एक्सप्लोरर

बंटवारे के बाद भारत की किन-किन चीजों पर हुआ पाकिस्तान का कब्जा? देखें पूरी लिस्ट

बंटवारे में भारत ने सिर्फ जमीन नहीं, कई अहम संसाधन भी गंवाए. इन फैसलों का असर भारत ने सालों तक महसूस किया. आइए जानें कि पाकिस्तान ने भारत के किन-किन चीजों पर कब्जा कर लिया.

1947 का बंटवारा सिर्फ दो देशों का नहीं था, बल्कि संसाधनों, संस्थानों और ताकत का भी बंटवारा था. आजादी की खुशी के बीच भारत ने कई ऐसे नुकसान झेले, जिनका असर सालों तक रहा. बहुत सी अहम चीजें ऐसी थीं, जो भारत के काम आ सकती थीं, लेकिन हालात और फैसलों के चलते पाकिस्तान के हिस्से में चली गईं. सवाल आज भी उठता है कि आखिर बंटवारे में भारत ने क्या खोया और पाकिस्तान ने भारत की किन चीजों पर अपना कब्जा जमाया. चलिए जानें. 

जमीन ही नहीं, संसाधनों का भी बंटवारा

भारत और पाकिस्तान का बंटवारा सिर्फ नक्शे पर लाइन खींचने तक सीमित नहीं था. इसके साथ सेना, पैसा, पानी, रेलवे, बंदरगाह और कारखानों तक का बंटवारा किया गया. कागजों पर सब कुछ तय था, लेकिन जमीनी हालात में भारत को कई मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ा.

सैन्य संपत्ति में पाकिस्तान को बढ़त

ब्रिटिश भारत की सेना का बंटवारा तय अनुपात में होना था. पाकिस्तान को कुल सैन्य संसाधनों का करीब 17 प्रतिशत मिलना था, लेकिन व्यवहार में पाकिस्तान को जरूरत से ज्यादा हथियार, गोला-बारूद और सैन्य ढांचा मिला. कई अहम छावनियां और हथियार डिपो पाकिस्तान के हिस्से में चले गए. आजादी के तुरंत बाद जब भारत को कश्मीर संकट का सामना करना पड़ा, तब सैन्य संसाधनों की कमी साफ नजर आई.

नकद खजाने का विवाद

बंटवारे के समय तय हुआ था कि पाकिस्तान को 75 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. भारत ने 20 करोड़ रुपये तुरंत दे दिए थे. बाद में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर पर हमला हुआ, जिसके बाद भारत ने बाकी रकम रोक ली. हालांकि महात्मा गांधी के आग्रह पर भारत ने शेष 55 करोड़ रुपये भी पाकिस्तान को दे दिए. यह रकम उस समय भारत के लिए बेहद अहम थी, लेकिन हालात के चलते पाकिस्तान के पास चली गई.

नदियां और सिंचाई व्यवस्था

पंजाब की ज्यादातर नहरों के हेडवर्क पाकिस्तान के इलाके में चले गए, जबकि खेतों का बड़ा हिस्सा भारत में था. इससे भारत के किसानों को शुरुआती वर्षों में भारी परेशानी हुई. पानी की सप्लाई को लेकर तनाव बढ़ा और आखिरकार 1960 में सिंधु जल समझौता करना पड़ा. यह मुद्दा आज भी भारत-पाक रिश्तों में अहम माना जाता है.

रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर

रेलवे नेटवर्क का बंटवारा भी भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. कई महत्वपूर्ण रेलवे लाइनें, वर्कशॉप और इंजन पाकिस्तान के हिस्से में चले गए. भारत को अपने विशाल रेलवे नेटवर्क को नए सिरे से व्यवस्थित करना पड़ा. शुरुआती वर्षों में ट्रेनों की कमी और ढांचे की कमजोरियां साफ दिखाई दीं.

बंदरगाहों का नुकसान

ब्रिटिश भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक बंदरगाह कराची था, जो पाकिस्तान को मिला. इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में शुरुआती दौर में मुश्किलें आईं. बाद में भारत ने मुंबई, कोलकाता और विशाखापट्टनम जैसे बंदरगाहों को विकसित किया, लेकिन कराची बंदरगाह का नुकसान लंबे समय तक महसूस किया गया.

कच्चा माल और उद्योग

कपास उगाने वाले ज्यादातर इलाके पाकिस्तान में चले गए, जबकि कपड़ा मिलें भारत में रह गईं. इससे भारत के टेक्सटाइल उद्योग को कच्चे माल की कमी झेलनी पड़ी. इसी तरह जूट के मामले में भी समस्या आई, क्योंकि जूट उगाने वाले क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान में थे और मिलें भारत में.

सरकारी दफ्तर और रिकॉर्ड

बंटवारे के दौरान कई मंत्रालयों से जुड़ी फाइलें, नक्शे और प्रशासनिक ढांचा पाकिस्तान को सौंपा गया. इससे भारत को शासन व्यवस्था दोबारा खड़ी करनी पड़ी. नए अफसर, नए सिस्टम और नए नियम बनाना एक बड़ी चुनौती थी.

यह भी पढ़ें: पानीपत में ही क्यों हुईं भारत की तीन सबसे बड़ी लड़ाइयां, किसी और जगह को क्यों नहीं चुनते थे राजा?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Assembly Elections 2026: आचार संहिता लागू होने के कितने दिन बाद होते हैं मतदान, देख लीजिए चुनाव का पूरा कैलकुलेशन
आचार संहिता लागू होने के कितने दिन बाद होते हैं मतदान, देख लीजिए चुनाव का पूरा कैलकुलेशन
Assembly Elections 2026: जिन 5 राज्यों में चुनाव वहां सबसे ज्यादा कहां हैं Gen Z वोटर्स, देख लें चुनाव आयोग के आंकड़े
जिन 5 राज्यों में चुनाव वहां सबसे ज्यादा कहां हैं Gen Z वोटर्स, देख लें चुनाव आयोग के आंकड़े
Assembly Elections 2026: पांच राज्यों में चुनाव आयोग ने बनाए कितने पोलिंग बूथ, जानें आपके घर से कितनी दूरी पर पड़ेंगे वोट?
पांच राज्यों में चुनाव आयोग ने बनाए कितने पोलिंग बूथ, जानें आपके घर से कितनी दूरी पर पड़ेंगे वोट?
Assembly Elections 2026: आचार संहिता लागू होने के बाद कौन-कौन से फैसले नहीं ले सकती राज्य सरकार, जानें कितनी कम हो जाती है पावर?
आचार संहिता लागू होने के बाद कौन-कौन से फैसले नहीं ले सकती राज्य सरकार, जानें कितनी कम हो जाती है पावर?
Advertisement

वीडियोज

Sansani:अलविदा माफ करना हरीश! |Ghaziabad | Crime News
Maharashtra News: नवी मुंबई में मौत का तांडव! युवक ने फुटपाथ पर चढ़ाई Scorpio...! | Road Saftey
Iran Israel War: कौन हैं Mojtaba Khamenei? 25 कहानियों मेंसमझिए ईरान की सत्ता का पूरा गणित! | Trump
Iran Israel War: ईरान के ताबड़तोड़ हमले जारी...कैसे रोकेगा इजरायल? | Trump | Breaking
Sandeep Chaudhary: 21 दिन..निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण | Election 2026
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली में LPG वितरण का नया सिस्टम, 5 किलो वाले सिलेंडर पर रोक, इन 8 सेवाओं में होगी कटौती
दिल्ली में LPG वितरण का नया सिस्टम, 5 किलो वाले सिलेंडर पर रोक, इन 8 सेवाओं में होगी कटौती
‘मैं मर गया हूं...’, मौत की अफवाहों के बीच नेतन्याहू का वीडियो आया सामने, जानें बीबी ने क्या कहा?
‘मैं मर गया हूं...’, मौत की अफवाहों के बीच नेतन्याहू का वीडियो आया सामने, जानें बीबी ने क्या कहा?
राजस्थान रॉयल्स को खरीदना चाहता है IPL का पूर्व चेयरमैन, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
राजस्थान रॉयल्स को खरीदना चाहता है IPL का पूर्व चेयरमैन, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
West Bengal Election 2026: बंगाल में 8 की जगह अब सिर्फ 2 चरणों में चुनाव, ममता बनर्जी के लिए कितना मुश्किल? जानें एक्सपर्ट्स की राय
बंगाल में 8 की जगह सिर्फ 2 चरणों में चुनाव, ममता के लिए कितना मुश्किल? जानें एक्सपर्ट्स की राय
'केडी: द डेविल' के नए गाने ने मचाया धमाल, 'सरके चुनर तेरी सरके' में नोरा फतेही और संजय दत्त ने लगाई आग
'केडी: द डेविल' के नए गाने ने मचाया धमाल, 'सरके चुनर तेरी सरके' में नोरा फतेही और संजय दत्त ने लगाई आग
Iran-Israel War: LPG संकट ने गिग वर्कर्स पर ढाया कहर, कमाई पर पड़ा असर, घर चलाने में हो रही परेशानी
LPG संकट ने गिग वर्कर्स पर ढाया कहर, कमाई पर पड़ा असर, घर चलाने में हो रही परेशानी
आपके इलाके में PNG कनेक्शन मिलता है या नहीं, ऐसे कर सकते हैं चेक
आपके इलाके में PNG कनेक्शन मिलता है या नहीं, ऐसे कर सकते हैं चेक
"ये मुंबई है यहां पैसा बरसता है" माया नगरी के ऑटो वाले कमा रहे 75000 रुपये महीना, वीडियो से हैरान इंटरनेट
Embed widget