सहारा के पास देश-दुनिया में कितनी प्रॉपर्टी, कितनी सरकार ने की फ्रीज?
सहारा समूह खुद अपनी वेबसाइट और अलग-अलग मौकों पर दावा करता रहा है कि उसकी कुल संपत्ति करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा की है, जबकि समूह की कुल नेटवर्थ करीब 68,000 करोड़ रुपये आंकी गई है.

सहारा इंडिया के निवेशक अपने फंसे हुए पैसों को वापस पाने की उम्मीद में लगातार सरकार और कोर्ट के फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं. सहारा का साम्राज्य एक समय भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फैला हुआ था. लेकिन कानूनी विवादों में फंसने के बाद आज कंपनी की बेहद कीमती संपत्तियां बिकने और फ्रीज होने की कगार पर हैं.
हाल ही में यह खबर भी खूब चर्चा में रही कि सहारा अपनी कई प्रमुख संपत्तियों को बेचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि निवेशकों का पैसा लौटाया जा सके. ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर सहारा के पास कुल कितनी प्रॉपर्टी है और इसमें से सरकार या जांच एजेंसियों ने कितनी फ्रीज की है?
सहारा का कुल कारोबार कितना बड़ा है?
सहारा समूह खुद अपनी वेबसाइट और अलग-अलग मौकों पर दावा करता रहा है कि उसकी कुल संपत्ति करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा की है, जबकि समूह की कुल नेटवर्थ करीब 68,000 करोड़ रुपये आंकी गई है. सहारा का कारोबार फाइनेंस, रियल एस्टेट, मीडिया, हाउसिंग और हॉस्पिटैलिटी यानी होटल कारोबार तक फैला हुआ है. यही वजह है कि जब निवेशकों के पैसे लौटाने का मामला अदालत में पहुंचा, तो कोर्ट ने भी सहारा को अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाने के निर्देश दिए थे.
देश में सहारा की सबसे बड़ी संपत्ति
भारत में सहारा समूह की सबसे चर्चित संपत्ति पुणे के पास बना एंबी वैली सिटी प्रोजेक्ट है, जो हजारों एकड़ में फैला एक शानदार टाउनशिप है. सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रॉपर्टी की कीमत करीब 34,000 करोड़ रुपये आंकी थी और निवेशकों का पैसा न लौटाए जाने पर कोर्ट ने इस पूरी प्रॉपर्टी की नीलामी तक के आदेश दे दिए थे.
इसके अलावा मुंबई के पास वसई में सहारा के पास करीब 200 एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत करीब 1,500 करोड़ रुपये आंकी गई थी. इनके अलावा उत्तराखंड और देश के कई और राज्यों में भी सहारा की जमीनों को सेबी ने समय-समय पर नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया है, ताकि निवेशकों को पैसा लौटाया जा सके.
विदेशों में सहारा के मशहूर होटल
सहारा समूह ने विदेशों में भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रखा है, खासकर लग्जरी होटल कारोबार में. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में सहारा के पास मशहूर प्लाजा होटल में करीब 75 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत उस वक्त करीब 3,200 करोड़ रुपये आंकी गई थी.
इसके अलावा न्यूयॉर्क में ही सहारा के पास ड्रीम डाउनटाउन होटल भी है. लंदन में सहारा ने ग्रोसवेनर हाउस नाम का ऐतिहासिक होटल भी खरीदा था, जिसे रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड से खरीदा गया था. ये तीनों होटल दुनिया के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित होटलों में गिने जाते हैं, और सालों से सहारा इन्हें बेचकर निवेशकों का पैसा जुटाने की कोशिश करता रहा है.
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अब तक कितनी संपत्ति पर शिकंजा कसा गया?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेबी और बॉम्बे हाईकोर्ट के लिक्विडेटर ने सहारा की कई संपत्तियों पर अटैचमेंट यानी कुर्की की कार्रवाई की है. हाल के वर्षों में यह भी खबर आई कि अडानी समूह सहारा की कई संपत्तियों, जैसे होटल, मॉल और टाउनशिप को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है, जिसकी कीमत करीब 2.82 अरब डॉलर आंकी गई है. यह डील अभी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है. अगर यह सौदा पूरा होता है, तो इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल भी सहारा के लाखों निवेशकों को उनका बकाया पैसा लौटाने में किया जा सकता है.
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