ईरान के पास ऐसी कौन सी मिसाइलें, जिससे अमेरिका को डरना चाहिए? जान लीजिए इनकी ताकत
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है. वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता, ऐसे हालात में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान के पास ऐसी कौन-सी मिसाइलें हैं.

मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़ा है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन, आसमान और समुद्र , तीनों मोर्चों पर ताकत दिखाई जा रही है. अमेरिकी युद्धपोत, भारी बमवर्षक विमान और सहयोगी देशों की बढ़ती सक्रियता ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है.
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है. वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता, ऐसे हालात में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान के पास ऐसी कौन-सी मिसाइलें हैं, जिससे अमेरिका और उसके साथी देशों को डर लग रहा है. दरअसल, ईरान ने बीते कुछ सालों में अपनी मिसाइल ताकत को इतना मजबूत बना लिया है कि अब वह सिर्फ क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि एक गंभीर सैन्य चुनौती बन चुका है. तो आइए जानते हैं कि ईरान के पास ऐसी कौन सी मिसाइलें जिससे अमेरिका को डरना चाहिए.
ईरान की मिसाइल सिटी
ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसकी रहस्यमयी मिसाइल सिटी है. . ये ऐसे अंडरग्राउंड सैन्य ठिकाने हैं जो पहाड़ों के नीचे बने हैं. यहां से ईरान कभी भी बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें दाग सकता है. 2026 में जब तनाव चरम पर पहुंचा, तो ईरान ने इन मिसाइल सिटी को पूरी तरह एक्टिव कर दिया. इसका साफ संदेश था, अगर हमला हुआ, तो जवाब बेहद खतरनाक होगा.
ईरान के पास ऐसी कौन सी मिसाइलें जिससे अमेरिका को डरना चाहिए
1. खोर्रमशहर-4 - खोर्रमशहर-4 को ईरान की सबसे ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइल माना जाता है. इसकी रेंज 2000 किलोमीटर से ज्यादा है. इसकी रफ्तार मैक 8 (आवाज से 8 गुना तेज), वारहेड 1500 किलो तक है. इस मिसाइल की खास बात यह है कि यह मोबाइल लॉन्चर से दागी जाती है, यानी इसे पकड़ पाना बेहद मुश्किल है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल किसी भी हिस्से को निशाना बना सकती है.
2. फतेह-2 - फतेह-2 को ईरान की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल कहा जाता है. इसकी रफ्तार मैक 15 (लगभग 18,000 किमी/घंटा) और रेंज 1400 किलोमीटर है. इतनी तेज रफ्तार के कारण मौजूदा मिसाइल डिफेंस सिस्टम इसे रोकने में नाकाम माने जाते हैं. यही वजह है कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने और इजरायली एयरबेस इसके संभावित निशाने माने जाते हैं.
3. सज्जील-2 - सज्जील-2 एक दो-स्टेज सॉलिड फ्यूल बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 2500 किलोमीटर, लॉन्च टाइम सिर्फ 2 मिनट और सटीकता 50 मीटर के भीतर है. इसका मतलब यह है कि दुश्मन को जवाब देने का समय ही नहीं मिलता, इसे छिपाकर रखना आसान है, जिससे इसका पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है.
4. शहाब-3 - शहाब-3 ईरान की सबसे पुरानी लंबी दूरी की मिसाइलों में से एक है, लेकिन आज भी उतनी ही खतरनाक मानी जाती है. इसकी रेंज 1300–2000 किलोमीटर है. इसके पास न्यूक्लियर वारहेड ले जाने की क्षमता है. कई अपग्रेड के बाद आज भी यह ईरान की लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक क्षमता की रीढ़ मानी जाती है.
5. जुल्फिकार - जुल्फिकार एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, लेकिन इसकी सटीकता इसे बेहद खतरनाक बनाती है. इसकी रेंज 700 किलोमीटर और सटीकता 10 मीटर के भीतर है. इसे खास तौर पर सऊदी अरब, यूएई और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ध्यान में रखकर बनाया गया है.
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Source: IOCL



























