NDMA Emergency Alert: दुनिया में किसके पास है सबसे तगड़ा 'इमरजेंसी अलर्ट' सिस्टम, जानें कब-कब बज उठता है मोबाइल का सायरन?
NDMA Emergency Alert: आज देश के लाखों लोगों के फोन में इमरजेंसी अलर्ट नोटिफिकेशन आया है. इसी बीच आइए जानते हैं दुनिया का सबसे एडवांस इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम किस देश के पास है.

- भारत में सेल ब्रॉडकास्ट का सफल राष्ट्रीय परीक्षण हुआ।
- जापान का जे-अलर्ट दुनिया का सबसे उन्नत सिस्टम।
- जे-अलर्ट सैटेलाइट द्वारा तुरंत चेतावनी प्रसारित करता है।
- यह सिस्टम मोबाइल, टीवी, रेडियो और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है।
NDMA Emergency Alert: आज 2 मई 2026 को सुबह लगभग 11:41 बजे पूरे भारत में लाखों लोग उस समय चौंक गए जब उनके फोन में अचानक एक जोरदार इमरजेंसी अलर्ट की आवाज आई. हालांकि यह कोई खतरा नहीं था बल्कि नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी द्वारा सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का एक राष्ट्रव्यापी परीक्षण था. इसी बीच एक बड़ा सवाल सामने आता है कि दुनिया में सबसे एडवांस्ड इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम किस देश के पास है? आइए जानते हैं.
जापान का जे अलर्ट
वैश्विक स्तर पर जापान के जे अलर्ट को सबसे शक्तिशाली और कुशल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम माना जाता है. 2007 में शुरू किया गया यह सिस्टम पूरे देश में कुछ ही सेकंड के अंदर चेतावनी पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से ऑटोमेटेड है. यानी जैसे ही इसे किसी खतरे का पता चलता है बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप का इंतजार किए यह तुरंत अलर्ट जारी कर देता है.
यह कैसे काम करता है?
जे अलर्ट एक सैटेलाइट आधारित संचार प्रणाली के जरिए काम करता है. खास तौर से Superbird-B3 सेटेलाइट के जरिए. जैसे ही सरकारी एजेंसियां कोई चेतावनी जारी करती हैं उसे लगभग तुरंत पूरे देश में प्रसारित कर दिया जाता है. यह अलर्ट अधिकारियों तक एक सेकंड के अंदर और आम जनता तक 4 से 20 सेकंड के अंदर पहुंच जाता है.
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सिर्फ फोन तक नहीं है सीमित
सिर्फ मोबाइल नोटिफिकेशन पर निर्भर रहने वाले सिस्टम के उलट जापान एक मल्टी-लेयर्ड तकनीक का इस्तेमाल करता है. अलर्ट एक ही समय पर शहरों में लगे लाउडस्पीकर, टेलीविजन और रेडियो प्रसारण में रुकावट डालकर और मोबाइल फोन के जरिए प्रसारित किया जाता है. मोबाइल फोन तो साइलेंट मोड में होने के बावजूद भी काफी ज्यादा तेज सायरन बजाते हैं.
कब आता है अलर्ट ?
मोबाइल अलर्ट सायरन सिर्फ गंभीर परिस्थितियों में ही सक्रिय किए जाते हैं. इनमें भूकंप, सुनामी, चक्रवात और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं शामिल हैं. इसी के साथ गैस रिसाव या फिर बड़े पैमाने पर आग लगने जैसे गंभीर खतरों को भी शामिल किया गया है. जापान जैसे देशों में इस सिस्टम का इस्तेमाल नागरिकों को मिसाइल हमलों के खतरों के बारे में चेतावनी देने के लिए भी किया जाता है.
जापान के सिस्टम का सबसे आधुनिक पहलू इसका इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़ाव है. जब कोई अलर्ट जारी होता है तो बुलेट ट्रेन अपने आप रुक जाती हैं, लिफ्ट सबसे पास वाली मंजिल पर रुक कर खुल जाती हैं और गैस पाइपलाइन बंद हो जाती हैं.
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Source: IOCL



























