Haunted Forts India: ये हैं भारत के सबसे रहस्यमयी किले, जिनकी कहानियां सुन रात में नहीं आती नींद
Haunted Forts India: भारत में कुछ ऐसे किले भी है जो ऐतिहासिक होने के साथ-साथ काफी भूतिया भी हैं. आइए जानते हैं उन किलों के बारे में पूरी जानकारी.

Haunted Forts India: भारत का लैंडस्केप शानदार किलों से भरा हुआ है. ये किले शक्ति, बहादुर और शाही शान के प्रतीक हैं. लेकिन यह किले सिर्फ ऐतिहासिक ही नहीं है बल्कि इनमें से कुछ ऐसे किले भी हैं जहां पर लोक कथाएं, डर और इतिहास टकराते हैं. आइए जानते हैं भारत के कुछ उन किलों के बारे में जिनकी कहानियां आपको रात भर सोने नहीं देंगी.
भानगढ़ किला
अक्सर भारत की सबसे भूतिया जगह कहे जाने वाले भानगढ़ किले की पहचान एक डरावनी कहानी से जुड़ी हुई है. लोक कथाओं के मुताबिक एक तांत्रिक ने राजकुमारी रत्नावती को अपने प्यार में पागल करने के लिए काला जादू करने की कोशिश की थी. जब जादू फेल हो गया और वह मर गया तो उसने किले को श्राप दिया. उसने यह श्राप दिया कि वहां कोई भी जीवित नहीं बचेगा और उनकी आत्माएं हमेशा के लिए फंसी रहेंगी. आज भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आधिकारिक तौर पर सूर्यास्त के बाद प्रवेश पर रोक लगाता है.
शनिवार वाड़ा
कभी शक्तिशाली पेशवाओं की गद्दी रहा शनिवार वाड़ा राजनीतिक धोखे और खून खराबे से श्रापित है. 1773 में युवा पेशवा नारायण राव की उनके ही रिश्तेदारों के आदेश पर किले के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है की पूर्णिमा की रातों में उनकी बेताब चीख 'काका माला वाचावा' (चाचा मुझे बचाओ) आज भी खंडहरों में गूंजती है.
मेहरानगढ़ किला
यह किला जोधपुर के ऊपर शान से खड़ा है. जब इसको बनाया जा रहा था तब विस्थापित हुए एक साधु ने जमीन को हमेशा सूखे का श्राप दिया था. श्राप को खत्म करने के लिए कथित तौर पर राजाराम मेघवाल नाम के एक आदमी को नींव में जिंदा दफना दिया गया था. ऐसा कहा जाता है कि उसका बलिदान काम आया और उसकी आत्मा आज भी किले की रक्षा करती है.
कुंभलगढ़ किला
अपनी बड़ी दीवारों के लिए मशहूर कुंभलगढ़ किला एक भयानक कहानी से जुड़ा हुआ है. जब किले की दीवारें निर्माण के दौरान बार-बार गिर रही थी तो एक संत ने किले को खड़ा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था. उनके बलिदान के बाद दीवारें आखिरकार मजबूत हो गई. ऐसा कहा जाता है कि संत की आत्मा आज भी वहीं रहती है और उस किले से हमेशा के लिए बंधी हुई है जिसके लिए उन्होंने अपनी जान दे दी थी.
नाहरगढ़ किला
इस किले को बनवाते समय कई रहस्यमई रुकावटें आई थी. स्थानीय लोगों का ऐसा मानना था कि नहर सिंह भोमिया की आत्मा काम में रुकावट डाल रही है. उन्हें खुश करने के लिए किले के अंदर उनके सम्मान में एक मंदिर भी बनाया गया. इतना ही नहीं बल्कि किले का नाम भी इसी आत्मा से पड़ा है.
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Source: IOCL
























