Indian Navy: न्यूक्लियर सबमरीन और वॉरशिप में क्या होता है अंतर, दोनों के मामले में भारत किस नंबर पर?
Indian Navy: INS तारागिरी और INS अरिदमन को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि न्यूक्लियर सबमरीन और वॉरशिप में क्या अंतर होता है.

Indian Navy: INS तारागिरी और INS अरिदमन जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना में शामिल हो चुके हैं. हालांकि यह दोनों ही शक्तिशाली संपत्तियां हैं लेकिन ये युद्ध के पूरी तरह से अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती हैं. एक समुद्र की सतह पर राज करती है जबकि दूसरी उसके नीचे छिपी रहती है. आइए जानते हैं कि न्यूक्लियर सबमरीन और वॉरशिप में क्या अंतर होता है.
कैसे करते हैं ये काम?
युद्धपोत जैसे कि फ्रिगेट, डिस्ट्रॉयर और विमानवाहक पोत समुद्र की सतह पर काम करते हैं. वे दिखाई देते हैं, भारी हथियारों से लैस होते हैं और सीधे मुकाबले के लिए डिजाइन किए जाते हैं. उनकी मौजूदगी ही शक्ति प्रदर्शन का काम कर सकती है.
इसके उलट परमाणु पनडुब्बियां समुद्र में काफी गहराई में काम करती हैं और अक्सर महीनों तक किसी की नजर में नहीं आती. उनकी गोपनीयता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. इसकी वजह से दुश्मन के रडार या फिर उपग्रह के लिए उन्हें ट्रैक करना काफी मुश्किल हो जाता है.
ईंधन और सहनशक्ति की क्षमता
सबसे बड़े अंतरों में से एक यह है कि उन्हें शक्ति कैसे मिलती है. युद्धपोत डीजल या फिर गैस टर्बाइन पर निर्भर होते हैं. यानी कि उन्हें ईंधन भरवाना पड़ता है. वहीं परमाणु पनडुब्बियां अपने अंदर लगे परमाणु रिएक्टरों से चलती हैं. यह उन्हें बिना ईंधन भरवाए सालों तक काम करने की सुविधा देता है. वे सिर्फ कभी-कभी ही सतह पर आती हैं.
युद्ध में भूमिका
युद्धपोत को समुद्र की सतह को कंट्रोल करने के लिए डिजाइन किया गया है. वे हवाई खतरों से बचाव करते हैं, मिसाइल दागते हैं और बड़े पैमाने पर नौसैनिक अभियानों में सहायता करते हैं. दूसरी तरफ परमाणु पनडुब्बियां गोपनीय युद्ध में माहिर होती हैं. उनका इस्तेमाल अक्सर अचानक हमलों और रणनीतिक प्रतिरोध के लिए किया जाता है.
भारत की परमाणु पनडुब्बी शक्ति
भारत के पास अभी तीन परमाणु शक्ति से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां हैं. इनका नाम INS अरिहंत, INS अरिघात और INS अरिदमन है. वैश्विक स्तर पर परमाणु पनडुब्बी क्षमता के मामले में भारत छठे स्थान पर आता है.
भारत का युद्धपोत बेड़ा
कुल नौसैनिक शक्ति के मामले में भारत शीर्ष समुद्री शक्तियों में से एक है. भारतीय नौसेना के पास लगभग 343 नौसैनिक संपत्तियां हैं. इनमें विमानवाहक पोत, विध्वंसक, फ्रिगेट और गश्ती पोत शामिल हैं. बेड़े के आकार के मामले में भारत दुनिया भर में चौथे स्थान पर आता है.
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Source: IOCL



























