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IAS और IPS अधिकारियों को किस कैटेगरी की सुरक्षा मिलती है? ये है जवाब

IAS And IPS Officer Security: IAS अधिकारी किसी भी जिले में सबसे बड़ा पता होता है. वहीं IPS उस जिले के पुलिस विभाग का मुखिया होता है. इन अधिकारियों को सुरक्षा के साथ तमाम सुविधाएं मिलती हैं.

IAS And IPS Officer Security: IAS या फिर IPS अधिकारी बनना हर किसी का सपना होता है. भारत में हर साल लाखों लोग इस सपने को पूरा करने के लिए यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन बहुत कम ही लोग होते हैं जो इस परीक्षा को पास कर पाते हैं और प्रशासनिक सेवा में आते हैं. दरअसल, यह भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. 

IAS अधिकारी या IPS अधिकारी को देखकर हर किसी के मन में यही ख्याल आता है कि काश ऐसा रुतबा हमारा भी होता है. इसकी वजह यह है कि IAS-IPS जैसी रैंक के प्रशासनिक सेवा में लगे अधिकारियों को सरकार की ओर से मोटे वेतन के साथ कई सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं. हालांकि, यह बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि IAS और IPS अधिकारियों को किस कैटेगरी की सुरक्षा दी जाती है. चलिए जानते हैं इसके बारे में... 

पहले जानिए सुविधाओं के बारे में

एक IAS अधिकारी किसी भी जिले में सबसे बड़ा पता होता है. वहीं IPS उस जिले के पुलिस विभाग का मुखिया होता है. कहने को तो दोनों पद बराबर हैं, लेकिन इनके काम काफी अलग हैं. केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से IAS और IPS अधिकारियों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं, जिसमें मोटा वेतन, पेंशन, बंगला, नौकर और सरकारी गाड़ी भी शामिल है. 

IAS अधिकारी को किस कैटेगरी की सुरक्षा मिलती है. 

एक आईएएस अधिकारी किसी भी जिले का सबसे पावरफुल और सबसे बड़ा प्रशासनिक पद होता है. इसलिए इस पद पर तैनात अधिकारी की सुरक्षा भी सरकार की जिम्मेदारी होती है, जिससे वह अपने कर्तव्य का सही तरीके से निर्वहन कर सके. सरकार की ओर से एक IAS अधिकारी और उसकी परिवार की सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड मुहैया कराए जाते हैं. जब अधिकारी फील्ड में होता है तो उसे एक लोकल पुलिस और उसकी सुरक्षा में तैनात विशेष सुरक्षा गार्ड सुरक्षा मुहैया कराते हैं. साथ ही एक से दो गार्ड आईएएस अधिकारी के बंगले पर भी तैनात किए जाते हैं. अगर IAS अधिकारी की तैनाती संवेदनशील क्षेत्रों की जाती है तो खतरे को देखते हुए उसे विशेष सुरक्षा मुहैया कराई जाती है. वहीं, अगर अधिकारी को लगता है कि उसकी जान को खतरा है तो वह राज्य या केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने की भी मांग कर सकता है. केंद्र या राज्य सरकार खतरे का आंकलन कर उसे सुरक्षा प्रदान करती है. 

IPS अधिकारी को किस कैटेगरी की मिलती है सुरक्षा

किसी भी IPS या IAS अधिकारी को सुरक्षा उसकी रैंक के हिसाब से प्रदान की जाती है. जहां तक IPS अधिकारी की सुरक्षा का मामला है तो उसे एक एस्कॉर्ट वाहन मिलता है साथ ही एक से दो सुरक्षा कर्मी भी तैनात होते हैं. इसके अलावा लोकल पुलिस भी सुरक्षा में रहती है. अगर किसी IPS अधिकारी की तैनाती संवेदनशील या नक्सली क्षेत्र में है तो सरकारी की तरफ से उसकी सुरक्षा में कमांडो भी तैनात किए जा सकते हैं. हालांकि, इसका आंकलन राज्य या केंद्र सरकार करती है. IPS अधिकारी की रैंक के अनुसार, उनके बंगले पर भी सुरक्षा गार्डों की तैनाती होती है.

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प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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