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इन 4 देशों में नहीं बन सकतीं ऊंची इमारतें, 2 देशों में तो हाईराइज बनाने की इजाजत ही नहीं मिलती

दुबई का बुर्ज खलीफा, शंघाई टावर (632 मीटर) जैसी गगनचुंबी इमारतें पूरी दुनिया को अट्रैक्ट करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ देश ऐसे भी हैं जहां आप इतनी ऊंची इमारतें नहीं हैं.

हर साल 3 सितंबर को गगनचुंबी इमारत दिवस यानी Skyscraper Day मनाया जाता है. यह दिन उन शानदार इमारतों और उन्हें बनाने वाले लोगों को समर्पित है, जिन्होंने इंसानी कल्पना और तकनीक को ऊंचाइयों तक पहुंचाया. गगनचुंबी इमारतें न सिर्फ मॉर्डन इंजीनियरिंग का कमाल होती हैं, बल्कि ये उस देश की प्रगति और तकनीकी विकास की भी प्रतीक मानी जाती हैं.

दुबई का बुर्ज खलीफा, शंघाई टावर (632 मीटर) जैसी इमारतें पूरी दुनिया को अट्रैक्ट करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ देश ऐसे भी हैं जहां आप इतनी ऊंची इमारतें नहीं हैं. दुनिया में कई ऐसे देश या शहर हैं जहां ऊंची बिल्डिंग्स बनाना या तो पूरी तरह से मना है या बहुत सख्त नियमों के तहत सीमित है. यह प्रतिबंध सिर्फ तकनीकी वजहों से नहीं, बल्कि संस्कृति, विरासत, कानून और जनसंख्या जैसे कारणों के चलते लगाए गए हैं तो चलिए जानते हैं कि किन 4 देशों में ऊंची इमारतें नहीं बन सकतीं. 

सकिन 4 देशों में ऊंची इमारतें नहीं बन सकतीं

1. यूरोपीय देश – यूरोप का नाम सुनते ही मन में खूबसूरत इमारतें, पुरानी गलियां और ऐतिहासिक चर्चों सामने आती है. वहां के देश ऊंची इमारतों के पीछे नहीं भागते बल्कि, वे अपने शहरों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना ज्यादा जरूरी समझते हैं. जैसे पेरिस का एफिल टॉवर (1063 फीट) शहर की पहचान है, लेकिन इसके अलावा यहां ज्यादा ऊंची इमारतें नहीं मिलेंगी. इसके अलावा रोम, इटली का कानून कहता है कि किसी भी इमारत की ऊंचाई सेंट पीटर बेसिलिका के गुंबद से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. ऐतिहासिक इमारतें बाधित न हो, इसके लिए सख्त नियम हैं. 

2. वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका – संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों वाले देशों में गिना जाता है, लेकिन उसकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी इसका एक्सेपशन है. यहां एक सख्त कानून बिल्डिंग हाइट एक्ट 1989 के तहत इमारतों की ऊंचाई पर सख्त रोक है. आम रिहायशी सड़कों पर इमारत की ऊंचाई 27 मीटर (लगभग 90 फीट) तक ही हो सकती है, जबकि मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में यह 40 से 49 मीटर तक जाती है. इसका मकसद राजधानी की ऐतिहासिक इमारतें, खासकर वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट और यूएस कैपिटल बिल्डिंग, हमेशा नजर आएं. 

3. चीन – चीन में कुछ साल पहले तक एक-दूसरे से ऊंची इमारतें बनाने की होड़ मची हुई थी. शंघाई टावर (632 मीटर), पिंग एंड फाइनेंस सेंटर (599 मीटर) जैसी कई ऊंची इमारतें वहाँ मौजूद हैं, लेकिन अब चीन सरकार ने छोटे और मध्यम शहरों में गगनचुंबी इमारतों पर प्रतिबंध लगा दिया है. नए नियमों के अनुसार, 3 मिलियन से कम जनसंख्या वाले शहरों में 150 मीटर से ऊंची इमारतों पर रोक है. 3 मिलियन से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों में 250 मीटर से ज्यादा ऊंचाई की इमारत के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी. 500 मीटर से ऊंची कोई भी इमारत अब पूरे चीन में नहीं बनाई जा सकती हैं. 

4. ओमान – ओमान मध्य-पूर्व का एक अमीर देश है, जहां तेल के बड़े भंडार हैं फिर भी यहां ऊंची इमारतें नहीं मिलती क्योंकि ओमान ने पश्चिमी देशों की नकल करने के बजाय अपनी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक वास्तुकला को बचाए रखने का फैसला किया है. यूएई और सऊदी अरब जैसे पड़ोसी देश जहां ऊंची और भविष्यवादी इमारतों में अरबों डॉलर खर्च करते हैं, ओमान अपने शहरों को पारंपरिक शैली में ही सजाना चाहता है. यहां आज भी लो-राइज (low-rise) भवन बनाए जाते हैं, और स्काईलाइन को सीमित रखा जाता है. 

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