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कौन हैं यूएन में पाकिस्तान की बखिया उधेड़ने वाली अनुपमा सिंह, इन्हें कितनी मिलती है सैलरी?

भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने यूएन में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरते हुए उसे फ्रेंकस्टीन स्टेट कह डाला है. आइए जानें कि अनुपमा सिंह कौन हैं और उनको सरकार कितनी सैलरी देती है.

संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की एक जांबाज महिला अधिकारी ने पाकिस्तान के झूठ और प्रोपेगैंडा की ऐसी धज्जियां उड़ाई हैं, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई जा रही है. जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में भारतीय राजनायिक अनुपमा सिंह ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को अपनी तीखी और बेबाक टिप्पणियों इस कदर बेनकाब किया है कि वह जवाब देने की भी हालत में नहीं है. इस ऐतिहासिक भाषण के बाद से हर भारतीय के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर अनुपमा सिंह का बैकग्राउंड क्या है और सरकार की ओर से उनको कितनी सैलरी मिलती है.

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को याद दिलाई उसकी औकात

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र के दौरान भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई. उन्होंने भरी सभा में इस्लामाबाद को एक चरमराता हुआ फ्रेंकस्टीन स्टेट यानि भस्मासुर जैसा देश करार दे दिया. अनुपमा सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान आज खुद के ही तैयार किए हुए आतंकवाद के जहरीले ढांचे का शिकार बन चुका है. कश्मीर का रोना रोने वाले पाकिस्तान के हर झूठ को उन्होंने भरी सभा में ऐसे तर्कों के साथ काटा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधियों को जवाब देते नहीं बना.

कौन हैं IFS अनुपमा सिंह?

अनुपमा सिंह साल 2014 बैच की एक होनहार और सीनियर भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद शानदार है, जिसने उनको एक बेहतरीन रणनीतिकार बनाया है. उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की है. इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज FMS से फाइनेंस में एमबीए भी किया. डिप्लोमैट बनने से पहले उन्होंने मशहूर ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म केपीएमजी में एक कंसल्टेंट के रूप में सेवाएं भी दी थीं.

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एक आईएफएस को कितनी मिलती है सैलरी?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली अनुपमा सिंह जैसी सीनियर डिप्लोमैट की सटीक मासिक सैलरी को सुरक्षा कारणों के चलते पब्लिकली नहीं बताया जाता है. हालांकि सरकार के सातवें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार एक आईएफएस अधिकारी का वेतन उनकी वरिष्ठता के आधार पर तय किया जाता है. शुरुआत में तो इनकी सैलरी पे-बैंड के अनुसार होती है, जो कि प्रमोशन के साथ-साथ बढ़ती जाती है. लेकिन विदेशों में तैनात राजनयिकों की असल ताकत सैलरी से ज्यादा उनको मिलने वालों भत्तों पर निर्भर करती है.

विदेशी भत्तों के साथ मिलने वाली आलीशान सुविधाएं

जिनेवा जैसे महंगे शहर में तैनात संयुक्त राष्ट्र के फर्स्ट सेक्रेटरी को भारत सरकार की ओर से फॉरेन अलाउंस दिया जाता है. यह भत्ता उस देश में रहने की लागत के अनुसार तय होता है. इस भत्ते को मिलाकर उनकी कुल आय लाखों में पहुंच जाती है. सैलरी के साथ-साथ उनको मुफ्त आलीशान आवास, आधिकारिक वाहन, पर्सनल ड्राइवर, बेहतरीन मेडिकल सुविधाएं और बच्चों की पढ़ाई के लिए खास अंतरराष्ट्रीय शिक्षा भत्ता भी मिलता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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