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ये था प्रधानमंत्री मोदी का सबसे छोटा भाषण, सिर्फ 56 मिनट में खत्म कर दी थी अपनी बात

Independence day 2025: देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, लेकिन आज चर्चा मोदी के सबसे छोटे भाषण की हो रही है, जो उन्होंने लाल किले से दिया था. चलिए पीएम के सबसे छोटे भाषण के बारे में जानें.

Independence day 2025: देश आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडा फहराकर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया है. अपने संबोधन में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सिंधु जल समझौता, भारत-पाकिस्तान टकराव, मेड इन इंडिया समेत भारत से जुड़े तमाम मुद्दों पर बात की है. लाल किले की प्राचीर से यह पीएम मोदी का सबसे लंबा भाषण था. इस दौरान उन्होंने 103 मिनट देश को संबोधित किया है. इससे पहले भी पीएम मोदी के लाल किले से कई लंबे-लंबे भाषण रहे हैं. लेकिन आज हम आपको पीएम मोदी के सबसे छोटे भाषण के बारे में बताते हैं. 

पीएम ने कितने मिनट दिए भाषण

पीएम मोदी साल 2014 से देश के प्रधानमंत्री हैं. तब से लेकर आज तक उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर 12 बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया है. इससे पहले पिछले साल 2024 में उन्होंने 98 मिनट तक भाषण दिया था, 2023 में 90 मिनट, 2022 में 83 मिनट, 2021 में 88 मिनट, 2020 में 90 मिनट, 2019 में 92 मिनट, 2018 में 83 मिनट, 2017 में 56 मिनट, 2016 में 88 मिनट, 2015 में 88 मिनट और 2014 में 65 मिनट देश को संबोधित किया था. 

पीएम का सबसे छोटा भाषण

इस दौरान पीएम मोदी का सबसे छोटा भाषण 2017 का था. इस दौरान वे हाफ बाजू का पीला कुर्ता-पायजामा और लाल-पीली पगड़ी लगाकर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया था. साल 2017 में लाल किले की प्राचीर से पीएम ने कहा था, “जनता के सामूहिक संकल्प और शक्ति ने ही हमारे देश को आजादी दिलाई, कोई छोटा या बड़ा नहीं है. गिलहरी की कहानी हमारे जेहन में है जो बदलाव की वाहक बनी. इसलिए हमें याद रखना चाहिए कि सवा सौ करोड़ लोगों में कोई छोटा या बड़ा नहीं है, सभी समान हैं.” 

पीएम के साल 2017 के भाषण के कुछ अंश 

पीएम ने आगे कहा था, हम में से हर कोई, चाहे वह कहीं भी हो, एक नए संकल्प, एक नई ऊर्जा, एक नई शक्ति के साथ प्रयास करे, तो 2022 में, अपनी आजादी के 75वें वर्ष में, हम सब मिलकर अपनी शक्ति से देश की तस्वीर बदल सकते हैं. यह नया भारत होगा एक सुरक्षित, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र. एक ऐसा नया भारत जहां सभी के लिए समान अवसर हों, जहां आधुनिक विज्ञान और तकनीक, वैश्विक पटल पर राष्ट्र का नाम रोशन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं. 

सर्जिकल स्ट्राइक पर की थी बात

अपने भाषण में मोदी ने कहा था, वामपंथी उग्रवाद हो, आतंकवाद हो, घुसपैठिए हों, देश के अंदर अशांति फैलाने वाले तत्व हों- हमारे देश के वर्दीधारी बलों ने अथाह त्याग किया है, और जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई, तो दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सामर्थ्य का लोहा मानना पड़ा. हम आतंकवाद के विरुद्ध कड़े कदम उठाएंगे. आतंकवाद या आतंकवादियों के प्रति नरम रुख अपनाने का कोई सवाल ही नहीं उठता. हम उग्रवादियों से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान करते रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान का नक्शा तैयार करने वाले ने कभी नहीं देखी थी सरहद, जानें बंटवारे का वो अनसुना किस्सा

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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