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वैज्ञानिकों ने बनाया पानी के अंदर काम करने वाला सुपरग्लू, जानें कैसे करेगा काम?

वैज्ञानिकों ने सुपरामॉलिक्यूलर आयनिक लिक्विड से ऐसा अंडरवाटर सुपरग्लू बनाया है जो पानी के अंदर 10 सेकंड में 1.1 मिलियन पास्कल की मजबूती से चिपकता है और सालों तक टिकता है.

हमारी दिनचर्या में जूते चिपकाने से लेकर सोफा या फर्नीचर सुधारने तक गोंद का इस्तेमाल बेहद आम है. लेकिन समंदर के भीतर गहरे पानी में किसी भी सतह को मजबूती से जोड़ना हमेशा से दुनिया भर के इंजीनियर्स के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती रहा है. पानी की मौजूदगी सतह पर एक ऐसी परत बना देती है, जो सामान्य गोंद को टिकने नहीं देती. वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने इस मुश्किल को हमेशा के लिए आसान बना दिया है. वैज्ञानिकों ने ऐसा जादुई सुपरग्लू तैयार किया है, जो पानी के अंदर महज 10 सेकंड में चीजों को जोड़ देता है और सालों तक अपनी पकड़ बनाए रखता है.

पानी के भीतर क्यों काम नहीं करते गोंद?

समंदर या गहरे पानी के अंदर सामान्य गोंद के काम न कर पाने की सबसे मुख्य वजह पानी के मॉलिक्यूल्स होते हैं. पानी के मॉलिक्यूल किसी भी वस्तु की सतह पर तुरंत अपनी एक सुरक्षा परत बना लेते हैं. यह परत किसी भी बाहरी चिपचिपे पदार्थ को सतह के सीधे संपर्क में आने से रोकती है. इसके अलावा, समंदर की लहरों का तेज बहाव और दबाव आम गोंद को टिकने से पहले ही बहा ले जाता है. इसी कारण अंडरवाटर पाइपलाइन, जहाजों और अन्य समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत करना इंजीनियर्स के लिए एक जटिल समस्या बना हुआ था.

10 सेकेंड में कैसे चिपकाएगा ग्लू?

वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए इस नए सुपरग्लू को 'सुपरामॉलिक्यूलर आयनिक लिक्विड' कहा जाता है. यह तकनीक मॉलिक्यूल से आगे की एडवांस केमिस्ट्री पर काम करती है, जहां कई मॉलिक्यूल आपस में मिलकर एक बेहद मजबूत और जटिल ढांचा तैयार करते हैं. रिसर्चर्स ने इसे बनाने के लिए फ्लेक्सिबल और कठोर मॉलिक्यूलर कंपोनेंट्स को मिलाया है, जिसे BP16TPB नाम दिया गया है. इसके बाद इसे एक खास सॉल्वेंट DMSO के साथ मिलाया जाता है. पानी के संपर्क में आते ही इसके पार्टिकल्स खुद को फिर से अरेंज कर लेते हैं और सतह पर हाइड्रोजन बॉन्ड्स की मदद से एक मजबूत जोड़ बनाते हैं.

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मारंगोनी इफेक्ट और पानी को हटाने का जादू

यह खास गोंद विज्ञान के मारंगोनी इफेक्ट का पूरा फायदा उठाता है. यह वही सिद्धांत है जो सरफेस टेंशन के बदलाव पर काम करता है और इसका इस्तेमाल इंकजेट प्रिंटर या प्रेग्नेंसी स्ट्रिप्स में भी होता है. इस गोंद में पानी को दूर धकेलने की गजब की क्षमता होती है. जैसे ही इसे पानी के अंदर लगाया जाता है, यह सतह पर जमी पानी की परत को पूरी तरह हटा देता है. पानी हटते ही यह तरल रूप से तुरंत एक बेहद ठोस नेटवर्क में बदल जाता है और सतह से सीधे चिपक जाता है.

कितनी है इस गोंद की ताकत और टिकाऊपन?

वैज्ञानिकों ने इस नए सुपरग्लू का परीक्षण सिरेमिक, प्लास्टिक और मेटल जैसी कई अलग-अलग सतहों पर किया है. आंकड़ों के मुताबिक, यह गोंद पानी के अंदर केवल 10 सेकंड में 1.1 मिलियन पास्कल की जबरदस्त ताकत से चिपक जाता है, जो किसी भी पारंपरिक गोंद की तुलना में कई गुना अधिक है. इसके लंबे समय तक टिकने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसने पानी के भीतर लगातार 3 साल से अधिक समय तक 2 किलोग्राम का वजन बिना छूटे उठाए रखा.


वैज्ञानिकों ने बनाया पानी के अंदर काम करने वाला सुपरग्लू, जानें कैसे करेगा काम?

हर तरह के पानी में कारगर और दोबारा इस्तेमाल योग्य

इस जादुई गोंद की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसे पानी के अंदर 8 बार तक निकालकर दोबारा चिपकाया जा सकता है और इससे इसकी मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता है. यह खारे पानी, नॉर्मल पानी और एसिडिक इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन में भी समान रूप से काम करता है. हालांकि, 70 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर इसका स्ट्रक्चर प्रभावित हो सकता है. रिसर्चर्स का मानना है कि यह खोज न केवल अंडरवाटर मरम्मत को आसान बनाएगी, बल्कि भविष्य के स्मार्ट मैटेरियल्स के निर्माण में भी एक नया रास्ता खोलेगी.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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