Strait Of Hormuz: होर्मुज स्ट्रेट से कितनी कमाई करता है ईरान, अगर यह खुला तो कितना होगा नुकसान?
Strait Of Hormuz: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर होर्मुज स्ट्रेट पर अभी भी कायम है. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर स्ट्रेट पूरी तरह से खुल जाता है तो ईरान को कितना नुकसान होगा.

- खुले स्ट्रेट से ईरान आय खोएगा, वैश्विक तेल दाम गिरेंगे।
Strait Of Hormuz: होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने इस रास्ते को एक बार फिर दुनिया की नजर में ला दिया है. शिपिंग में रुकावट और ऊर्जा की सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से कितनी कमाई करता है और अगर अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत यह रास्ता पूरी तरह से खुल जाए तो उसकी आर्थिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
होर्मुज स्ट्रेट इतना जरूरी क्यों?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर में तेल के व्यापार के लिए एक अहम रास्ता है. यहां से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुजरता है. इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, शिपिंग की लागत और तेल की कीमतों पर पड़ता है. इस रास्ते के पास ईरान की रणनीतिक स्थिति उसे इस इलाके से गुजरने वाले समुद्री यातायात पर काफी प्रभाव देती है.
ईरान की प्रस्तावित टोल से कमाई
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों से प्रति बैरल $1 का ट्रांजिट शुल्क लेने का प्रस्ताव दिया है. अगर ऐसा टोल सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाता है तो ईरान सालाना 70 अरब डॉलर से 80 अरब डॉलर तक कमा सकता है. यह अनुमानित कमाई 2024 में देश की तेल निर्यात से होने वाली 46.7 अरब डॉलर की कमाई से काफी ज्यादा होगी.
तेल निर्यात से मौजूदा कमाई
भू राजनीतिक तनाव, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद ईरान कच्चे तेल के निर्यात से अच्छी खासी कमाई कर रहा है. मौजूदा अनुमान बताते हैं कि ईरान कच्चे तेल की बिक्री से हर दिन लगभग 139 मिलियन डॉलर कमाता है. यह एक्सपोर्ट देश के लिए विदेशी इनकम के सबसे जरूरी तरीकों में से एक बना हुआ है.
तेहरान टोल बूथ का कॉन्सेप्ट
ईरान के प्रस्तावित शुल्क ढांचे को तेहरान टोल बूथ मॉडल कहा गया है. इस सिस्टम के तहत सुरक्षा सेवा और समुद्री नियमों के ढांचे के अंदर स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज से शुल्क वसूला जाएगा. समर्थक इस प्रस्ताव को ईरान के लिए अपनी रणनीति की स्थिति से कमाई करने के एक तरीके के तौर पर देख रहे हैं.
अगर स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाए तो क्या होगा?
अगर होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका, ओमान और दूसरे अंतरराष्ट्रीय पक्षों से जुड़े समझौतों के तहत आजादी से काम करता है तो ईरान की अपनी टोल व्यवस्था लागू करने की क्षमता काफी कमजोर हो सकती है. ऐसी हालात में देश सालाना लगभग 80 अरब डॉलर की संभावित कमाई का जरिया खो सकता है.
इसी के साथ स्ट्रेट के पूरी तरह खुले और स्थिर रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार होगा. जिसे रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आसानी से आ जा सकेगा. आपूर्ति बढ़ने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है और कीमतें गिर सकती हैं.
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