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क्या भारत की तरह अमेरिका में भी बिकती है देसी शराब, जानें दोनों में कितना अंतर?

भारत में देसी शराब का सेवन बहुत बड़ी मात्रा में किया जाता है, खासकर ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोगों के बीच. लेकिन क्या भारत की तरह अमेरिका में भी देसी शराब बिकती है? चलिए इसका जवाब जानते है.

भारत में देसी शराब को इंडिया मेड कमर्शियल लिकर (IMCL) कहा जाता है. ये शराब ग्रामीण और शहरी गरीब आबादी के बीच खासा मशहूर है. यह शराब गन्ने, चावल, जौ या अन्य कृषि उत्पादों से बनती है और इसका अल्कोहल स्तर 25% से 42.5% तक होता है. इसकी कीमत कम होती है, क्योंकि सरकार इस पर कम टैक्स लगाती है. 

हानिकारक होती है देसी शराब

देसी शराब पॉलिथीन की पन्नियों या प्लास्टिक की बोतलों में मिलती हैं. ये देश के अलग अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से जानी जाती है. भारत में बिकने वाली शराब का करीब दो तिहाई हिस्सा देसी शराब का होता है. भारत में देसी शराब के करीब 242 मिलियन केस बिकते हैं जो देश के शराब कारोबार का 30 फीसदी से अधिक है. लेकिन देसी दारू पीना शरीर के लिए हानिकारक होता है क्योंकि यह एक से अधिक बार डिस्टिल नहीं किया जाता है. अवैध देसी शराब पीने से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है.

अमेरिका में देसी शराब का कॉन्सेप्ट

अब सवाल उठता है कि क्या अमेरिका में देसी शराब जैसा कुछ बिकता है? इसका जवाब नहीं. अमेरिका में 'देसी शराब' जैसा कोई कॉन्सेप्ट नही है लेकिन वहां 'मूनशाइन' नामक पारंपरिक शराब है, जो भारत की अवैध देसी शराब से मिलती-जुलती है. हालांकि मूनशाइन को अवैध रूप से बनाया जाता था. यह मक्का, गेहूं या चीनी से बनती थी और इसमें अल्कोहल की मात्रा 40% से 60% तक हो सकती है. आज मूनशाइन को कानूनी डिस्टिलरीज में बनाया जाता है और इसे 'व्हाइट व्हिस्की' के रूप में बेचा जाता है, लेकिन यह व्हिस्की, वोडका या रम जितना लोकप्रिय नहीं है.

दोनों में अंतर 

भारत में देसी शराब लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर बिकती है. अमेरिका के कई राज्यों में मूनशाइन की बिक्री अवैध है हालांकि कई इलाकों में कड़े नियम शर्तों के साथ बिकती है. देसी शराब गन्ने या चावल से बनती है, जबकि मूनशाइन में मक्का या गेहूं का उपयोग होता है. भारत में देसी शराब सस्ती और व्यापक है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में. जबकि अमेरिका में मूनशाइन प्रीमियम उत्पाद है और इसकी कीमत अधिक है. 

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About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

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