शरीर में लव हार्मोन कैसे करता है काम? क्या सच में इससे हो सकता है किसी का इलाज
शरीर में हार्मोन की अहम भूमिका होती है. वहीं प्रेम के लिए शरीर में लव हार्मोन होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस हार्मोन का इस्तेमाल नशे से संबंधित बीमारियों में किया जा सकता है.

इंसान के शरीर में सारा खेल हार्मोन का ही होता है. मेडिकल साइंस भी ये कहता है कि हार्मोन के जरिए ही इंसानी शरीर में बदलाव नजर आता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि शरीर में जो लव हार्मोन बनता है, वो इलाज के भी काम आता है. जी हां, आज हम आपको बताएंगे कि लव हार्मोन किस इलाज के काम आता है.
लव हार्मोन
पहले ये जानते हैं कि लव हार्मोन क्या होता है और ये कैसे काम करता है. बता दें कि ऑक्सीटोसिन को लव हार्मोन कहा जाता है. यह एक हार्मोन है, जो शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है. यह हार्मोन रोमांटिक लगाव और यौन उत्तेजना के लिए ज़िम्मेदार होता है. इसके अलावा यह सामाजिक संपर्कों में भी अहम भूमिका निभाता है. इतना ही नहीं यह प्यार मां का बच्चे के प्रति, लाइफ पार्टनर का एहसास, कपल का प्यार किसी तरहका हो सकता है. इस तरह की फीलिंग्स के बाद ऑक्सीटोसि हार्मोन दिमाग में हाइपोथैलेमस के नीचे वाले हिस्से में मौजूद पीयूष ग्रंथि से निकलता है. इसलिए ऑक्सीटोसिन हार्मोन को लव हार्मोन कहा जाता है.
लव हार्मोन का इलाज में इस्तेमाल
एक रिसर्च के मुताबिक ऑक्सीटोसिन यानी लव हार्मोन का इस्तेमाल इलाज में भी किया जा सकता है. जापान,टोक्यो विज्ञान विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जूनपेई ताकाहाशी और प्रोफेसर आकियोशी साइतोश केसाथ फ्लोरीडा विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाली मेरीडिथ बेरी के अध्ययनों में ये नतीजे निकाले हैं. उन्होंने ऑक्सीटोसिन का हमारे दिमाग पर पड़ने वाले का असर पर खासतौर से अध्ययन किया है. रिसर्च में ये खुलासा हुआ है कि डिमेंशिया और अफीम के नशे के उपचार में इसकी भूमिका अहम होती है.
अफीम के नशे की लत और ऑक्सीटोसिन
डॉ मेरिडिथ बेरी के मुताबिक अफीम के नशे की लत के इलाज में ऑक्सीटोसिन काम आ सकती है. इसे ओपियाइड्स में मिलाकर कारगर प्रभाव हासिल किए जा सकते हैं. वहीं अफीम का नशा एक बड़ी समस्या है, दर्द निवारक के तौर पर इसका दवा के तौर पर उपयोग नशे का जोखिम बहुत बढ़ा देता है. इन दवाओं में ओपियॉइड्स का इस्तेमाल होता है. ऐसे में ऑक्सीटोसिन का उपयोग अफीम के नशे के खतरे का कम कर सकता है, जो ओपियॉइड्स के लगातार उपयोग से हो सकता है. प्रोफेसर साइतोह का कहना है कि इलाज में ऑक्सीटोसिन की एक भूमिका हो सकती है.
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