एक्सप्लोरर

Vaibhav Suryavanshi: क्या करते हैं वैभव सूर्यवंशी के पापा, वो क्यों नहीं बन पाए क्रिकेटर?

Vaibhav Suryavanshi: श्रीलंका ट्राई सीरीज में श्रीलंका के खिलाड़ी के साथ वैभव सूर्यवंशी की धक्का मुक्की हो गई. इसी बीच आइए जानते हैं कि वैभव सूर्यवंशी के पिता क्या करते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका मैच के बाद विवाद से चर्चा में आए।
  • पिता संजीव आर्थिक तंगी से क्रिकेटर नहीं बन पाए थे।
  • बेटे के सपने हेतु पिता ने पुश्तैनी जमीन भी बेची।
  • वैभव अब भारत के होनहार युवा क्रिकेटर बन उभरे हैं।

Vaibhav Suryavanshi: श्रीलंका में चल रही ट्राई सीरीज में श्रीलंका ए के खिलाफ भारत के मैच के बाद हुई एक घटना की वजह से 15 साल के शानदार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा में आ गए हैं. मैच के बाद श्रीलंका के खिलाड़ी के साथ हुई धक्का मुक्की ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है. इस विवाद के बीच आइए जानते हैं कि वैभव सूर्यवंशी के पिता क्या करते हैं और वे क्रिकेटर क्यों नहीं बन पाए. 

एक किसान का सपना 

वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी मुख्य रूप से एक किसान हैं और उन्होंने पहले एक छोटी सी दुकान भी चलाई थी. अपने बेटे के क्रिकेट स्टार बनने से काफी पहले संजीव ने खुद भी इस खेल में बड़ा नाम कमाने का सपना देखा था. उन्हें क्लब स्तर का एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर माना जाता था और उन्हें उम्मीद थी कि वे मैदान पर अपना प्रोफेशनल करियर बना पाएंगे. 

हालांकि हालात ने उन्हें अपनी ख्वाहिश को आगे बढ़ाने से रोक दिया. परिवार की आर्थिक तंगी की वजह से उनके लिए बेहतर कोचिंग और कॉम्पिटिटिव क्रिकेट से जुड़े खर्च उठाना नामुमकिन था. साथ ही बिहार में क्रिकेट का इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित था और राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई से पूरी मान्यता नहीं मिली थी. इस वजह से स्थानीय खिलाड़ियों के आगे बढ़ने का मौका कम हो गया था. 

संजीव के क्रिकेट सफर में सबसे बड़ी बाधा आर्थिक तंगी ही थी. क्रिकेट में कोचिंग, सामान, यात्रा और टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए लगातार निवेश की जरूरत होती है और उनके परिवार के लिए इन सब का खर्च उठाना मुश्किल था. इसके अलावा उनकी जवानी के दिनों में बिहार में सही पहचान और क्रिकेट के मौकों की कमी ने भी उनके ऊंचे स्तर तक पहुंचने की संभावना को कम कर दिया था.

यह भी पढ़ेंः एथेनॉल बनाने के लिए पानी भी होगा‌ इस्तेमाल, जानें 1 लीटर ईंधन के लिए कितने पानी की होगी खपत?

बेटे के सपने को मिशन में बदला 

अपनी खुद की क्रिकेट की ख्वाहिशों को पूरा न कर पाने की वजह से संजीव ने खुद को पूरी तरह से वैभव की सफलता में मदद करने के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने अपने बेटे के विकास और ट्रेनिंग पर ध्यान देने के लिए अपना काम और बिजनेस छोड़ दिया. जो एक पिता के सहयोग के तौर पर शुरू हुआ था वह धीरे-धीरे एक फुल-टाइम मिशन बन गया. 

वैभव को अच्छी कोचिंग मिल सके इसके लिए संजीव ने परिवार की पुश्तैनी खेती की जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया. उस पैसे का इस्तेमाल एकेडमी की फीस, यात्रा के खर्च और क्रिकेट ट्रेनिंग से जुड़े दूसरे खर्चों को पूरा करने में किया गया.

आज वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे होनहार युवा क्रिकेटरों में से एक बनकर उभरे हैं. एज ग्रुप क्रिकेट में उनके आगे बढ़ना, आईपीएल इकोसिस्टम में उनकी मौजूदगी और भारत के टी20 सेटअप से उनका जुड़ाव यह सब उनके परिवार की हिम्मत और कुर्बानी का फल है.

यह भी पढ़ेंः अगर ब्लैक होल के करीब चला जाए इंसान तो क्या होगा, जानें क्या कहता है विज्ञान?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Old Monk का जलियांवाला बाग कनेक्शन, FSSAI की कार्रवाई के बीच जानें
Old Monk का जलियांवाला बाग कनेक्शन, FSSAI की कार्रवाई के बीच जानें
Bihar Domicile Certificate: दिल्ली में घर और यहीं का आधार, कैसे मिलेगा बिहार का पैतृक डोमिसाइल?
दिल्ली में घर और यहीं का आधार, कैसे मिलेगा बिहार का पैतृक डोमिसाइल?
Jharkhand Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर से कितना अलग है JPSC आंदोलन, क्या हैं छात्रों की मांगें?
दिल्ली के जंतर-मंतर से कितना अलग है JPSC आंदोलन, क्या हैं छात्रों की मांगें?
Helicopter Booking For Wedding: हेलिकॉप्टर से ले जानी है बारात, जानिए कितना पैसा करना होगा खर्च?
हेलिकॉप्टर से ले जानी है बारात, जानिए कितना पैसा करना होगा खर्च?
Advertisement

वीडियोज

Sansani: अतीक अहमद के बेटे की दर्दनाक मौत
Jannat Zubair ने Elvish Yadav संग Dating Rumours पर तोड़ी चुप्पी, बताया रिश्ते का सच
Prince Narula ने Shivangi-Harshad की Bonding को बताया 'Nibba Nibbi Wala Pyaar'
Shreya Kalra की Controversies ने मचाया बवाल, फिर भी बनीं Lock Upp 2 की Winner
Dipika Kakar हुईं Emotional, Cancer Treatment के दौरान बोलीं- अभी हिम्मत नहीं हार सकती
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तरुण तेजपाल क्यों करने लगे शरजील इमाम और उमर खालिद से अपनी तुलना? जानें
तरुण तेजपाल क्यों करने लगे शरजील इमाम और उमर खालिद से अपनी तुलना? जानें
पप्पू यादव के खिलाफ थाने पहुंचा चप्पल फेंकने वाला आरोपी, पूर्णिया सांसद पर लगाए ये आरोप
पप्पू यादव के खिलाफ थाने पहुंचा चप्पल फेंकने वाला आरोपी, पूर्णिया सांसद पर लगाए ये आरोप
'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है, वे...', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
चेन्नई नहीं KKR को जॉइन करेंगे हार्दिक पांड्या? 25 करोड़ के साथ कप्तानी भी मिलेगी!
चेन्नई नहीं KKR को जॉइन करेंगे हार्दिक पांड्या? 25 करोड़ के साथ कप्तानी भी मिलेगी!
Main Vaapas Aaunga OTT Release: इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा' ओटीटी पर हुई रिलीज, जानें- कहां देख सकते हैं ये फिल्म
इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा' ओटीटी पर हुई रिलीज, जानें- कहां देख सकते हैं ये फिल्म
Gen-Z पर मोहन भागवत करते हैं अंधा भरोसा, बोले- 'वो कभी भी...'
Gen-Z पर मोहन भागवत करते हैं अंधा भरोसा, बोले- 'वो कभी भी...'
दिल्ली में आज भी बारिश, जगह-जगह जलभराव, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
दिल्ली में आज भी बारिश, जगह-जगह जलभराव, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
Embed widget