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अमेरिका पर कुल कितना कर्ज, यह कितने देशों की GDP से ज्यादा?

US Debt: अमेरिका का कर्ज वक्त के साथ-साथ बढ़ता ही जा रहा है. आइए जानते हैं फिलहाल अमेरिका पर कितना कर्ज है और यह दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था की तुलना में कितना बड़ा है.

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  • बजट घाटे से पिछले दशक में कर्ज दोगुना हुआ।

US Debt: यूएस ट्रेजरी विभाग के आधिकारिक डेटा के मुताबिक यूएस का कुल राष्ट्रीय कर्ज ऐतिहासिक 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है.  अब यह कर्ज 40.10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इस कर्ज के आकार ने एक बार फिर से कई बड़े सवाल खड़े कर दिया है. आइए जानते हैं कि अमेरिका का यह कर्ज कितने देशों की जीडीपी से ज्यादा है.

$40 ट्रिलियन का अमेरिका का कर्ज कैसे बंटा हुआ है?

लगभग 33.26 ट्रिलियन डॉलर या फिर कुल कर्ज का लगभग 80% जनता के पास मौजूद कर्ज के रूप में बताया जाता है. इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, पेंशन फंड और विदेशी केंद्रीय बैंक के पास मौजूद ट्रेजरी बिल, नोट और बॉन्ड शामिल हैं. 

बाकी बचा लगभग ₹7.78 ट्रिलियन या फिर लगभग 20%, सरकारी विभागों के बीच के कर्ज को दर्शाता है. यह असल में वह पैसा है जो अमेरिका की एक सरकारी एजेंसी दूसरी एजेंसी को देती है. इसके मुख्य हिस्सों में सरकारी ट्रस्ट फंड शामिल हैं, जैसे सोशल सिक्योरिटी ट्रस्ट फंड और फेडरल मिलिट्री रिटायरमेंट फंड. यह अंतर काफी ज्यादा जरूरी है क्योंकि अमेरिका का सारा कर्ज बाहरी लेनदारों का नहीं है. इसका एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी सरकार के अंदर की देनदारी को दर्शाता है. 

चीन और भारत की तुलना में अमेरिका का कर्ज 

जब अमेरिका के कर्ज की तुलना दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी से की जाती है तो इसका आकार और भी साफ नजर आता है. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की जीडीपी लगभग $18.5 ट्रिलियन है. इस वजह से अमेरिका का लगभग 40.05 ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज चीन के कुल सालाना आर्थिक उत्पादन से दोगुने से भी ज्यादा है. 

भारत के साथ तुलना और भी चौंकाने वाली है. भारत की जीडीपी लगभग चार ट्रिलियन डॉलर है. इसी के साथ अमेरिका का कर्ज भारत के सालाना आर्थिक उत्पादन का लगभग 10 गुना है. 

छोटी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में यह आकार और भी बड़ा नजर आता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बाहर के 170 से ज्यादा देशों की जीडीपी को भी मिला दिया जाए तब भी उनका कुल आर्थिक उत्पादन अमेरिका के राष्ट्रीय कर्ज के बराबर नहीं होगा.


अमेरिका पर कुल कितना कर्ज, यह कितने देशों की GDP से ज्यादा?

अमेरिका का कर्ज और वैश्विक अर्थव्यवस्था 

दुनिया की कुल जीडीपी का अनुमान लगभग 105 ट्रिलियन डॉलर है. इस आंकड़े के मुताबिक अमेरिका का लगभग 40.05 ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज दुनिया के सालाना आर्थिक उत्पादन का लगभग 38% है. हालांकि कर्ज की तुलना सीधे ग्लोबल जीडीपी से करने को सावधानी से समझना चाहिए. राष्ट्रीय कर्ज वक्त के साथ जमा हुआ एक स्टॉक है और जीडीपी किसी खास साल में आर्थिक उत्पादन को मापता है. इस वजह से यह तुलना अमेरिका के कर्च के पैमाने को दिखाती हैं ना कि यह बताती है कि पूरा कर्ज 1 साल के ग्लोबल उत्पादन से सीधे चुकाया जा सकता है. 

हर अमेरिकी पर कितना कर्ज है? 

अगर अमेरिका के कुल राष्ट्रीय कर्ज को देश की आबादी के बीच बराबर बांट दिया जाए तो यह रकम हर व्यक्ति पर लगभग ₹1,18,000 होगी. यह लगभग 1 करोड़ रुपये के बराबर होता है.

इसका मतलब यह नहीं है कि हर अमेरिकी पर व्यक्तिगत रूप से यह रकम बकाया है. बल्कि यह आबादी के मुकाबले सरकार की बकाया देनदारी के पैमाने को दिखाने का एक गणितीय तरीका है.


अमेरिका पर कुल कितना कर्ज, यह कितने देशों की GDP से ज्यादा?

अमेरिका का कर्ज इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है? 

अमेरिका को अपना पहला एक ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज जमा करने में दो सदियों से ज्यादा का वक्त लगा. बीते कुछ सालों में यह रफ्तार काफी तेजी से बढ़ी है और अब कर्ज सिर्फ 51 दिनों में लगभग 8 ट्रिलियन बढ़ जाता है. 2016 में यह 20 ट्रिलियन डॉलर से कम था. इसका मतलब है कि पिछले दशक में कुल कर्ज असल में दोगुना हो गया है.

एक बड़ी वजह लगातार बना हुआ बजट घाटा है. सरकार टैक्स और दूसरे राजस्व से जितनी कमाई करती है उससे ज्यादा खर्च करती रहती है. अनुमान है कि 2026 में अमेरिका का सालाना बजट घाटा लगभग 1.9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. टैक्स में कटौती से भी सरकारी राजस्व कम हुआ है. इसी के साथ खर्च की प्रतिबद्धता बढ़ रही है.

यह भी पढ़ेंः कौन और कैसे तय होती हैं क्रूड ऑयल की कीमत, अब क्यों बढ़ रहे दाम?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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