क्या वाकई एक दूसरे को अपने परमाणु ठिकानों की जानकारी देते हैं भारत और पाकिस्तान? ये रहा जवाब
India Pakistan Nuclear Weapons: भारत और पाक दोनों परमाणु हथियारों से संपन्न देश हैं. लेकिन क्या आपको यह पता है कि दोनों देश एक दूसरे के साथ परमाणु ठिकानों के बारे में जानकारी शेयर करते हैं या नहीं.

भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में तनाव की गंभीर स्थिति बनी हुई थी. पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाक के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद पाक ने भी पलटकर हमला किया और परमाणु हमले की धमकी भी दी थी. भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध कभी भी अच्छे नहीं रहे हैं. पाकिस्तान ने हमेशा से अपने आतंकी संगठनों और सेना के जरिए भारत पर अटैक करने की कोशिश की है, जिसमें लड़ते हुए कभी भारतीय जवान शहीद हो गए हैं. दोनों देश एक दूसरे को अपना दुश्मन मानते हैं. तो क्या ये कभी अपने परमाणु ठिकानों के बारे में एक दूसरे से कुछ भी साझा करते हैं? आइए जानें.
क्या एक-दूसरे को परमाणु हथियारों की जानकारी देते हैं भारत-पाक
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं. लेकिन पाकिस्तान के मुकाबले भारत ज्यादा ताकतवर और डेवलप देश है. लेकिन क्या आपको पता है कि दोनों देश हर साल 1 जनवरी को एक-दूसरे के साथ परमाणु प्रतिष्ठानों और संस्थानों की जानकारी साझा करते हैं. चौंकिए मत ऐसा सच में होता है. दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच 31 दिसंबर 1988 को एक समझौता हुआ था जो कि 27 जनवरी 1991 से लागू है. इस समझौते के तहत भारत-पाकिस्तान आने वाले परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में हर साल एक जनवरी को एक दूसरे को बताते हैं और एक दूसरे के साथ लिस्ट शेयर करते हैं.
क्या है समझौते का मकसद
पहली बार ऐसा जनवरी 1992 में किया गया था. इस समझौते का असल मकसद सिर्फ इतना है कि कोई भी देश एक-दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं को न तो नष्ट करेगा और न ही नुकसान पहुंचाने के मकसद से हमला करेगा. इस समझौते में लिखा है कि परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं में क्या क्या शामिल होगा. इसके तहत परमाणु ऊर्जा पर चलने वाले पावर प्लांट, यूरेनियम एनरिचमेंट, रिसर्च रिएक्टर्स, आइसोटोप सेपरेशन और फ्यूल फेब्रिकेशन के साथ-साथ वो सारे प्रतिष्ठान शामिल होंगे जहां पर परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है या फिर रेडियो-एक्टिव मैटीरियल रखा है.
भारत और पाकिस्तान की परमाणु नीति
भारत ने साल 1999 में अपनी नो फर्स्ट यूज की परमाणु नीति का एलान किया था. इसके मुताबिक भारत पहले कभी भी अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा. इसका इस्तेमाल सिर्फ तभी होगा जब भारत पर कोई अपने परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा. लेकिन पाकिस्तान की ऐसी कोई नीति नहीं है. यह सिर्फ पाकिस्तान पर ही निर्भर करता है कि वो अपने हथियारों का इस्तेमाल कब, कैसे और किस परिस्थिति में करेगा.
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