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कब मारा, क्यों मारा और किसने मारा? पहलगाम आतंकी हमले के बाद उठे ये 10 बड़े सवाल, एक क्लिक में जानें हर बात

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में दहशत का माहौल है. अब तो लोग वहां जाने से भी कतरा रहे हैं. इस आतंकी हमले के बाद 10 अहम सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब जान लेते हैं.

Pahalgam Terror Attack: यहां स्विट्जरलैंड जैसी दिलकश वादियों का लुत्फ मिलता है तो सफेद बर्फीली चोटियां भी बेहद करीब आ जाती हैं. यही वजह है कि इस इलाके को मिनी स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है. हम बात कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की, जहां 22 अप्रैल की सुबह उस तरह ही खुशनुमा थी, जिसका नजारा लेने के लिए देश-दुनिया के पर्यटक यहां आते हैं. हालांकि, 22 अप्रैल (मंगलवार) की दोपहर यहां आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी करके ऐसा कहर बरपाया कि बर्फ की सफेद चादर लहूलुहान हो गई. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 10 बड़े सवाल उठ रहे हैं. आइए इन सभी के जवाबों से आपको रूबरू कराते हैं.

जम्मू-कश्मीर के किस हिस्से में हुआ आतंकी हमला, यहां कैसा रहता है माहौल?

जम्मू-कश्मीर का अनंतनाग जिला और उसका पहलगाम इलाका आतंकियों के निशाने पर अक्सर रहता है, लेकिन बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 से पहले कभी किसी तरह का आतंकी हमला नहीं हुआ था. इस इलाके में स्थानीय लोगों के बाद टूरिस्ट्स को ही सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता था. यही वजह थी कि यहां न तो आर्मी और न ही पुलिस की टीम तैनात रहती थी. आतंकियों ने इन्हीं हालात का फायदा उठाया और पर्यटकों को गोलियों से भून डाला.

पर्यटकों के साथ आतंकियों ने क्या बातचीत की?

बैसरन वैली में आतंकी हमले के बाद कई अहम बातें सामने आई हैं. दरअसल, हमला करने से पहले आतंकियों ने पर्यटकों से बातचीत की थी. जब आतंकी पुलिस की वर्दी में घटनास्थल पर पहुंचे तो पर्यटकों ने उन्हें पुलिस ही समझा था. ऐसे में लोग बेहद आराम से उनके सवालों के जवाब देने लगे. उन्होंने एक शख्स से उसका नाम पूछा और उसे गोली मार दी. इसके बाद पर्यटकों में अफरातफरी मच गई. लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन आतंकियों ने बेरहमी से गोलियां चलाईं और 26 निर्दोष लोगों को मौत की नींद सुला दिया. इनमें दो विदेशी भी शामिल हैं.

कहां से आए आतंकी, बैसरन वैली तक कैसे पहुंचे?

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद खुफिया एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं. बताया जा रहा है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान के रावलकोट में रची गई. वहीं, आतंकियों ने पहलगाम तक पहुंचने के लिए पीर पंजाल की पहाड़ियों को चुना. दरअसल, आतंकी पीर पंजाल की पहाड़ियों के रास्ते भारत में घुसे. इसके बाद वे राजौरी से चत्रु और फिर वधावन होते हुए पहलगाम पहुंच गए. यहां बैसरल वैली में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलियां बरसा दीं.

आतंकियों ने किन हथियारों का किया इस्तेमाल?

पहलगाम आतंकी हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के हिसाब से माना जा रहा है कि आतंकियों ने हमले के लिए एके-47 इस्तेमाल की. साल 1947 में बनी एके-47 राइफल का पूरा नाम ऑटोमैटिक क्लाशनिकोव 47 है. इसे मिखाइल क्लाशनिकोव ने बनाया था. अहम बात यह है कि एके-47 पूरी दुनिया में अवैध रूप से सबसे ज्यादा बिकती है.

पाकिस्तान के किस संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी?

पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है. लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्टेड इस आतंकी संगठन का पूरा नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट है. बता दें कि टीआरएफ के आतंकियों ने कश्मीर में कई हमलों को अंजाम दिया है. पहलगाम में हुए हमले को टीआरएफ के फॉल्कन स्क्वॉड ने अंजाम दिया है.

TRF का फॉल्कन स्क्वॉड कितना खतरनाक?

अब सवाल उठता है कि टीआरएफ का फॉल्कन स्क्वॉड कितना खतरनाक है? बता दें कि फॉल्कन स्क्वॉड को टीआरएफ का सबसे खूंखार और फुर्तीली फोर्स माना जाता है. यह स्क्वॉड महज पांच से 10 मिनट में हमले को अंजाम दे देता है और भाग जाता है. इस स्क्वॉड में शामिल आतंकी किसी बाज की तरह मासूमों को निशाना बना लेते हैं.

अब तक कितने लोग गंवा चुके अपनी जान?

पहलगाम हमले में अब तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इनमें 23 लोग देश के अलग-अलग राज्यों से घूमने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे. इसके अलावा दो विदेशी नागरिकों की भी इस हमले में मौत हुई है. इनमें एक नेपाल तो दूसरा पर्यटक यूएई से आया था. वहीं, एक स्थानीय शख्स ने भी अपनी जान गंवाई है. इसके अलावा करीब 10 लोग घायल हुए हैं.

एजेंसियों ने दिया था इनपुट, फिर कहां हुई चूक?

बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था. इसमें बताया गया था कि साउथ कश्मीर के किसी मुख्य पर्यटक स्थल को आतंकी निशाना बना सकते हैं. इन इनपुट्स में यह भी बताया गया था कि गैर-कश्मीरी नागरिकों को मजहबी आधार पर निशाना बनाया जा सकता है. इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के जवान जांच कर रहे थे. इस बीच आतंकियों ने बैसरन वैली में हमला कर दिा.

इस हमले पर भारत क्या ले रहा एक्शन?

पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी अपना सऊदी अरब का दौरा बीच में ही छोड़कर लौट आए हैं. गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर पहुंच चुके हैं. उन्होंने हमले के पीड़ितों से मुलाकात की. वहीं, रक्षा मंत्रालय ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की सभी यूनिटों को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पीड़ितों से बातचीत के आधार पर आतंकियों के स्केच जारी किए हैं तो जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कैबिनेट मीटिंग बुलाई है.

पाकिस्तान ने अब तक क्या-क्या कहा?

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने बयान जारी किया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहलगाम में हुए हमले से पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है. हम हर तरह के आतंकवाद को खारिज करते हैं. हालांकि, पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की वायुसेना की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बताया जा रहा है कि 22 अप्रैल की रात पाकिस्तान की वायुसेना अलर्ट पर रही. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के कराची स्थित साउथ एयर कमांड से लाहौर और रावलपिंडी के पास नॉर्थ में मौजूद ठिकानों की ओर विमानों की आवाजाही रिकॉर्ड की गई है. विमानों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट फ्लाइट रेडार24 के कई स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें पाकिस्तानी विमानों की असामान्य एक्टिविटीज नजर आई हैं.

यह भी पढ़ें: Pahalgam Terror Attack: 26 नवंबर... 14 फरवरी या 22 अप्रैल, भारत में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला कौन-सा? कितने लोगों ने गंवाई अपनी जान

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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