एक्सप्लोरर

वर्ल्ड वॉर 3 हुआ तो किन देशों में सबसे पहले होगा सर्वनाश? खुद चेक कर लें पूरी लिस्ट

इजरायल और ईरान की जंग के बीच तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है. अगर वाकई तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो जाए, तो क्या आप जानते हैं कि वो कौन से देश हैं, जो कि सबसे पहले तबाह होंगे. चलिए जानें.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ईरान-इजरायल संघर्ष मध्य पूर्व में विनाश का केंद्र बन सकता है.
  • तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति में यूक्रेन, पोलैंड और बाल्टिक देश रूस के हमलों का शिकार होंगे.
  • एशिया में ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान पर भी होगा हमला.
  • प्रमुख शहर परमाणु हमले की चपेट में आएंगे, भुखमरी फैलेगी और सर्वनाश मचेगा.

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है. ईरान द्वारा तेल सप्लाई रोकने की कसम और होर्मुज की घेराबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हाहाकार मचा दिया है, लेकिन डराने वाली बात यह नहीं है कि तेल महंगा होगा, बल्कि यह है कि अगर यह तनाव पूर्ण युद्ध में बदला, तो दुनिया के कुछ नक्शे हमेशा के लिए मिट जाएंगे. रणनीतिकारों की मानें तो तबाही का सिलसिला उन देशों से शुरू होगा जो इन महाशक्तियों के पहले निशाने पर हैं. आइए जानें कि वो कौन से देश हैं. 

ये बनेंगे तबाही का केंद्र

अगर तीसरा विश्व युद्ध शुरू होता है, तो इसका सबसे पहला और भीषण मंजर पश्चिम एशिया यानि मिडल ईस्ट में देखने को मिलेगा. इजरायल और ईरान इस युद्ध के दो मुख्य ध्रुव हैं. इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए ईरान के परमाणु ठिकानों पर सबसे पहले हमला करेगा, वहीं ईरान अपने प्रॉक्सी संगठनों के जरिए इजरायल के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाएगा. इन दोनों देशों में सर्वनाश की शुरुआत सबसे पहले होगी. तेल के कुओं और रिफाइनरियों में लगने वाली आग पूरे क्षेत्र को एक ऐसे धुएं में लपेट देगी जिससे निकलना नामुमकिन होगा.

यूक्रेन और पोलैंड पर भी गिरेगी बिजली

यूक्रेन पहले से ही रूस के साथ युद्ध में है, लेकिन विश्व युद्ध की स्थिति में रूस अपने हमलों की तीव्रता को कई गुना बढ़ा देगा. रूस का लक्ष्य केवल कीव नहीं, बल्कि पोलैंड और बाल्टिक देश भी होंगे, क्योंकि यहीं से नाटो (NATO) की सेनाएं रूस की सीमा में घुसने का प्रयास करेंगी. पश्चिमी देशों की सैन्य मदद का केंद्र होने के कारण पोलैंड और जर्मनी के सैन्य अड्डे रूस की परमाणु मिसाइलों के पहले निशाने पर होंगे. यूरोप का यह हिस्सा सबसे पहले मलबे के ढेर में तब्दील हो सकता है.

यह भी पढ़ें: भारत के इस गांव में सिर्फ भूतों का राज, इंसानों की एंट्री पर लगा हुआ है बैन!

ताइवान और दक्षिण कोरिया की शामत

एशिया में तबाही का मोर्चा ताइवान और दक्षिण कोरिया से खुलेगा. अगर अमेरिका पश्चिम एशिया में उलझता है, तो चीन इस मौके का फायदा उठाकर ताइवान पर पूर्ण नियंत्रण के लिए हमला कर देगा. ताइवान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि चीन के हमले से वहां घंटों के भीतर सर्वनाश शुरू हो जाएगा. वहीं, उत्तर कोरिया इस स्थिति का लाभ उठाकर दक्षिण कोरिया और जापान पर मिसाइलें दागना शुरू करेगा. सियोल और टोक्यो जैसे शहर अपनी सघन आबादी के कारण भारी जानमाल का नुकसान झेलेंगे.

महाशक्तियों के शहरों पर खतरा

विश्व युद्ध का मतलब है कि कोई भी देश सुरक्षित नहीं है. रूस की घातक मिसाइलें सीधे वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और लंदन को निशाना बनाएंगी. जवाब में अमेरिका के परमाणु बम मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे शहरों को राख कर देंगे. इन देशों में तबाही शायद थोड़ी देरी से आए, लेकिन जब आएगी तो वह परमाणु विकिरण के रूप में होगी, जिससे बचना नामुमकिन होगा. नाटो देशों के सभी प्रमुख मुख्यालय और कमांड सेंटर इस सर्वनाश की पहली सूची में शामिल हैं.

तेल और सप्लाई चेन का टूटना और पूरी दुनिया में भुखमरी

युद्ध केवल मिसाइलों से नहीं, बल्कि भूख से भी मचेगा. ईरान द्वारा तेल सप्लाई बाधित करने से उन देशों में सबसे पहले हाहाकार मचेगा जो ऊर्जा के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं. जापान और कई यूरोपीय देश ऊर्जा संकट के कारण अंधेरे में डूब जाएंगे. जब परिवहन ठप होगा, तो अनाज की सप्लाई रुक जाएगी, जिससे अफ्रीका और एशिया के गरीब देशों में युद्ध से पहले भूख से सर्वनाश शुरू हो जाएगा. आर्थिक रूप से कमजोर देश इस महाजंग की पहली बलि चढ़ेंगे.

यह भी पढ़ें: Strait Of Hormuz Crisis: इन कारणों से डूबा शिप तो नहीं मिलता है इंश्योरेंस? होर्मुज विवाद के बीच जानें हर एक बात

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

न तेल बेच रहे और न गैस, सिर्फ टोल वसूलकर मालामाल हो रहे ये देश
न तेल बेच रहे और न गैस, सिर्फ टोल वसूलकर मालामाल हो रहे ये देश
होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाए तो क्या नहीं बन सकता दूसरा रास्ता, जानें कितने ऑप्शन मौजूद?
होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाए तो क्या नहीं बन सकता दूसरा रास्ता, जानें कितने ऑप्शन मौजूद?
Kalinga War: कलिंग युद्ध में कितने लोगों की हुई थी मौत, जिसकी बर्बादी देख साधु बन गया था महान अशोक
कलिंग युद्ध में कितने लोगों की हुई थी मौत, जिसकी बर्बादी देख साधु बन गया था महान अशोक
Strait Of Hormuz Blockade: क्या होती है नाकाबंदी, जिसे होर्मुज स्ट्रेट पर करने की धमकी दे रहा अमेरिका?
क्या होती है नाकाबंदी, जिसे होर्मुज स्ट्रेट पर करने की धमकी दे रहा अमेरिका?
Advertisement

वीडियोज

होर्मुज के पानी मेें 'मौत का जाल' !
Noida Labour Protest Update: नोएडा में हिंसक प्रदर्शन, कई सेक्टर में फैली टेंशन ! | Noida News
Chitra Tripathi: ट्रंप का 'होर्मुज' प्रहार ईरान भी तैयार! | Hormuz | IranUSCeasefire | Janhit
Bharat Ki Baat: होर्मुज़ को लेकर Trump की अगली चाल क्या? | Strait Of Hormuz | Iran- Irael
Sandeep Chaudhary: गैस और महंगाई पर क्यों गरमाई जनता ? सटीक विश्लेषण | Labour Protest | Seedha Sawal
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
कोयला घोटाला केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल गिरफ्तार
कोयला घोटाला केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, आई-पैक के सह-संस्थापक विनेश चंदेल गिरफ्तार
पथराव-आगजनी, तोड़फोड़, 60 से ज्यादा गिरफ्तारी, जानें- नोएडा प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?
पथराव-आगजनी, तोड़फोड़, 60 से ज्यादा गिरफ्तारी, जानें- नोएडा प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?
Bhooth Bangla Box Office: 'भूत बंगला' से अक्षय-प्रियदर्शन रच सकते हैं इतिहास? 16 साल बाद जोड़ी को मिल सकती है सबसे बड़ी ओपनिंग!
'भूत बंगला' से अक्षय-प्रियदर्शन की जोड़ी रचेगी इतिहास? 16 साल बाद मिलेगी सबसे बड़ी ओपनिंग!
IPL 2026 : मुंबई इंडियंस को हराकर आरसीबी ने पॉइंट टेबल में कहां पहुंची, जानिए कौन टॉप पर
IPL 2026 : मुंबई इंडियंस को हराकर आरसीबी ने पॉइंट टेबल में कहां पहुंची, जानिए कौन टॉप पर
Noida Protest Live: नोएडा में कैसे फैली आग? पुलिस कमिश्नर ने किया ये दावा, अखिलेश यादव बोले- झूठ बोलने में सरकार नंबर 1
नोएडा में कैसे फैली आग? पुलिस कमिश्नर ने किया ये दावा, अखिलेश यादव बोले- झूठ बोलने में सरकार नंबर 1
राज्यसभा उपसभापति चुनाव पर सियासी संग्राम, 17 अप्रैल को फैसला, क्या बनेगी सहमति या होगा मुकाबला
राज्यसभा उपसभापति चुनाव पर सियासी संग्राम, 17 अप्रैल को फैसला, क्या बनेगी सहमति या होगा मुकाबला
Bengal SIR: बंगाल में 34 लाख मतदाता नहीं डाल पाएंगे वोट, SC का राहत से इनकार, ममता को लग सकता है झटका
बंगाल में 34 लाख मतदाता नहीं डाल पाएंगे वोट, SC का राहत से इनकार, ममता को लग सकता है झटका
अरविंद केजरीवाल हाई कोर्ट में खुद बने अपने 'वकील', सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित
अरविंद केजरीवाल हाई कोर्ट में खुद बने अपने 'वकील', सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित
Embed widget