लड़के को लड़का पसंद है और लड़की को लड़की, ऐसे मामलों में कितना आगे है दुनिया का सबसे ताकतवर देश?
समलैंगिक विवाह पर अमेरिकी लोगों की सोच लगातार बदल रही है और उन्हें स्वीकार्यता भी मिल रही है. 2023 में करीब 63 फीसदी लोगों ने इसे अपनी स्वीकार्यता दी थी.

हम 21वीं सदी में जी रहे हैं. कहने को तो हमारी सोच बहुत ही आधुनिक हो चुकी है, लेकिन आज भी जब LGBTQ कम्यूनिटी से जुड़ी बात होती है या फिर गे, लेस्बियन, ट्रांसजेंडर या बाइसेक्सुअल जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है तो या तो बहुत से लोग अपना चेहरा छिपाने लगते हैं या फिर उस चर्चा से हट जाते हैं. हमारे समाज में आज भी LGBTQ समाज को हीन भावना से देखा जाता है और ऐसा सिर्फ विकासशील देशों में नहीं, बल्कि खुद को विकसित राष्ट्र कहने वाले देशों के साथ भी है.
अमेरिका जैसा देश जहां समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिले 10 साल से ज्यादा हो गए है. यहां अभी भी समलैंगिक विवाह और LGBTQ समाज को हीन भावना देखने वालों की कमी नहीं है. चलिए जानते हैं कि अमेरिका जैसे आधुनिक, विकसित और ताकतवर देश के लोगों की सोच इस मामले में कितनी आगे है? यहां के आंकड़े क्या कहते हैं...
धीरे-धीरे मिल रही समलैंगिक समाज को स्वीकार्यता
आंकड़ों को देखें तो समलैंगिक विवाह पर अमेरिकी लोगों की सोच लगातार बदल रही है और उन्हें स्वीकार्यता भी मिल रही है. इसको लेकर 2004 में किए गए सर्वे में सामने आया था कि 31 फीसदी अमेरिकी इसके समर्थन में थे तो करीब 60 फीसदी ने विरोध किया था. 2015 में यह आंकड़ा बदल गया और 55 फीसदी लोगों ने इसका समर्थन किया और 39 फीसदी लोगों का विरोध किया. 2023 में समलैंगिक विवाह को समर्थन करने वालों की संख्या और बढ़ गई और यहां करीब 63 फीसदी लोगों ने समलैंगिक विवाह का समर्थन किया था.
गे ओर लेस्बियन लोगों की स्वीकार्यता ज्यादा
LGBTQ समुदाय के 3959 लोगों पर किए गए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. इसमें पता चला है कि LGBTQ समुदाय के अलग-अलग लोगों की स्वीकार्यता भी अलग है. 8 जनवरी से 19 जनवरी के बीच हुए सर्वे में 61% LGBTQ वयस्कों का कहना है कि गे या लेस्बियन लोगों की स्वीकार्यता सबसे ज्यादा है. इसके बाद बाईसेक्सुअल का नंबर आता है, उन्हें 52% लोग स्वीकार करते हैं. ट्रांसजेंडर और नॉनबाइनरी का हाल बुरा है, उनकी क्रमश: मात्र 13 से 14 फीसदी ही स्वीकृति है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















