जंग में ईरान ने हार मान ली तो क्या इस देश पर हो जाएगा अमेरिका का कब्जा? ये रहा जवाब
Iran Israel War: ईरान और इजराइल के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में एक सवाल यह भी है कि अगर ईरान अगर यह जंग हार जाता है तो क्या अमेरिका उस पर अपना कब्जा जमा लेगा?

ईरान और इजराइल के बीच युद्ध भयंकर चल रहा है. दोनों देश एक-दूसरे के ऊपर हमला कर रहे हैं. इस लड़ाई में अमेरिका भी उतरने की बात कर रहा है. अमेरिका इजराइल का साथ दे रहा है और इसको लेकर अमेरिका ने व्हाइट हाउस में बैठक भी की थी. व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो हफ्ते के अंंदर यह तय करेंगे कि ईरान के सैन्य और परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ इजराइल के अभियान में शामिल होना है कि नहीं. वहीं एक सवाल यह भी है कि क्या अगर ईरान जंग हार जाता है तो अमेरिका उस पर कब्जा कर सकता है कि नहीं. चलिए जानें.
कट्टर दुश्मन हैं ईरान और अमेरिका
भले ही यह लड़ाई इजराइल और ईरान की है, लेकिन अमेरिका की लंबे समय से ईरान पर नजर रही है. ईरान और अमेरिका दोनों दुश्मन देश हैं. अमेरिका ने ईरान के ऊपर कई कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. जो देश ईरान के साथ व्यापार करते हैं, उनको भी अमेरिका के प्रतिबंध झेलने पड़ते हैं. अमेरिका की इच्छा ईरान में सत्ता परिवर्तन की है. इससे पहले अमेरिका इराक और अफगानिस्तान में भी सत्ता परिवर्तन कर चुका है, लेकिन उसको कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई है. उसका मानना है कि बिना ईरान में सत्ता बदले इराक और अफगानिस्तान में उसका दबदबा कायम नहीं हो पाएगा.
ईरान पर कब्जे की मंशा रखता है अमेरिका
इस समय अमेरिका के पास पास मौका भी है, क्योंकि इजराइल और अमेरिका दोनों मित्र देश हैं. ऐसे में कई दिनों से अमेरिका युद्ध में इजराइल का साथ देने की बात कर रहा है, भले ही यह युद्ध उसका नहीं है. लेकिन कहीं न कहीं अमेरिका की मंशा ईरान पर कब्जे की है, शायद यही वजह है कि वो वहां अपना कब्जा जमाना चाहता है. इसकी खास वजह है ईरान में बड़ी मात्रा में तेल और गैस के भंडार होना. ईरान के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल भंडार है और गैस के मामले में यह दुनिया में दूसरे नंबर पर है. इसके अलावा ईरान में दूसरे खनिज पदार्थ भी बड़ी भारी मात्रा में हैं.
क्यों ईरान पर कब्जा करना चाहता है अमेरिका
ईरान की सीमा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक, अजरबैजान, तुर्किए, आर्मेनिया और रूस से मिलती है. इस क्षेत्र में बेशकीमती खनिज पदार्थों का भारी भंडार है. ईरान के जरिए यह खनिज मिडिल एशिया में पहुंच सकता है, लेकिन बिना ईरान पर कब्जा किए यह संभव नहीं है. ऐसे में इस बात की आशंका जताने से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर ईरान जंग में हार जाए तो अमेरिका उस पर कब्जा करेगा. यह संभव है कि अमेरिका, ईरान में अपना प्रभुत्व स्थापित करे.
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Source: IOCL





















