एक्सप्लोरर

Mughal Emperors Buried: मुगल बादशाहों को कैसे किया जाता था दफन? जानें क्या कब्र में रखे जाते थे सोने के जेवरात

Mughal Emperors Buried: मुगल बादशाहों को मौत के बाद दफनाया जाता था. ये कार्यक्रम उनके द्वारा पहले से निर्धारित किसी मकबरे या गार्डन में होता था. जो कि उनकी वसीयत में पहले से लिखा होता था.

Mughal Emperors Buried: मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को लेकर देशभर में विरोध चल रहा है. अबू आजमी के एक बयान के बाद औरंगजेब को लेकर चर्चा छिड़ गई और फिर RTI ने कह दिया सरकार औरंगजेब की कब्र के लिए सालाना 2 लाख रुपये खर्च करती है. इस रिपोर्ट ने विरोध की आग को भड़काने का काम किया. इन सब विवादों को एक तरफ कर दें तो क्या आप ये जानते हैं कि आखिर मुगल बादशाहों कैसे दफन किया जाता था. आइए इस बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं. 

मुगलों में कैसे होते थे अंतिम संस्कार

मुगलों में दफन करने की परंपरा में अक्सर भव्य गार्डेन और मकबरे शामिल होते थे. जो कि इन बादशाहों के लिए खासतौर से बनवाए जाते थे. इसकी शुरूआत हुमायूं के मकबरे से हुई थी, इसके बाद ताजमहल सहित और इसके बाद की मुगल वास्तुकला ज्यादातर इन मकबरों से ही प्रभावित थी. इन्हीं संरचनाओं के अंदर मुगल परिवारों के बाकी सदस्यों को दफनाया जाता था. मुगल बादशाहों को आमतौर पर साधारण या उनकी वसीयत के अनुसार बनवाए गए मकबरों में दफनाया जाता था. ये उनकी इच्छाओं और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार होते थे, जैसे कि औरंगजेब चाहता था कि उसका मकबरा एकदम सादा सा हो और खुले आसमान के नीचे हो, उसके ऊपर कोई छत न हो. 

मुस्लिम समाज में किस तरह होता है अंतिम संस्कार

मुस्लिम समाज में अंतिम संस्कार की अलग प्रक्रिया होती है, जो कि उनके लिए बहुत जरूरी होती है. इस्लामी कानून (शरिया) के अनुसार किसी प्रियजन की मृत्यु के तुरंत बाद अंतिम संस्कार की व्यवस्था शुरू कर देनी चाहिए. किसी प्रियजन की मृत्यु के तुरंत बाद, उनकी आंखें और मुंह बंद कर दिए जाते हैं और शव को एक सफेद चादर से ढंक दिया जाता है. अंतिम संस्कार की रस्मों और रीति-रिवाजों के अनुसार, शव को उसी लिंग के करीबी परिवार के सदस्यों द्वारा तीन बार गुस्ल (नहलाया) कराया जाता है. फिर शव का बायां हाथ छाती पर और दायां हाथ उसके ऊपर रखकर लिटाया जाता है. उसके बाद उसे बड़ी सफेद चादरों से ढंक दिया जाता है और रस्सियों से कफन को बांध दिया जाता है.

किस तरह बनाई जाती है कब्र

सबसे पहले, शोक मनाने वाले लोग मस्जिद में सलात अल-जनाजा पढ़ने के लिए एकत्रित होते हैं, जो इस्लामी अंतिम संस्कार प्रार्थना है. इसमें मृतक और सभी मृत मुसलमानों के लिए क्षमा मांगी जाती है. इस दौरान सभी को मक्का की ओर मुंह करके कम से कम तीन पंक्तियों में खड़ा होना होता है. प्रार्थना पूरी होने के बाद शव को चुने गए दफन स्थल पर ले जाया जाता है. मुस्लिम दफन के लिए कब्र मक्का के लंबवत होनी चाहिए, मृतक के शरीर को इस तरह से रखा जाना चाहिए कि उसका दाहिना हिस्सा इस्लामी पवित्र शहर की ओर हो.

जनाजे पर सीधे मिट्टी नहीं डाली जाती

इसके बाद जैसे ही शव को कब्र में उतारा जाता है सभी लोग प्रार्थना करते हैं. शव को मिट्टी से छूने से रोकने के लिए पहले उस पर लकड़ी या पत्थर बिछाए जाते हैं. अंत में प्रत्येक शोक मनाने वाला व्यक्ति कब्र में तीन मुट्ठी मिट्टी डालता है. आमतौर पर बड़े या सजावटी हेडस्टोन की अनुमति नहीं होती है, इसलिए उनके अंतिम स्थल की पहचान के लिए एक छोटा पत्थर वहां छोड़ दिया जाता है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Delimitation India: आजादी के बाद से कितनी बार हो चुका डिलिमिटेशन, जानें हर बार क्या हुआ बदलाव?
आजादी के बाद से कितनी बार हो चुका डिलिमिटेशन, जानें हर बार क्या हुआ बदलाव?
Lok Sabha Rule 66: क्या है लोकसभा का नियम 66 का प्रावधान, जिसे निलंबित करने जा रही सरकार?
क्या है लोकसभा का नियम 66 का प्रावधान, जिसे निलंबित करने जा रही सरकार?
कितने रुपये में बनता है US का MQ-4C ड्रोन, जानें इसकी कितनी यूनिट ईरान में हुईं तबाह?
कितने रुपये में बनता है US का MQ-4C ड्रोन, जानें इसकी कितनी यूनिट ईरान में हुईं तबाह?
Pakistan Blackout: पाकिस्तान में क्यों बढ़ रही बिजली कटौती, क्या ईरान संकट की वजह से अंधेरे में डूब रहा पड़ोसी?
पाकिस्तान में क्यों बढ़ रही बिजली कटौती, क्या ईरान संकट की वजह से अंधेरे में डूब रहा पड़ोसी?

वीडियोज

2 साल पुरानी फिर भी उतनी ही मजबूत ! Hyundai Venue ownership review #hyundai #venue #autolive
नासिक के कॉर्पोरेट 'किले' के शैतान !
युद्ध नहीं रुका तो मचेगी तबाही? एक्सपर्ट की चेतावनी
Sandeep Chaudhary: युद्ध नहीं रुका तो मचेगी तबाही? एक्सपर्ट की चेतावनी | Iran US Conflict | Trump
US Iran Ceasefire : Trump के तेवर नरम पड़ने के पीछे क्या है बड़ी वजह? | Strait Of Hormuz | China

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Womens Reservation Bill: मुस्लिम महिलाओं को लेकर संसद में अखिलेश यादव से क्यों भिड़े अमित शाह ? 'हमें आपत्ति नहीं, आप सारी...'
मुस्लिम महिलाओं को लेकर संसद में अखिलेश यादव से क्यों भिड़े अमित शाह ? 'हमें आपत्ति नहीं, आप सारी...'
महिला आरक्षण: लोकसभा में अखिलेश यादव ने BJP को घेरा, 'दिल्ली की सीएम हाफ सीएम हैं'
महिला आरक्षण: लोकसभा में अखिलेश यादव ने BJP को घेरा, 'दिल्ली की सीएम हाफ सीएम हैं'
Women’s Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीनों बिल पेश, क्या हैं ये, इससे देश में क्या बदल जाएगा, जानें
Women’s Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीनों बिल पेश, क्या हैं ये, इससे देश में क्या बदल जाएगा, जानें
Ustaad Bhagat Singh Lifetime Collection: पवन कल्याण की ‘उस्ताद भगत सिंह’ हुई फ्लॉप, जानें- कितना रहा लाइफ टाइम कलेक्शन और कितना वसूला बजट
‘उस्ताद भगत सिंह’ हुई फ्लॉप, जानें- पवन कल्याण की ये फिल्म कितना वसूल पाई बजट
अगर आयरलैंड दौरे पर हुआ वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू तो किसका कटेगा पत्ता, सूर्यकुमार होंगे बाहर?
अगर आयरलैंड दौरे पर हुआ वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू तो किसका कटेगा पत्ता, सूर्यकुमार होंगे बाहर?
रूस-ईरान से तेल नहीं खरीद पाएगा भारत, डेडलाइन खत्म, ट्रंप के करीबी बेसेंट ने कहा- 'अब और नहीं...'
रूस-ईरान से तेल नहीं खरीद पाएगा भारत, डेडलाइन खत्म, ट्रंप के करीबी बेसेंट ने कहा- 'अब और नहीं...'
CBSE 10th Second Board Exams 2026: सीबीएसई बोर्ड एग्जाम का दूसरा विंडो आज से खुला, जानिए इसके नियम, डेट और फीस
सीबीएसई बोर्ड एग्जाम का दूसरा विंडो आज से खुला, जानिए इसके नियम, डेट और फीस
Tech Tips: स्मार्टफोन के ये हिडन फीचर्स आसान बना देंगे जीवन, आज ही यूज करना करें शुरू
Tech Tips: स्मार्टफोन के ये हिडन फीचर्स आसान बना देंगे जीवन, आज ही यूज करना करें शुरू
Embed widget