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डॉ राजेंद्र प्रसाद के बाद से अब तक कौन-कौन बना भारत का राष्ट्रपति? यहां देख लीजिए पूरी लिस्ट

President of india list: राजेंद्र प्रसाद से लेकर द्रौपदी मुर्मू  तक अभी तक देश में कुल 15 राष्ट्रपति हुए हैं. चलिए जानते हैं कि आजादी के बाद से अब तक कौन-कौन प्रेसिडेंट की कुर्सी पर बैठे...

President of india list: भारत में संविधान सभा की तरफ से देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में साल 1950 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को चुना गया. स्थिति साफ थी कि अब देश में अगले कुछ सालों में आम चुनाव होने वाले हैं और इसके बाद राष्ट्रपति पद के लिए भी चुनाव होंगे. चुनाव आयोग ने 12 अप्रैल 1952 को पहली बार राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा की और 2 मई को वोटिंग हुई, जिसके बाद 6 मई को इस चुनाव के नतीजे सामने आ गए.

कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, इनके सामने सिर्फ 4 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे. अन्य किसी भी पार्टी की तरफ से  कोई उम्मीदवार इस चुनाव के लिए नहीं थे. चुनाव परिणाम में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को कुल मिलाकर 507,400 वोट मिले और इस तरह वो देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति बने.

चलिए आज हम आपको बताते हैं कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद से अब तक कौन-कौन बना भारत का राष्ट्रपति...

डॉ राजेंद्र प्रसाद 
1952 में हुए पहले राष्ट्रपति चुनाव में डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारी बहुमत से जीतते हैं, उनके सामने खड़े बाकी चार उम्मीदवारों में से केटी शाह को 92,827 वोट, लक्ष्मण थाटे को 2672 वोट, हरि राम को 1954 वोट और कृष्ण कुमार चटर्जी को 533 वोट मिले. साल 1957 में दूसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुआ और इसमें भी डॉ. राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया. डॉ. राजेंद्र प्रसाद का कार्यकाल भारत के अभी तक के राष्ट्रपति में सबसे लम्बा कार्यकाल रहा है, वो मई 1962 तक भारत के राष्‍ट्रपति रहे.

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बाद राष्ट्रपति के पद के लिए 1962 में हुए चुनाव में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को चुना गया. इनके सामने भी किसी पार्टी ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे सिर्फ दो निर्दलीय उम्मीदवार चौधरी हरिराम और  यमुना प्रसाद त्रिसुलिया चुनाव मैदान में थे. इस चुनाव में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को  5,53,067 वोट मिले अन्य दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों को करीब 10 हजार वोट मिल थे. 1962 से लेकर 1967 तक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के राष्ट्रपति रहे.

 डॉ जाकिर हुसैन
डॉ. जाकिर हुसैन को 1967 में देश का तीसरा राष्ट्रपति चुना गया. इस तरह से ये देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति चुने गए. इनके खिलाफ जनसंघ समेत पूरे विपक्ष के समर्थन से रिटायर्ड चीफ जस्टिस के. सुब्बाराव मैदान में थे. डॉ. जाकिर हुसैन 1967 से लेकर 1969 तक सिर्फ दो साल देश के राष्ट्रपति रहे.

डॉ वी.वी. गिरि
साल 1969 में देश में ऐसा राष्ट्रपति चुनाव होता है जिसके बाद कांग्रेस पार्टी के दो भाग हो गए. 1969 में हुए इस चुनाव में वी.वी. गिरि भारत के चौथे राष्ट्रपति चुने गए लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया. हुआ कुछ ऐसा था कि इंदिरा गांधी के विरोध के बावजूद कांग्रेस पार्टी की तरफ से संजीव रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया गया, लेकिन इंदिरा ने निर्दलीय वी.वी. गिरि को समर्थन दिया और उनको राष्ट्रपति चुनाव जितवा दिया. डॉ. वी.वी. गिरि 1969 से लेकर 1974 तक देश के राष्ट्रपति रहे.

फखरुद्दीन अली अहमद
कांग्रेस पार्टी की तरफ से 1974 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में असम से आने वाले वरिष्‍ठ नेता फखरुद्दीन अली अहमद को चुना गया. फखरुद्दीन अली अहमद 1974 से 1977 तक राष्ट्रपति रहे.

नीलम संजीव रेड्डी 
फखरुद्दीन अली अहमद के बाद 1977 में अगले राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी बने. इनको देश के छठे राष्ट्रपति के तौर पर निर्विरोध चुना गया. ये देश के पहले सबसे कम उम्र और गैर कांग्रेसी राष्ट्रपति थे. नीलम संजीव रेड्डी 1977 से 1982 तक देश के राष्ट्रपति रहे.

 ज्ञानी जैल सिंह
 ज्ञानी जैल सिंह 1982 से लेकर 1987 तक देश के 7वें राष्ट्रपति रहे. इनको जबानी गुरुग्रंथ साहिब याद होने पर ज्ञानी की उपाधि मिली थी. राष्ट्रपति के रूप में ज्ञानी जैल का कार्यकाल शुरू से लेकर अंत तक काफी विवादों में घिरा रहा. 

आर. वेंकटरमण
राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह और राजीव के बीच अच्छा तालमेल नहीं था. 25 जुलाई 1987 को आर. वेंकटरमण को भारत के आठवां राष्ट्रपति चुना गया. उन्होंने 1987 से लेकर 1992 तक अपने कार्यकाल में 4 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया. 

डॉ. शंकर दयाल शर्मा
आर. वेंकटरमण के बाद देश के नौवें राष्ट्रपति के रूप में डॉ. शंकर दयाल शर्मा को 1992 में चुना जाता है. राष्ट्रपति बनने से पहले वो विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यपाल और उपराष्ट्रपति रह चुके थे. डॉ. शंकर दयाल शर्मा को कांग्रेस अध्यक्ष और देश का प्रधानमंत्री पद संभालने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया था. इनका कार्यकाल 1992 से लेकर 1997 तक रहा. 
 
के.आर. नारायणन
 के.आर. नारायणन 1997 में देश के पहले दलित राष्ट्रपति बने. देश के दसवें राष्‍ट्रपत‍ि रहे कोचरिल रामण नारायणन का जन्‍म केरल के छोटे से गांव पेरुमथॉनम उझावूर, त्रावणकोर में हुआ था, इनका कार्यकाल 1997 से लेकर 2002 तक रहा. राष्ट्रपति बनने से पहले ये राजीव गांधी की सरकार में कैबिनेट मंत्री फिर उपराष्ट्रति रहे.

डॉ. एपीजे अब्‍दुल कलाम
भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नाम देश के बच्चे- बच्चे को याद है. इनका योगदान इतना ज्यादा है कि इनको हमेशा याद किया जाता रहेगा. इनको भारतीय जनता पार्टी समर्थित एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था. डॉ. एपीजे अब्‍दुल कलाम का कार्यकाल 25 जुलाई 2007 तक रहा. 

प्रतिभा पाटिल
25 जून 2007 को प्रतिभा पाटिल को देश की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में चुना गया. प्रतिभा पाटिल टेबिल टेनिस की अच्छी खिलाड़ी थीं. 2007 से 2012 तक प्रतिभा पाटिल देश की राष्ट्रपति रहीं. 

प्रणब मुखर्जी
साल 2012 में यूपीए की तरफ से प्रणब मुखर्जी को राष्‍ट्रपति बनाने की पेशकश की गई, इनके विरोध में एनडीए की तरफ से ने पीए संगमा को उम्‍मीदवार घोषित किया. इलक्‍टोरल-कॉलेज के 70 प्रतिशत वोट के साथ वो देश के 13वें राष्‍ट्रपति बने. इनका कार्यकाल 2012 से लेकर 2017 तक रहा. 

राम नाथ कोविंद 
राम नाथ कोविंद  को साल 2017 में दूसरे दलित राष्ट्रपति के रूप में चुना गया. रामनाथ कोविंद का उनका कार्यकाल विवादों से काफी दूर रहा. उन्होंने 25 जुलाई 2017 को भारत के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. इनके कार्यकाल के दौरान देश में कई बड़े फैसले लिए गए थे. इनका कार्यकाल साल 2022 तक रहा. 

द्रौपदी मुर्मू 
देश की वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एनडीए और उनके सहियोगी दलों की तरफ से साल 2022 के राष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार बनाया था इनके सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्‍हा को उतारा गया था. यशवंत सिन्हा को हराकर द्रौपदी मुर्मू  देश की 15वीं राष्ट्रपति बनी हैं. 

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