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क्या खत्म होने वाली है दुनिया? हार्वर्ड के वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, होने वाला है एलियन अटैक!

क्या एलियंस के अटैक से दुनिया खत्म होने वाली है? हार्वर्ड की रिसर्च में इस बात का अंदाजा लगाया है कि पृथ्वी की और एक एलियन क्राफ्ट जैसा ऑब्जेक्ट तेजी से बढ़ रहा है जो नवंबर तक धरती पर पहुंच सकता है.

पृथ्वी खत्म होने वाली है, ये बात पहले भी कई बार सुनने को मिली है. कभी सुनामी से, कभी आग से तो कभी किसी और चीज से धरती के खत्म होने के दावे कई लोगों ने किए हैं. हालांकि, इस बार वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि मैनहैटन के आकार का एक मिस्टीरियस स्पेस कॉमेट जैसा ऑब्जेक्ट तेजी से धरती की ओर बढ़ रहा है. स्टडीज के अनुसार, यह किसी तरह का एलियन क्राफ्ट भी हो सकता है. 

दरअसल, हार्वर्ड के एस्ट्रोफिजिसिस्ट एवी लोएब ने अपनी रिसर्च के दौरान पाया कि धरती की ओर बढ़ने वाले इस ऑब्जेक्ट 31/ATLAS के नवंबर तक धरती पर आने का अंदाजा है, जो इंसानों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि धरती के खत्म होने के बारे में क्या कहती है यह स्टडी.

स्टडी में क्या आया सामने? 

इस रिसर्च के दौरान हार्वर्ड के रिसर्चर एवी लोएब, लंदन की इनिशिएटिव फॉर इंटरसेलर स्ट्डीज के एडम हिबर्ड और एडम क्राउल की टीम का अनुमान है कि एलियन्स के विमान जैसी दिखने वाली ये चीज नवंबर के अंत तक सूरज के काफी नजदीक पहुंच जाएगी. उनका कहना है कि इस प्रकार यह ऑब्जेक्ट पृथ्वी से नजर नहीं आने के कारण कोई बड़ा और भयानक कार्य कर सकता है. 

एलियन क्राफ्ट जैसे दिखने वाले इस ऑब्जेक्ट को सबसे पहली बार एस्टेरॉयड टेरेस्ट्रियल इंपैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) सर्वे के टेलीस्कोप से चिली के रियो हर्टाडो में देखा गया था. रिसर्चर का अनुमान है कि इस ऑब्जेक्ट की चौड़ाई 10 से 20 किलोमीटर हो सकती है और यह 60 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से हमारी ओर बढ़ रहा है.

क्या यह दावा सच हो सकता है? 

इस स्टडी के अनुसार, यह रिसर्च पेपर पूरी तरह हाइपोथेटिकल है और इसका कोई प्रमाण अभी मौजूद नहीं है. साइंटिस्ट लिखते हैं कि ये रिसर्च पेपर केवल ऑब्जर्वेशन के बेसिस पर लिखा गया है. यह पूरी तरह से एक्सपेरिमेंटल इमैजिनेशन पर बेस्ड है. साथ ही, वह इस बात की भी चेतावनी देते हैं कि अगर ये अनुमान सच निकले तो हालात काफी बुरे हो सकते हैं और ये इंसानी दुनिया के लिए बड़ा खतरा हो सकते हैं. इसके अलावा धरती को भविष्य में होने वाले ऐसे सभी हमलों से बचाने की भी जरूरत होगी.

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आंखों में सपने लिए, घर से हम चल तो दिए, जानें ये राहें अब ले जाएंगी कहां... कहने को तो ये सिंगर शान के गाने तन्हा दिल की शुरुआती लाइनें हैं, लेकिन दीपाली की जिंदगी पर बखूबी लागू होती हैं. पूरा नाम दीपाली बिष्ट, जो पहाड़ की खूबसूरत दुनिया से ताल्लुक रखती हैं. किसी जमाने में दीपाली के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ कंधे पर झोला टांगकर और हाथों में अखबार लेकर घूमने वाले लोग होते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी आंखों में इसी दुनिया का सितारा बनने के सपने पनपने लगे और वह भी पत्रकारिता की दुनिया में आ गईं. उन्होंने अपने इस सफर का पहला पड़ाव एबीपी न्यूज में डाला है, जहां वह ब्रेकिंग, जीके और यूटिलिटी के अलावा लाइफस्टाइल की खबरों से रोजाना रूबरू होती हैं. 

दिल्ली में स्कूलिंग करने वाली दीपाली ने 12वीं खत्म करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और सत्यवती कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रैजुएशन किया. ग्रैजुएशन के दौरान वह विश्वविद्यालय की डिबेटिंग सोसायटी का हिस्सा बनीं और अपनी काबिलियत दिखाते हुए कई डिबेट कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की. 

साल 2024 में दीपाली की जिंदगी में नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने गुलशन कुमार फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (नोएडा) से टीवी जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा की डिग्री हासिल की. उस दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, एडिटिंग, कंटेंट राइटिंग, रिसर्च और एंकरिंग की बारीकियां सीखीं. कॉलेज खत्म करने के बाद वह एबीपी नेटवर्क में बतौर कॉपीराइटर इंटर्न पत्रकारिता की दुनिया को करीब से समझ रही हैं. 

घर-परिवार और जॉब की तेज रफ्तार जिंदगी में अपने लिए सुकून के पल ढूंढना दीपाली को बेहद पसंद है. इन पलों में वह पोएट्री लिखकर, उपन्यास पढ़कर और पुराने गाने सुनकर जिंदगी की रूमानियत को महसूस करती हैं. इसके अलावा अपनी मां के साथ मिलकर कोरियन सीरीज देखना उनका शगल है. मस्ती करने में माहिर दीपाली को घुमक्कड़ी का भी शौक है और वह आपको दिल्ली के रंग-बिरंगे बाजारों में शॉपिंग करती नजर आ सकती हैं.

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