मच्छर भगाने वाला लिक्विड आपकी हेल्थ के लिए कितना सही? घर में लगाने से पहले पढ़ लें...
मच्छरों से निजात पाने के लिए कुछ चीजों का इस्तेमाल करके अपना बचाव कर लेते हैं लेकिन इनसे होने वाले नुक्सान के बारे में नहीं सोचते.

Mosquito : मच्छर मारने वाले लिक्विड या कॅाइल से गर्मियों में मच्छरों से निजात तो मिल जाती है, लेकिन क्या आपको पता है मच्छर मारने वाला लिक्विड या कॅाइल कई बीमारियों का घर भी है. एक रिसर्च में पता चला है कि मच्छर मारने वाली कॅाइल 100 सिगरेट के बराबर खतरनाक है. इसमें से करीब 2.5 पीएम धुआं निकलता है. ऐसे ही मच्छर मारने वाले जो लिक्विड बाजार में मिल रहे हैं, वो भी हेल्थ के लिए काफी खतरनाक होता है.
ऐसे में जानते हैं कि आखिर मच्छर मारने के लिक्विड में ऐसा क्या होता है, जो आपकी हेल्थ के लिए नुकसानदायक है. तो जानते हैं कि ये लिक्विड किस तरह से आपकी हेल्थ के लिए नुकसानदायक है...
हेल्थ के लिए क्यों खतरनाक है?
दरअसल, मच्छर मारने के लिक्विड में कुछ ऐसे पदार्थ होते है, जो सांस के साथ अंदर जाते है और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते है. मच्छर मारने वाले लिक्विड में एलेथ्रिन और एयरोसोल का मिश्रण होता है और बोतल के सिर में एक कार्बन इलेक्ट्रोड रोड डाली जाती है. जब फिलामेंट गर्म हो जाता है तो इलेक्ट्रोड रोड का तापमान बढ़ने तगता है. इसके बाद यह गर्म होकर हवा में खुलता है और सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाता है. इसके साथ ही इससे गले में दर्द और सिर दर्द की शिकायत रहती है.
इसमें से निकलने वाला धुंआ शरीर में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे सांस लेने में भी दिक्कत आती है. इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि मॉस्किटो किलर का कम-से-कम इस्तेमाल करना चाहिए. ख़ास तौर पर छोटे बच्चों के लिए इसका इस्तेमाल न करके मच्छर दानी का उपयोग कर सकते हैं.
क्रीम का क्या होता है असर?
मच्छरों से बचने के लिए कुछ लोग शरीर पर क्रीम भी लगाते हैं. ये क्रीम हमें मच्छरों से तो बचा सकती है, लेकिन इसके स्किन पर साइफ इफेक्ट्स भी हैं. मच्छरों से निजात पाने के लिए लगाईं जाने वाली यह क्रीम त्वचा पर भी काफी प्रभाव डालती है. इस क्रीम में पाए जाने वाले रसायन हमारी त्वचा पर इन्फेक्शन भी कर सकते हैं. मॉस्किटो रिपेलेंट में DEET होता है जो ज्यादातर उपयोग करने के लिए सुरक्षित होता है. लेकिन इसमें मौजूद रसायनों का लगातार उपयोग करने से त्वचा और शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है.
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Source: IOCL





















