एक्सप्लोरर

कौन थीं अरुणा शानबाग, जिनके लिए सबसे पहले हुई थी इच्छामृत्यु की मांग? 43 साल तक झेले थे दरिंदगी के जख्म

इच्छामृत्यु को लेकर भारत में सबसे चर्चित और ऐतिहासिक मामला एक नर्स अरुणा शानबाग का रहा है. उनकी जिंदगी एक दर्दनाक हादसे के बाद ऐसी बदल गई कि वह पूरे 42–43 साल तक बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी रहीं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • भारत में पैसिव इच्छामृत्यु को मिली मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला.
  • 13 साल से कोमा में युवक के मामले में कोर्ट ने दी अनुमति.
  • अरुणा शानबाग के मामले में सबसे पहले उठी थी इच्छामृत्यु की मांग.
  • कोर्ट ने हरीश राणा के केस में पैसिव इच्छामृत्यु को दी सशर्त कानूनी मान्यता.

भारत में इच्छामृत्यु को लेकर समय-समय पर बहस होती रहती है. हाल ही में यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है क्योंकि Supreme Court of India ने लंबे समय से अचेत अवस्था में पड़े एक युवक के मामले में पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी है. यह मामला Ghaziabad के रहने वाले Harish Rana से जुड़ा है, जो करीब 13 साल से बिस्तर पर बेहोशी की हालत में पड़े हैं. इच्छामृत्यु को लेकर भारत में सबसे चर्चित और ऐतिहासिक मामला एक नर्स अरुणा शानबाग का रहा है. उनकी जिंदगी एक दर्दनाक हादसे के बाद ऐसी बदल गई कि वह पूरे 42–43 साल तक बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी रहीं. उनकी हालत को देखकर कुछ लोगों ने अदालत से यह मांग की थी कि उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी पीड़ा खत्म हो सके. तो आइए जानते हैं कि अरुणा शानबाग कौन थीं और उनके साथ ऐसा क्या हुआ जिसने पूरे देश को झकझोर दिया. 

अरुणा शानबाग कौन थीं?

अरुणा शानबाग का जन्म कर्नाटक में एक साधारण परिवार में हुआ था. अरुणा शानबाग अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में पूरी करने के बाद अरुणा आगे की पढ़ाई के लिए मुंबई चली गई. वहां उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई शुरू की और बाद में मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में नौकरी करने लगीं. 1971 में उन्हें इस अस्पताल में नर्स के रूप में पहली नौकरी मिली. अरुणा अपने काम में बहुत ईमानदार और मेहनती थीं, इसलिए अस्पताल के स्टाफ के बीच उनकी अच्छी पहचान बन गई थी.

शादी से पहले हुआ जिंदगी बदल देने वाला हादसा

शादी से सिर्फ एक महीने पहले, 27 नवंबर 1973 को एक ऐसी घटना हुई जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी.  उस रात अस्पताल के वार्ड बॉय सोहनलाल वाल्मीकि ने अरुणा के साथ अस्पताल के अंदर ही दरिंदगी की, उसने अरुणा का यौन उत्पीड़न किया और फिर पकड़े जाने के डर से कुत्ते की चेन से उनका गला घोंट दिया.  हमले के कारण उनके दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो गया और उनका ब्रेन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर वहां से भाग गया, लेकिन अरुणा की मौत नहीं हुई. वह गहरे कोमा में चली गईं और फिर कभी सामान्य जिंदगी में वापस नहीं आ सकीं. 

42 साल तक बिस्तर पर पड़ी रहीं अरुणा

उस घटना के बाद अरुणा शानबाग कोमा की हालत में चली गईं. वह बोल नहीं सकती थीं, चल नहीं सकती थीं और खुद से कोई काम नहीं कर सकती थीं. इसके बावजूद मुंबई के KEM अस्पताल की नर्सें और स्टाफ उन्हें लगातार संभालते रहे. उन्होंने अरुणा की देखभाल अपने परिवार के सदस्य की तरह की,  लगभग 42 साल तक अरुणा अस्पताल के एक बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलती रहीं. 

अरुणा के लिए उठी इच्छामृत्यु की मांग

साल 2011 में अरुणा की हालत को देखते हुए एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई. इसमें मांग की गई कि अरुणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए, क्योंकि वह कई दशकों से अचेत अवस्था में हैं और ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड से अरुणा की जांच करवाई. साथ ही KEM अस्पताल के स्टाफ और नर्सों से भी राय ली गई. अस्पताल की नर्सों ने अदालत से कहा कि वे अरुणा की देखभाल करना चाहती हैं और उन्हें जिंदा रखना चाहती हैं. 7 मार्च 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए अरुणा को इच्छामृत्यु की अनुमति देने से इंकार कर दिया. 

यह भी पढ़ें - क्या सरकारी कर्मचारियों को शेयर मार्केट में पैसा लगाने से रोक सकती है सरकार, जानें क्या हैं नियम?

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

अदालत ने अरुणा के मामले में इच्छामृत्यु की अनुमति नहीं दी, लेकिन इस फैसले में पहली बार भारत में पैसिव इच्छामृत्यु को कुछ शर्तों के साथ मान्यता दी गई.  पैसिव इच्छामृत्यु का मतलब है कि किसी गंभीर रूप से बीमार और अचेत मरीज के इलाज या लाइफ सपोर्ट को हटाने की अनुमति दी जा सकती है, अगर डॉक्टर और परिवार ऐसा उचित समझें.  इस फैसले ने भारत में इच्छामृत्यु से जुड़ी कानूनी बहस को एक नया मोड़ दिया.

आखिरकार 2015 में हुई मौत

अरुणा शानबाग करीब 42 साल तक कोमा में रहीं. मई 2015 में उन्हें निमोनिया हो गया. बीमारी बढ़ने के बाद आखिरकार 18 मई 2015 को उनकी मौत हो गई. उनकी जिंदगी एक ऐसी दर्दनाक कहानी बन गई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया और इच्छामृत्यु को लेकर बड़ी कानूनी और नैतिक बहस छेड़ दी. 

यह भी पढ़ें - यह है दुनिया का सबसे महंगा चावल, जानें क्या-क्या हैं इसकी खासियत?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

US Troops: जर्मनी से 5000 सैनिक बुलाएगा अमेरिका, जानें और कहां-कहां तैनात हैं उसके सैनिक?
जर्मनी से 5000 सैनिक बुलाएगा अमेरिका, जानें और कहां-कहां तैनात हैं उसके सैनिक?
Hajj Travel Cost: हज जाने में कितना पैसा होता है खर्च? समझ लें दिल्ली से मक्का तक का पूरा एक्सपेंस
हज जाने में कितना पैसा होता है खर्च? समझ लें दिल्ली से मक्का तक का पूरा एक्सपेंस
NDMA Emergency Alert: दुनिया में किसके पास है सबसे तगड़ा 'इमरजेंसी अलर्ट' सिस्टम, जानें कब-कब बज उठता है मोबाइल का सायरन?
दुनिया में किसके पास है सबसे तगड़ा 'इमरजेंसी अलर्ट' सिस्टम, जानें कब-कब बज उठता है मोबाइल का सायरन?
Bitumen Shortage: 1 गैलेन क्रूड ऑयल से कितना बिटुमिन निकलता है, इससे कितनी लंबी सड़क बनेगी?
1 गैलेन क्रूड ऑयल से कितना बिटुमिन निकलता है, इससे कितनी लंबी सड़क बनेगी?
Advertisement

वीडियोज

Bollywood: मई का बॉक्स ऑफिस संग्राम... कौन बनेगा थिएटर्स की जान | Mysaa | Vrushakarma
Sapne Vs Everyone 2: Ambrish Verma का कमाल, एक दमदार और जरूर देखने वाली सीरीज
TMC Supreme Court Hearing:Mamata Banerjee को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका!मतगणना विवाद पर याचिका खारिज
Bengal Re-Election 2026: Suvendu Vs Mamta! SC में ममता की बड़ी जंग! 'Counting' पर बड़ा फैसला!
West Bengal Repolling: Diamond Harbour और Magrahat में फिर से मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
'जल्द ही फांसी...,' पुणे रेप और हत्या मामले में लोगों के आक्रोश के बीच बोले CM देवेंद्र फडणवीस
'जल्द ही फांसी...,' पुणे रेप और हत्या मामले में लोगों के आक्रोश के बीच बोले CM देवेंद्र फडणवीस
OTT Releases: रोमांस से थ्रिल तक, थिएटर में हो गईं मिस तो ओटीटी पर निपटा लें साउथ की ये 7 धांसू फिल्में
रोमांस से थ्रिल तक, थिएटर में हो गईं मिस तो ओटीटी पर निपटा लें साउथ की ये 7 धांसू फिल्में
समीर रिजवी पर लगे लव जिहाद के आरोप, हिंदू गर्लफ्रेंड से पढ़वाते हैं कुरान की आयतें? जानें वायरल दावों का सच
समीर रिजवी पर लगे लव जिहाद के आरोप, हिंदू गर्लफ्रेंड से पढ़वाते हैं कुरान की आयतें? जानें सच
ओम बिरला ने बनाईं संसदीय समिति, वेणुगोपाल बने PAC अध्यक्ष, धर्मेंद्र यादव-तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी
ओम बिरला ने बनाईं संसदीय समिति, वेणुगोपाल बने PAC अध्यक्ष, धर्मेंद्र-तेजस्वी को बड़ी जिम्मेदारी
ईरान की आर्थिक घेराबंदी, अमेरिका की वजह से करोड़ों का नुकसान! ठप पड़ा तेल निर्यात
ईरान की आर्थिक घेराबंदी, अमेरिका की वजह से करोड़ों का नुकसान! ठप पड़ा तेल निर्यात
Can Diabetics Eat Watermelon: क्या शुगर के मरीज तरबूज खा सकते हैं, क्या कहते हैं एक्सपर्ट‌?
क्या शुगर के मरीज तरबूज खा सकते हैं, क्या कहते हैं एक्सपर्ट‌?
वरमाला के बीच तूफान की एंट्री, रस्म के बीच उड़ गया स्टेज, दुल्हन ने यूं बचाई दूल्हे की जान, वीडियो वायरल
वरमाला के बीच तूफान की एंट्री, रस्म के बीच उड़ गया स्टेज, दुल्हन ने यूं बचाई दूल्हे की जान, वीडियो वायरल
Embed widget