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व्लादिमीर पुतिन को नींद में मारने की साजिश फेल, जानें कैसे होती है रूसी राष्ट्रपति की सुरक्षा?

रूस की एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. पुतिन के बॉडीगार्ड सुरक्षा का दिखाने वाला हिस्सा है, उनकी असली सुरक्षा एक बहु स्तरीय नेटवर्क के जरिए की जाती है.

रूस यूक्रेन युद्ध एक बार फिर बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. दरअसल इस बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बड़ा ड्रोन अटैक हुआ है. व्लादिमीर पुतिन को नींद में ही उड़ाने की साजिश थी. बताया जा रहा है कि 28-29 दिसंबर की आधी रात पुतिन के आवास पर 91 ड्रोनों से हमला हुआ. मगर हमले की साजिश नाकाम हो गई. हालांकि इस हमले की शक की सुई सीधे यूक्रेन पर गई है. वहीं पुतिन पर हुए ड्रोन हमले का जिम्मेदार भी रूस ने यूक्रेन को ही ठहराया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन ने उत्तरी रूस में स्थित राष्ट्रपति आवास पर लंबी दूरी के ड्रोन से हमला करने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि रात के समय लंबी दूरी वाले ड्रोन दागे गए, जिन्हें रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया. इस हमले के बाद से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा भी एक बार फिर चर्चा में आ गई है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि रूसी राष्ट्रपति की सुरक्षा कैसे होती है.

कैसे होती है रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा?

इस हमले के बाद एक बार फिर पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में आ गई है. रूस की बहुत गुप्त एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस राष्ट्रपति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. पुतिन के बॉडीगार्ड केवल दिखाई देने वाला हिस्सा है, जबकि उनकी असली सुरक्षा एक विशाल और बहु स्तरीय नेटवर्क के जरिए की जाती है. पुतिन की निजी सुरक्षा प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस के जिम्मे में होती है. यहां गार्डों का चयन बहुत सख्त प्रक्रिया से होता है. वहीं उम्मीदवारों की उम्र 35 साल से कम लंबाई 180 सेंटीमीटर से ज्यादा फिजिकल रूप से फिट और मानसिक रूप से मजबूत होना अनिवार्य है.

क्या है पुतिन का हाईटेक सुरक्षा नेटवर्क?

पुतिन की सुरक्षा में स्नाइपरड्रोन ऑपरेटरइलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस एक्सपर्ट और विशेष संचार टीमें शामिल रहती है. उनकी यात्राएं अक्सर आखिरी समय पर तय की जाती है और कई बार वह स्पेशल ट्रेन से सफर करते हैं, ताकि कोई खतरा न रहे. इसके अलावा राष्ट्रपति पुतिन के खानपान में भी बहुत कड़े नियम लागू होते हैं. पुतिन के शेफ को दस्ताने पहनना, दिन में कई बार यूनिफॉर्म बदलना और हाथों पर किसी भी तरह के कट की जांच करना जरूरी होता है. पुतिन के लिए खाने में इस्तेमाल होने वाले हर सामान की पहले जांच होती है और तैयार भोजन को पहले सिक्योरिटी खाती है.

पुतिन की बुलेट प्रूफ कार से लेकर फ्लाइंग प्लूटोन तक

विदेशी यात्राओं के दौरान पुतिन बुलेट प्रूफ ऑरस सीनेट लिमोजिन में चलते हैं, जो ग्रेनेड अटैक से भी सुरक्षित मानी जाती है. उनका विशेष विमान जिसे फ्लाइंग प्लूटोन कहा जाता है, सुरक्षित संचार प्रणाली और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. वहीं पुतिन की सुरक्षा से जुड़ा एक अनोखा नियम भी सामने आता रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार विदेश यात्राओं के दौरान उनके पूप को सील कर रूस वापस ले जाया जाता है. ताकि किसी विदेशी एजेंसी को उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी न मिल सके. 

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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