भारत ने पहली बार तबाह नहीं किया कराची पोर्ट, 1971 के युद्ध में भी कर दी थी इतनी बुरी हालत
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमले को नकाम कर दिया है. चलिए आपको बताते हैं इससे पहले भारत ने कब कराची पोर्ट पर अटैक किया था.

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है. 8 मई को देर रात पाकिस्तान ने भारत के पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया. भारत ने न सिर्फ इसका मुंहतोड़ जवाब दिया, बल्कि पाकिस्तान के कई शहरों पर हमला कर दिया.
इसके अलावा हिंद महासागर के रास्ते से भारत के आईएनएस विक्रांत ने पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट पर हमला कर दिया. वहां भी हालात काफी ज्यादा बताए जा रहे हैं. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब भारत ने कराची पोर्ट को तबाह किया है. 1971 की जंग के दौरान भी भारत ने पाकिस्तान के कराची पोर्ट पर जमकर हमला किया था. आइए आपको दोनों हमलों के बारे में डिटेल जानकारी देते हैं.
2025 में भारत ने किया ऐसा हाल
बताया जा रहा है कि भारत के कई शहरों पर पाकिस्तानी ने ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया. भारतीय सेना ने एस-400 की मदद से इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया. इसके बाद आईएनएस विक्रांत ने पाकिस्तान के कराची पोर्ट को निशाने पर ले लिया. बताया जा रहा है कि आईएनएस विक्रांत के हमले से कराची पोर्ट पूरी तरह तबाह कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में भारतीय नौसेना ने कथित तौर पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं. इससे कराची में ब्लैकआउट हो गया और मोबाइल सिग्नल टूट गए.
1971 में 7 दिन तक सुलगता रहा था कराची पोर्ट
गौरतलब है कि 1971 के भारत-पाक युद्ध (बांग्लादेश मुक्ति संग्राम) के दौरान भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट को निशाना बनाया था. ऑपरेशन ट्राइडेंट (4 दिसंबर 1971) में भारतीय नौसेना ने मिसाइल बोट्स (INS निपट, INS वीर, और INS निर्घात) का इस्तेमाल करके कराची पोर्ट पर हमला किया. इस हमले में पाकिस्तानी नौसेना के जहाज PNS खैबर और PNS मुहाफिज डूब गए.
वहीं, कराची पोर्ट के तेल टैंकों में आग लग गई. कहा जाता है कि यह आग इतनी भीषण थी कि यह एक हफ्ते तक जलती रही. साथ ही, कराची का आसमान काले धुएं से भर गया. उस दौरान भारतीय नौसेना ने पहली बार एंटी-शिप मिसाइल (स्टाइक्स मिसाइल) का इस्तेमाल किया, जिसने पाकिस्तानी नौसेना को हैरान कर दिया. इस हमले की वजह से कराची पोर्ट कई महीने तक निष्क्रिय रहा था.
22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ था आतंकी हमला
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था. उस दौरान लोगों से पहले उनका धर्म पूछा गया, उसके बाद उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं. इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई, जिनमें दो विदेशी भी शामिल थे.
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Source: IOCL






















