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Romania Housing: इस देश में हर नागरिक के पास है अपना मकान, नाम सुनकर नहीं होगा यकीन

Romania Housing: दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां हर किसी का अपना खुद का घर है. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश.

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  • सस्ती कीमतों पर घर मिलने से अधिकांश लोग मालिक बने।

Romania Housing: ऐसे समय में जब दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों की वजह से घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है एक ऐसा यूरोपीय देश है जहां लगभग हर नागरिकों का अपना घर है. वह देश है रोमानिया. यहां कथित तौर पर दुनिया में सबसे ज्यादा लोग अपने घरों में रहते हैं. यह संख्या 96% की है. 

कम्युनिस्ट शासन ने हाउसिंग व्यवस्था बदली 

1947 से 1989 के बीच रोमानिया में कम्युनिस्ट शासन रहा. इस दौरान सरकार ने शहर और कस्बों में बड़ी संख्या में कंक्रीट के अपार्टमेंट ब्लॉक बनवाए. ज्यादातर नागरिक इन सरकारी अपार्टमेंट में रहते थे और काफी कम किराया देते थे. ऐसा इसलिए क्योंकि यह प्रॉपर्टी पूरी तरह से सरकारी थी. उस दौर में घरों पर निजी मालिकाना हक काफी कम था और आबादी का एक बड़ा हिस्सा असल में सरकार के किराएदार के तौर पर रह रहा था.

कम्युनिस्ट शासन गिरने के बाद सब कुछ बदल गया 

1989 में कम्युनिस्ट शासक निकोलाए के पतन के बाद एक जबरदस्त बदलाव आया. 1990 के दशक की शुरुआत में रोमानिया की नई सरकार ने बड़े पैमाने पर निजीकरण के सुधार लागू किए. सबसे बड़े फैसलों में से एक यह था कि जो लोग पहले से ही सरकारी अपार्टमेंट में रह रहे थे उन्हें वह घर सीधे सरकार से खरीदने की इजाजत दे दी गई. 

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अपार्टमेंट काफी सस्ती कीमतों पर बेचे गए 

उस समय रोमानिया गंभीर महंगाई और आर्थिक अस्थिरता का सामना कर रहा था. क्योंकि देश की मुद्रा का मूल्य तेजी से गिर गया था इस वजह से आम नागरिकों के लिए घरों की कीमतें काफी ज्यादा सस्ती हो गई. कई मामलों में परिवारों ने कथित तौर पर अपनी कुछ ही महीनों की बचत से अपने अपार्टमेंट खरीद लिए. लाखों किराएदार काफी कम समय में ही अचानक अपने घरों के मालिक बन गए.

वैश्विक घर स्वामित्व रैंकिंग में सबसे आगे 

आज भी रोमानिया घर स्वामित्व दरों के मामले में दुनिया भर में सबसे ऊपर बना हुआ है. जहां अमीर देश अक्सर बढ़ते किराए और आवास के कमी से जूझते हैं वहीं रोमानिया के अनोखे  ऐतिहासिक बदलाव ने ऐसी स्थिति को पैदा कर दिया है जहां नागरिकों के पास पहले से ही अपनी संपत्ति है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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