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जानें दुनिया के वो 5 सबसे विनाशकारी भूकंप, जिसने लील ली थी कई जिंदगियां

रूस में आए भूकंप के बाद जापान में सुनामी आई और अमेरिका में सुनामी का अलर्ट जारी किया गया. आइये जानते हैं दुनिया के उन विनाशकारी भूकंप के बारे में जिसने जनजीवन बुरी तरह बर्बाद कर दिया.

रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचाटका प्रायद्वीप में बुधवार 30 जुलाई को 8.8 तीव्रता के भूकंप ने धरती को बुरी तरह हिलाकर रख दिया. बताया जा रहा है कि 1952 के बाद अबतक का ये सबसे शक्तिशाली भूकंप रहा. इस भूकंप के बाद जापान में सुनामी आई और अमेरिका में सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया. कुछ जगहों पर सुनामी की ऊंची लहरें भी देखने को मिलीं. भूकंप के बाद सुनामी का खतरा प्रकृति की उस ताकत को बयां करते हैं, जो बिना चेतावनी के भयंकर तबाही मचा सकती है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं दुनिया के उन पांच सबसे बड़े और विनाशकारी भूकंप के बारे में जिसने न सिर्फ धरती को हिलाया बल्कि लाखों जिंदगियों को बर्बाद कर दिया.

वाल्डिविया, चिली 

1960 में को चिली के वाल्डिविया में आए भूकंप को धरती का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जाता है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता थी 9.5. इस भूकंप ने न सिर्फ चिली को हिलाया बल्कि इसके बाद आई सुनामी ने हवाई, जापान और फिलीपींस तक तबाही मचाई. लगभग इसमें 5,700 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि लाखों लोग बेघर हो गए थे.


अलास्का, अमेरिका

दूसरा सबसे बड़ा भूकंप आया साल 1964 को अमेरिका के अलास्का में. इसकी तीव्रता थी 9.3 और यह तीन मिनट तक लगातार हिलता रहा. इस भूकंप ने 35 फीट ऊंची सुनामी लहरें पैदा कीं, जिन्होंने तटीय इलाकों को तबाह कर दिया. इस भूकंप में 139 लोगों की जान गई थी.

सुमात्रा, इंडोनेशिया 

तीसरे नंबर पर है 2004 को इंडोनेशिया के सुमात्रा में आया भूकंप, जिसकी तीव्रता थी 9.1. इसके बाद सुनामी ने कई देशों तक अपना प्रकोफ दिखाया. इस प्राकृतिक आपदा में करीब 2.28 लाख लोगों की मौत हुई थी इंडोनेशिया में 1 लाख 68 हजार से ज्यादा लोग मारे गए और कुल मिलाकर 2 लाख 30 हजार से अधिक लोगों की जान गई. यह दुनिया की सबसे खतरनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी. इसने सुमात्रा के तटीय इलाकों को बुरी तरह तबाह कर दिया.

तोहोकु, जापान

साल 2011 में जापान के तोहोकु में भूकंप आया था. इस भूकंप की तीव्रता थी 9.1. इस तबाही में करीब 19,750 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि 1 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा.

कामचटका, रूस 

पांचवां भूकंप है रूस के कामचटका में 1952 में आया था. जिसकी तीव्रता थी 9.0. यह दुनिया का पहला दर्ज किया गया 9.0 तीव्रता का भूकंप था. इस दौरान सुनामी आई और करोड़ों रुपये की संपत्ति बर्बाद हो गई.

इसे भी पढ़ें- बीच समंदर में सुनामी आने के बावजूद क्यों नहीं डूबते शिप और क्रूज, कब होता है सबसे ज्यादा डूबने का खतरा?

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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