कोई हिंदू लड़की अगर मुस्लिम से शादी कर ले तो क्या होगा, पिता की प्रॉपर्टी में मिलेगा हिस्सा?
अगर हिंदू लड़की मुस्लिम लड़के से शादी कर ले तो क्या होगा? ऐसे कई मामले अदालत पहुंचे हैं. अदालतों ने कहा है कि सिर्फ मुस्लिम में शादी कर लेने से यह तय नहीं होता कि लड़की ने अपना धर्म भी बदल लिया है.

भारत में इंटरकास्ट मैरिज ही नहीं, बल्कि लोग दूसरे धर्म में जाकर भी शादियां कर रहे हैं. ऐसी शादियों के बाद सबसे बड़ा विवाद होता हैं संपत्ति के बंटवारे का. दरअसल, भारत में विवाद और संपत्ति जैसे मामलों के निपटारे के लिए धर्म के आधार पर पर्सलन लॉ हैं. जैसे-हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार, बेटी को अपने पिता की संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिलता है. वहीं मुस्लिम लॉ के अनुसार, बेटियों को पिता की संपत्ति में भाई के मुकाबले आधा हिस्सा दिया जाता है.
अब सवाल यह है कि अगर कोई हिंदू लड़की अगर किसी मुस्लिम से शादी कर लेती है तो क्या होगा, क्या वह हिंदू लड़की अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा पाने की हकदार है? इस बारे में हिंदू उत्तराधिकार कानून क्या कहता है? आज हम इसी के बारे में जानेंगे.
हिंदू उत्तराधिकार कानून में किया गया था बदलाव
2005 के पहले हिंदू उत्तराधिकार कानून में बेटियों को हिंदू अविभाजित परिवार का सदस्य माना जाता था. यानी वे पिता की संपत्ति में समान उत्तराधिकारी नहीं थीं. हालांकि, इस कानून में बदलाव किया गया. संशोधन के बाद बेटी को भी समान रूप से पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी माना गया है. यानी अब बेटी के विवाह से पिता की संपत्ति में उसके अधिकार में कोई बदलाव नहीं आता है. शादी के बाद भी बेटियां अपने पिता की संपत्ति में बराबर की हकदार होती हैं.
मुस्लिम लड़के से हो जाए शादी तो?
अब सवाल यह है कि अगर हिंदू लड़की मुस्लिम लड़के से शादी कर ले तो क्या होगा? ऐसे कई मामले अदालत भी पहुंचे हैं. अदालतों ने कहा है कि सिर्फ मुस्लिम में शादी कर लेने से यह तय नहीं होता कि हिंदू लड़की ने अपना धर्म भी बदल लिया है. यानी मुस्लिम लड़के से शादी करने के बाद भी हिंदू लड़की हिंदू उत्तराधिकार कानून के बाद अपने पिता की संपत्ति में बराबर की हकदार होगी. वह अपने पिता की संपत्ति में आधा हिस्सा मांग सकती है.
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Source: IOCL





















