एक्सप्लोरर

कितना पैसा रखने पर आय से अधिक मानी जाती है संपत्ति, इसे लेकर क्या हैं नियम?

आय और संपत्ति के बीच के कानूनी संतुलन को समझने के लिए देश की नियामक संस्थाओं द्वारा बनाए गए नियमों की गहरी समझ होना बेहद जरूरी है. ओडिशा में इंजीनियर की आय से अधिक संपत्ति के मामले में जवाब जान लीजिए.

भ्रष्टाचार और काली कमाई के खिलाफ जब भी कोई बड़ी कार्रवाई होती है, तो 'आय से अधिक संपत्ति' का जिक्र सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है. हाल ही में विजिलेंस विभाग ने एक सरकारी इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा को अपनी वैध आय से पूरे 798 फीसदी ज्यादा संपत्ति जमा करने के संगीन आरोप में गिरफ्तार किया है. इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद आम लोगों के मन में यह उत्सुकता जाग उठी है कि आखिर कानून के मुताबिक तिजोरी में कितना पैसा होने पर उसे आय से अधिक मान लिया जाता है और इससे जुड़े देश के सख्त नियम क्या कहते हैं.

कितनी संपत्ति मानी जाती है आय से अधिक?

बहुत से लोगों को लगता है कि घर में एक तय रकम जैसे 50 लाख या 1 करोड़ रुपए से ज्यादा होने पर वह आय से अधिक संपत्ति बन जाती है, लेकिन यह बिल्कुल गलत धारणा है. भारतीय कानून में ऐसी किसी निश्चित नकदी या रकम की कोई फिक्स लिमिट तय नहीं की गई है. इसकी जगह जांच एजेंसियां आपकी कुल घोषित और वैध आय के स्रोतों के साथ आपकी मौजूदा संपत्ति के अनुपात या रेश्यो का आकलन करती हैं. अगर आपकी कुल जायदाद आपकी कानूनी कमाई के मुकाबले बहुत ज्यादा निकलती है, तो उसे आय से अधिक संपत्ति का दर्जा दे दिया जाता है.

कैसे किया जाता है काली कमाई का पूरा आकलन?

जब भी आयकर विभाग, सीबीआई या राज्य की विजिलेंस टीमें किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति की जांच करती हैं, तो वे एक खास फॉर्मूले का इस्तेमाल करती हैं. इसमें सबसे पहले व्यक्ति के वेतन, व्यापार के मुनाफे, मकान के किराए या अन्य कानूनी जरिया से हुई वैध आय को जोड़ा जाता है. इसके बाद व्यक्ति की कुल चल-अचल संपत्ति में से इस कानूनी कमाई को घटा दिया जाता है. इस गणना के दौरान जांच अधिकारी परिवार के सामान्य खर्चों, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और रोजमर्रा के बिलों की राशि को भी कुल आय में से कम कर देते हैं.

सुप्रीम कोर्ट का बेहद महत्वपूर्ण 10% वाला नियम

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में देश की सर्वोच्च अदालत यानी माननीय सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में एक बेहद खास गाइडलाइन दी गई है. इस नियम के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति की अघोषित या अतिरिक्त संपत्ति उसकी कुल ज्ञात कानूनी आय के 10% से कम पाई जाती है, तो उसे कानूनी रूप से संदेह का लाभ मिल सकता है. लेकिन अगर यह अतिरिक्त संपत्ति कुल वैध आय के 10% के आंकड़े को पार कर जाती है, तो उस व्यक्ति के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती है और उसे कोर्ट में अपनी एक-एक पाई का वैध जरिया साबित करना ही पड़ता है.

घर पर कैश रखने की क्या है कानूनी सीमा?

अक्सर लोगों के मन में यह डर रहता है कि वे अपने घर की तिजोरी में कितना नकद पैसा रख सकते हैं. आपको बता दें कि भारत में घर पर कैश रखने की कोई भी अधिकतम कानूनी सीमा तय नहीं है. आप अपने पास कितनी भी बड़ी रकम रख सकते हैं, बशर्ते आपके पास उस पैसे का पक्का सबूत और वैध स्रोत होना चाहिए. यदि आप बैंक से निकाली गई सैलरी या बिजनेस का जायज रिकॉर्ड दिखा देते हैं तो कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन स्रोत न बता पाने पर उसे 'अघोषित आय' मानकर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है.

नकद लेनदेन और आईटीआर को लेकर जरूरी नियम

टैक्स चोरी को रोकने के लिए सरकार ने कुछ बेहद कड़े नियम बनाए हैं, जिनकी जानकारी हर नागरिक को होनी चाहिए. आयकर कानून की धारा 269ST के तहत किसी भी एक व्यक्ति या संस्था से 2 लाख रुपए से अधिक का नकद लेनदेन करना पूरी तरह गैरकानूनी माना गया है. इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति की सालाना आय 50 लाख रुपए से अधिक है, तो उसे अपने इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR के 'शेड्यूल एएल' में अपनी गाड़ी, बंगला, सोना, बैंक बैलेंस और नकदी जैसी तमाम चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्यौरा सरकार को देना अनिवार्य होता है.

यह भी पढ़ें: राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र की रकम पर किसका होता है हक? जानें हर एक बात

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

पैलेट गन में कितने तरह के कारतूस लग सकते हैं, कौन सा होता है सबसे ज्यादा खतरनाक?
पैलेट गन में कितने तरह के कारतूस लग सकते हैं, कौन सा होता है सबसे ज्यादा खतरनाक?
India Road Accidents: भारत में हर दिन सड़क हादसे में चली जाती है इतने लोगों की जान, आंकड़ा सुनकर नहीं होगा यकीन
भारत में हर दिन सड़क हादसे में चली जाती है इतने लोगों की जान, आंकड़ा सुनकर नहीं होगा यकीन
Monsoon Session 2026: राज्यसभा के एक सेशन में कितने रुपये होते हैं खर्च, जानें कार्यवाही स्थगित होने पर कितना नुकसान?
राज्यसभा के एक सेशन में कितने रुपये होते हैं खर्च, जानें कार्यवाही स्थगित होने पर कितना नुकसान?
National Emergency India: 1975 की तरह देश में इमरजेंसी लगाना अब क्यों है असंभव, जानें सरकार के लिए कितना कठिन होगा यह फैसला?
1975 की तरह देश में इमरजेंसी लगाना अब क्यों है असंभव, जानें सरकार के लिए कितना कठिन होगा यह फैसला?
Advertisement

वीडियोज

Ishqnama Review: Shehnaaz Gill और Jai Randhhawa की दिल छू लेने वाली लव स्टोरी
The India Story Review: खाने और सेहत पर बड़ा सवाल उठाती Shreyas Talpade की फिल्म
Bollywood News: युवा सड़कों पर, स्टार्स अपने स्वैग में, ट्रोल्स बोले—
Udne ki Asha: Renuka को चौखट पर देख हक्के-बक्के रहे Sachin-Sailee, बीते दुखों की यादें ताजा
Badshah-Isha Rikhi के Viral Post ने बढ़ाई हलचल, क्या शादी में सब कुछ ठीक नहीं?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
‘धिक्कार है ऐसे देश पर जिसमें...’, सोनम वांगचुक ने Video जारी कर बताया क्यों तोड़ा 26वें दिन अनशन
CJP की मांग पर रामदास अठावले का बड़ा बयान, 'धर्मेंद्र प्रधान अगर इस्तीफा भी दे देते हैं तो...'
CJP की मांग पर रामदास अठावले का बड़ा बयान, 'धर्मेंद्र प्रधान अगर इस्तीफा भी दे देते हैं तो...'
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा तो हुए ट्रोल, पत्नी गीतांजलि ने गुस्से में कहा- थोड़ी तो इंसानियत...
सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा तो हुए ट्रोल, पत्नी गीतांजलि ने गुस्से में कहा- थोड़ी तो इंसानियत...
Friday BO Collection Updates: 50 करोड़ के पार 'जन नायकन', जानें 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत सभी फिल्मों का हाल
50 करोड़ के पार 'जन नायकन', जानें 'द ओडिसी' और 'धमाल 4' समेत सभी फिल्मों का हाल
कब तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे गौतम गंभीर? BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ इतने महीने बाकी
कब तक टीम इंडिया के कोच रहेंगे गौतम गंभीर? BCCI के साथ कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ इतने महीने बाकी
Explained: AAP, कांग्रेस, बीजेपी या कोई और! CJP के राजनीति में आने से किसे सबसे ज्यादा खतरा?
AAP, कांग्रेस, बीजेपी या कोई और! CJP के राजनीति में आने से किसे ज्यादा खतरा?
‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह
‘इंस्टाग्राम पर रहें एक्टिव, रील्स बनाकर करें पोस्ट और...’, कैबिनेट बैठक में PM मोदी की मंत्रियों को सलाह
पुलिस की बस, अंदर प्रदर्शनकारी और सामने फौलादी हौसलों के साथ खड़ी लड़की…, कौन है चर्चा में आयी ये ग्रे हुडी गर्ल
पुलिस की बस, अंदर प्रदर्शनकारी और सामने फौलादी हौसलों के साथ खड़ी लड़की…, कौन है ये ग्रे हुडी गर्ल
Embed widget