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सऊदी अरब के वीजा बैन से भारतीयों पर कितना संकट, किन लोगों को होगी ज्यादा परेशानी?

सऊदी अरब ने जिन 14 देशों के वीजा नियमों में बदलाव किया है, उसमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, इराक, जॉर्डन, अल्जीरिया, सूडान, इथियोपिया, टयूनीशिया और यमन शामिल हैं.

Saudi Arabia Visa Ban: सऊदी अरब ने अपने वीजा नियमों में बदलाव किया है. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भारत-पाकिस्तान समेत दुनिया के 14 देशों के वीजा पर अस्थायी तौर पर बैन लगा दिया है. यह बैन फैमिली, बिजनेस और उमराह वीजा पर भी लागू होगा. सरकार के फैसले के मुताबिक, अब इन देशों के मल्टीपल एंट्री वीजा नहीं मिलेगा, ऐसे वीजा को अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है. सऊदी सरकार अब केवल सिंगल एंट्री वीजा ही जारी करेगी. हालांकि, यह बैन मध्य जून यानी हज पूरा होने तक ही लगाया गया है. जून के बाद वीजा सेवाएं फिर से सामान्य हो सकती हैं.

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि सऊदी अरब के वीजा नियमों में बदलाव से भारतीयों पर कितना संकट होगा. वीजा बैन के फैसले से किन लोगों को ज्यादा परेशानी होगी, दरअसल, हर साल बड़ी संख्या में भारतीय सऊदी अरब जाते हैं. आइए जानते हैं... 

14 देशों पर लगाया गया है बैन

सऊदी अरब ने जिन 14 देशों के वीजा नियमों में बदलाव किया है, उसमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, इराक, जॉर्डन, अल्जीरिया, सूडान, इथियोपिया, टयूनीशिया और यमन शामिल हैं. जाहिर है ये वे देश हैं, जहां से सबसे ज्यादा यात्री हज यात्रा के लिए सऊदी अरब की यात्रा करते हैं. सरकार के फैसले से यह स्पष्ट है कि हज यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थाई तौर पर नियमों में बदलाव किया गया है. दरअसल, बीते साल हज यात्रा के दौरान हज के दौरान भगदड़ में 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जिससे सऊदी सरकार की वैश्विक स्तर पर बड़ी किरकिरी हुई थी. 

अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए लागू किए गए नए नियम

सऊदी अरब में बीते साल हज के दौरान जिन लोगों की भगदड़ में मौत हुई थी, उनमें बड़ी संख्या अनाधिकृत हज यात्रियों की थी. यानी ऐसे यात्री जो बिना रजिस्ट्रेशन के हज यात्रा करने चले गए थे, यानी उनके पास हज परमिट नहीं था, जिससे व्यवस्था चरमरा गई और लोगों की मौत हो गई. दरअसल, सऊदी सरकार की ओर से जारी होने वाला मल्टीपल एंट्री वीजा लॉन्ग टर्म वीजा होता है, जो विदेशी नागरिकों को साल में कई बार सऊदी अरब आने की अनुमति देता है. इस वीजा का लाभ उठाकर कई यात्री हज के दौरान सऊदी अरब में ही रुक जाते थे और बिना रजिस्ट्रेशन कराए हज के लिए मक्का शहर की यात्रा करते थे, जिससे भीड़ बढ़ती थी. नए नियम इस पर रोक लगाएंगे. 

भारतीयों पर कितना पड़ेगा असर

बहुत से भारतीयों के पास सऊदी अरब का मल्टीपल एंट्री वीजा है, ऐसे वीजा धारक एक साल में कई बार सऊदी अरब की यात्रा कर सकते हैं. सरकार ने इन वीजा धारकों पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी है. दरअसल, ये लोग बिना रजिस्ट्रेशन के ही हज यात्रा पर चले जाते हैं. अब हज यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को सिंगल एंट्री वीजा जारी किया जाएगा, जो केवल एक महीने के लिए ही मान्य होगा. इसका असर उन भारतीय मुसलमानों पर पड़ेगा, जो बिना रजिस्ट्रेशन कराए हज के लिए मक्का शहर की यात्रा करते हैं. इसके अलावा नियमों में हुए बदलाव का असर बड़ी संख्या में उन भारतीयों को भी होगा, जिनका परिवार या बिजनेस सऊदी में है. उन्हें परिवार से मिलने या बिजनेस के सिलसिले में सिंगल एंट्री वीजा के लिए ही आवेदन करना होगा. बता दें, सऊदी के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अगर कोई बैन के बावजूद सऊदी अरब में अवैध रूप से रहता है तो उसे पांच साल तक सऊदी अरब आने से रोका जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: कौन सी VVIP कारें भारत में बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ सकती हैं, कौन करता है इनकी निगरानी?

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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