एक्सप्लोरर

Noida Workers Protest: देश में कब-कब हुए मजदूरों के बड़े प्रदर्शन, नोएडा में बवाल के बीच देख लीजिए इनके आंदोलन का इतिहास

Noida Workers Protest: नोएडा के फेज 2 में सैलरी की मांग को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत में पहले कब बड़े मजदूर प्रदर्शन हुए हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नोएडा में वेतन की मांग पर मजदूरों का हिंसक प्रदर्शन।
  • मजदूरों ने पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की, पुलिस से झड़प।
  • भारत में मजदूर आंदोलनों का लंबा और सशक्त इतिहास रहा है।
  • आजादी से पहले और बाद में हुए कई बड़े प्रदर्शन।

Noida Workers Protest: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल फेज 2 में सैलरी की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब हिंसक हो गया है. मजदूरों ने पत्थरबाजी की और साथ ही तोड़फोड़ को अंजाम दिया. इसके बाद पुलिस और मजदूरों के बीच झड़प तेज हो गई. इस घटना ने एक बार फिर से भारत में मजदूर आंदोलन के लंबे और सशक्त इतिहास की तरफ ध्यान खींचा है. आइए जानते हैं कि इतिहास में पहले कब बड़े मजदूर प्रदर्शन हुए हैं.

भारत में मजदूर आंदोलन की जड़ 

भारत में संगठित मजदूर आंदोलन की शुरुआत 19वीं सदी के आखिर में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई. दरअसल औद्योगिक मजदूरों ने उचित वेतन और काम करने की बेहतर स्थिति की मांग उठाई. शुरुआती प्रयास में से एक 1890 में नारायण मेघाजी लोखंडे द्वारा मुंबई मिल हैंड्स संगठन का गठन था. लोखंडे को व्यापक रूप से भारत के मजदूर आंदोलन का शुरुआती लीडर माना जाता है. इससे पहले भी 1862 में हावड़ा के रेलवे मजदूर ने सबसे पहले दर्ज किए गए विरोध प्रदर्शन में से एक को अंजाम दिया था. 

आजादी से पहले के संघर्ष 

आजादी से पहले कई ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों ने संगठित मजदूर आंदोलन की नींव रखी. महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1918 की अहमदाबाद मिल हड़ताल एक बड़ा कदम साबित हुई. इसने मजदूर विवादों में अहिंसक विरोध के तरीकों की शुरुआत की. इसी तरह 1928 की बॉम्बे टैक्सटाइल हड़ताल में लगभग 150000 मजदूरों ने महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया.  इसने औपनिवेशिक काल के दौरान ट्रेड यूनियन की बढ़ती ताकतों को दिखाया.

आजादी के बाद के संघर्ष 

आजादी के बाद मजदूर आंदोलन ज्यादा व्यवस्थित और बड़े हो गए. 1968 की केंद्र सरकार के कर्मचारियों की हड़ताल में लगभग 10 लाख मजदूरों ने उचित वेतन की मांग की.  यह आजाद भारत में शुरुआती राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में से एक थी. बाद में 1974 की अखिल भारतीय रेलवे हड़ताल ने पूरे देश को ठप कर दिया. इसमें लाखों रेलवे मजदूर ने बेहतर सैलरी और काम करने की स्थिति की मांग की थी. 

 बॉम्बे टैक्सटाइल हड़ताल 

1982 की बॉम्बे टैक्सटाइल हड़ताल भारत के इतिहास के सबसे बड़े औद्योगिक विरोध प्रदर्शनों में से एक है. मजदूरों ने वेतन में कटौती और नौकरियों के नुकसान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस आंदोलन के मुंबई के कपड़ा उद्योग पर दूरगामी प्रभाव पड़े. इसने शहरी भारत में मजदूर और औद्योगिक प्रबंधन के बीच बढ़ते तनाव को दिखाया. 

बीते कुछ सालों में विरोध प्रदर्शन 

बीते कुछ दशकों में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन ने काफी विशाल रूप ले लिया है. 2019 की देशव्यापी हड़ताल में लगभग 15 करोड़ मज़दूरों ने हिस्सा लिया. इसी के साथ 26 नवंबर 2020 की हड़ताल में लगभग 25 करोड़ मजदूर और किसान शामिल हुए. ये विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से श्रम कानून, नौकरी की सुरक्षा और आर्थिक सुधारों से जुड़ी चिंता की वजह से हुए थे.

यह भी पढ़ें: कलिंग युद्ध में कितने लोगों की हुई थी मौत, जिसकी बर्बादी देख साधु बन गया था महान अशोक

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

क्या विदेशी नागरिकों को भी मौत की सजा दे सकता है सऊदी? जानें नियम
क्या विदेशी नागरिकों को भी मौत की सजा दे सकता है सऊदी? जानें नियम
भारत में कितने बचे हैं जल्लाद, आजादी के बाद से कितनी घट गई संख्या?
भारत में कितने बचे हैं जल्लाद, आजादी के बाद से कितनी घट गई संख्या?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
ग्रीस में डेस्टिनेशन वेडिंग कितनी महंगी, काव्या मारन रचाने जा रहीं शादी
ग्रीस में डेस्टिनेशन वेडिंग कितनी महंगी, काव्या मारन रचाने जा रहीं शादी

वीडियोज

ABP News: किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वालों की घंटी बजाओ | Ghanti Bajao
CJP Delhi Protest: अराजकता-अव्यवस्था जिम्मेदार कौन? | Gyanesh Kumar | Congress | Gyanesh Kumar
Kolkata Stampede News: कोलकाता में घायलों से अस्पताल मिलने पहुंचे शुभेंदु! | Breaking News | Puja
Janhit | Congress Protest | Gyanesh Kumar: विरोध के नाम पर 'अराजकता'..क्या सही है ? | Neha Bora
रेलवे स्टेशन पर 510 रुपए का 'घमासान' !

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
हिरासत से रिहा होने के बाद अभिजीत दीपके ने लिखा पोस्ट- ‘मुझे पता था कि...’
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'...तो आत्महत्या कर लेना ही बेहतर है', उद्धव ठाकरे ने क्यों कही ये बात?
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
'जेलर 2' बनी 2026 की तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसर तमिल फिल्म, तोड़ा टॉप 7 फिल्मों का रिकॉर्ड
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
पांचवां टी20 रद्द होने के बाद क्या बोले अय्यर और होप, पढ़ें भारत-वेस्टइंडीज कप्तान के बयान
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
कोलकाता: पूजा पंडाल हादसे में 17 लोगों की मौत
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
पुराने गैजेट्स को न समझें बेकार! इन 5 तरीकों से फिर आएंगे काम
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
UPPSC LT ग्रेड रिजल्ट जारी, 218 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
प्रदर्शन के कारण नहीं हुई बिक्री तो कैसे मिलेगा मुजावजा, क्या हैं नियम?
Embed widget