहां 2025 में करीब 87 लाख बच्चों के जन्म का अनुमान है. हालांकि चीन में बीते कई सालों से जन्मदर लगातार घट रही है, फिर भी आबादी ज्यादा होने की वजह से वह टॉप देश में बना हुआ है. इसके अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश और इंडोनेशिया भी एशिया के उन देशों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में बच्चे पैदा हो रहे हैं . वहीं आपको बता दें कि अफ्रीका इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता जन्म वाला क्षेत्र बनता जा रहा है. यहां की कुल आबादी युवा है और जन्म दर ऊंची बनी हुई है. नाइजीरिया इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है, जहां 2025 में करीब 76 लाख बच्चों के जन्म का अनुमान है. यह संख्या पूरे यूरोप में होने वाले कुल जन्म से भी ज्यादा बताई गई है. कांगो, इथियोपिया, तंजानिया और मिस्र जैसे अफ्रीकी देश भी टॉप लिस्ट में शामिल है.
यूरोप और पूर्वी एशिया में आई भारी गिरावट
चार्ट में यह भी साफ दिखाई देता है कि यूरोप और पूर्वी एशिया के कई देशों में जन्म दर काफी कम हो चुकी है. जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और इटली जैसे देशों में सालाना जनसंख्या 7.5 लाख से भी कम रहने का अनुमान है. जापान जो कभी दुनिया में जन्म के बड़े केंद्रों में गिना जाता था, अब वहां भी 2025 में 7.5 लाख से कम बच्चों के जन्म का अनुमान है. वहीं आंकड़ों के अनुसार 2025 में पूरी दुनिया में करीब 132 मिलियन बच्चों का जन्म का अनुमान है. इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा एशिया और अफ्रीका का है, जबकि विकसित देशों में जन्म दर लगातार चिंता का विषय बनी हुई है.
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Source: IOCL
























