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अमेरिका में नागरिकता को लेकर क्या हैं नियम? जानें कैसे एलन मस्क को बाहर कर सकते हैं ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क को अमेरिका के डिपोर्ट करने की धमकी दी है. चलिए जानते हैं अमेरिका में नागरिकता को लेकर नियम क्या हैं और मस्क को कैसे डिपोर्ट किया जा सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उद्योगपति एलन मस्क कुछ समय पहले तक गलबहियां करते नजर रहे थे. ट्रंप के चुनाव प्रचार में भी एलन मस्क हर जगह दिखाई दे रहे थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और दोनों के बीच दुश्मनी जगजाहिर है. यहां तक कि ट्रंप और मस्क, दोनों एक-दूसरे के खिलाफ रह-रहकर बयानबाजी कर रहे हैं. नौबत यहां तक आ गई है कि ट्रंप ने मस्क को अमेरिका से डिपोर्ट करने तक की धमकी दे डाली है. 

ऐसे में अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि अमेरिका में नागरिकता को लेकर नियम क्या हैं? और कैसे एलन मस्क को अमेरिकी नागरिक होते हुए देश से बाहर निकाला जा सकता है? क्या अमेरिकी संविधान में इसको लेकर कोई नियम है? चलिए जानते हैं इन सवालों के जवाब. 

पहले ट्रंप के बारे में जानिए

टेस्ला के मालिक और दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क मूल रूप से दक्षिण अफ्रीका के रहने वाले हैं. उनका जन्म प्रिटोरिया में हुआ था, लेकिन वह जन्म के कुछ सालों बाद प्रिटोरिया से कनाडा शिफ्ट हो गए थे. यहां कुछ समय रहने के बाद ट्रेप स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आए थे, जिसके बाद वह यहीं बस गए और अमेरिका की नागरिकता ले ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलन मस्क के पास 2002 से अमेरिका की नागरिकता है. 

अमेरिका में नागरिकता को लेकर नियम क्या है?

अमेरिका में नागरिकता के दो आधार हैं. पहला जन्म से नागरिकता का अधिकार, यानी कोई व्यक्ति जो अमेरिका में पैदा हुआ हो उसे जन्म से ही अमेरिकी नागरिक माना जाता है. भले ही उसके माता-पिता की नागरिकता कुछ भी हो. वहीं, दूसरा तरीका है नेचुरलाइज्ड नागरिकता. यानी, अमेरिका का स्थायी निवासी, जो किसी और देश का निवासी है वह अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकता है. 

क्या खत्म की जा सकती है अमेरिका की नागरिकता?

सबसे बड़ा सवाल है कि क्या अमेरिका में किसी व्यक्ति की नागरिकता खत्म की जा सकती है? अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में पैदा हुआ है तो उसकी नागरिकता को चुनौती नहीं दी जा सकती है. वहीं अगर किसी व्यक्ति ने नेचुरलाइज्ड नागरिकता ली है तो उसकी नागरिकता खत्म करने से पहले सरकार को यह साबित करना होगा कि संबंधित व्यक्ति ने जरूरी सूचनाएं व दस्तावेज छिपाकर या फर्जी दस्तावेज के आधार पर नागरिकता प्राप्त की थी. अगर यह साबित हो जाता है तो उस व्यक्ति की अमेरिकी नागरिकता छिन जाती है और व्यक्ति को उस देश में डिपोर्ट किया जा सकता है, जहां का वह मूल नागरिक है. 

एलन मस्क के मामले में क्या होगा?

जहां तक एलन मस्क का मामला है तो ट्रंप सरकार को उनकी नागरिकता समाप्त करने से पहले यह साबित करना होगा कि ट्रंप ने गलत तरीके से अमेरिका की नागरिकता प्राप्त की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एलन मस्क ने दक्षिण अफ्रीका से कनाडा शिफ्ट होने के बाद कनाडा की कीन्स यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की. इसके बाद वह 1992 में स्टूडेंट्स वीजा पर अमेरिका चले गए. आरोप है कि अमेरिका आने के बाद मस्क ने यहां स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पूरी करने के बजाय अपनी पहली कंपनी Zip2 खोली और यहां काम करने लगे. जबकि स्टूडेंट वीजाधारकों को जॉब करने की अनुमति नहीं होती है. जबकि, मस्क ने 1997 में अमेरिका में H-1B वीजा हासिल किया, जो चुनिंदा बिजनेस की अनुमति देता है. इसके बाद वह 2002 में नेचुरलाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से अमेरकी नागरिक बन गए. मस्क पर आरोप है कि उन्होंने 1992 में स्टूडेंट वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया और 2002 में अमेरिका की नागरिकता प्राप्त करते समय जरूरी जानकारियां भी छिपाईं. अगर ट्रंप सरकार इस बात को साबित करने में कामयाब रहती है तो मस्क की अमेरिकी नागरिकता खत्म हो जाएगी, जिससे वह स्वत: कनाडा के नागरिक हो जाएंगे, जिसके बाद उन्हें डिपोर्ट किया जा सकता है. 

यह भी पढ़ें: बमों की बारिश करने वाले अमेरिका के B-2 प्लेनों को कौन उड़ाता है? जानें कैसे चुने जाते हैं पायलट

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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