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Fathers Day 2026: भारत में कब मनाया जाएगा फादर्स डे? जानिए फादर्स डे का इतिहास और सेलिब्रेशन आइडियाज

2026 में फादर्स डे 21 जून को मनाया जाएगा. यह दिन हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को मनाया जाता है. इसलिए इसकी तारीख हर साल बदल जाती है. 2026 में जून का तीसरा रविवार 21 जून को पड़ रहा है.

Fathers Day 2026: जिस तरह से मां बच्चे को प्यार करती है, उसी तरह से पिता का भी बच्चे से खास लगाव होता है. पिता बच्चों के पहले टीचर, मार्गदर्शन और सबसे बड़ी सहारे माने जाते हैं. उनके इसी योगदान और त्याग को सम्मान देने के लिए हर साल फादर्स डे मनाया जाता है, हालांकि कई लोगों को हर साल इसकी तारीख को लेकर भ्रम रहता है. क्योंकि यह किसी एक तारीख पर नहीं बल्कि जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि इस बार फादर्स डे कब मनाया जाएगा और इसका इतिहास, महत्व और सेलिब्रेशन के तरीके क्या-क्या है. 

2026 में कब मनाया जाएगा फादर्स डे? 

2026 में फादर्स डे 21 जून को मनाया जाएगा. यह दिन हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को मनाया जाता है. इसलिए इसकी तारीख हर साल बदल जाती है. 2026 में जून का तीसरा रविवार 21 जून को पड़ रहा है, इसलिए इस दिन भारत समेत अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और कई दूसरे देशों में फादर्स डे सेलिब्रेट किया जाता है.

फादर्स डे की शुरुआत कैसे हुई? 

फादर्स डे की कहानी अमेरिका से जुड़ी हुई है, हालांकि पिताओं के सम्मान में पहला विशेष आयोजन 1908 में अमेरिका की वेस्ट वर्जीनिया में हुआ था, लेकिन इसे नियमित रूप से मनाने की शुरुआत बाद में हुई. फादर्स डे को लोकप्रिय बनाने का श्रेय सोनोरा स्मार्ट डोड को दिया जाता है. सोनारा के पिता विलियम जैक्सन स्मार्ट ने अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद अकेले ही अपने 6 बच्चों की परवरिश की थी. अपने पिता के त्याग और समर्पण को देखकर सोनारा ने महसूस किया कि जिस तरह माताओं के सम्मान में मदर्स डे मनाया जाता है, उसी तरह पिताओं के लिए भी एक विशेष दिन होना चाहिए. उनकी पहल के बाद 19 जून 1910 को अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के स्पोकन शहर में पहला आधिकारिक फादर्स डे मनाया गया. बाद में यह परंपरा धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी फेल गई. 

फादर्स डे को कब मिला आधिकारिक दर्जा?

फादर्स डे को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की प्रक्रिया कई वर्षों तक चली. 1913 में इसे राष्ट्रीय हॉलीडे घोषित करने के लिए अमेरिकी संसद में पहला प्रस्ताव पेश किया गया. 1916 में तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने भी इसका समर्थन किया. इसके बाद 1966 में राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे के रूप में मान्यता देने की घोषणा की. लास्ट में 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इसे स्थायी राष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता प्रदान कर दी. 

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भारत में कैसे मनाया जाता है फादर्स डे?

भारत में फादर्स डे को लेकर युवाओं और बच्चों के बीच काफी उत्साह देखने को मिलता है, हालांकि इस दिन कोई सरकारी अवकाश नहीं होता है. लेकिन इसे लोग अपने परिवार के साथ बिताते है और अपने पिता को कार्ड,  गिफ्ट या सरप्राइज देते हैं. कई लोगों सोशल मीडिया पर फोटो और मैसेज शेयर करते हैं, जबकि कुछ परिवार के साथ में समय बिताकर, बाहर घूमने जाकर इस दिन को खास बनाते हैं.

फादर्स डे सेलिब्रेशन का आइडिया

इस बार फादर्स डे पर आप अपने पिता के साथ फैमिली लंच, डिनर प्लान कर सकते हैं. इसके अलावा हाथ से बनाया कार्ड या  मैसेज देकर भी उन्हें थैंक यू कह सकते हैं. पिता की पसंद का कोई छोटा गिफ्ट भी उन्हें दे सकते हैं, पिता के साथ कितने पिकनिक या आउटडोर एक्टिविटी कर सकते हैं. इसके अलावा पुरानी फोटो निकालकर भी आप पिता के साथ इस दिन को सेलिब्रेट कर सकते हैं.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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