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समझिए होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट में क्या फर्क होता है, अक्सर लोग इनमें रहते हैं कंफ्यूज!

होटल और मोटल में ज्यादा अंतर नहीं होता है. जबकि, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट में काफी अंतर होता है. अक्सर लोगों को इनके बीच का अंतर मालूम नहीं होता है और वो किसी खाने की जगह को भी होटल कहते हैं.

Travel: अपने देश में होटल का नाम सुनकर ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि खाने की जगह के बारे में पूछा रहा है. जबकि ऐसा नहीं है, होटल सिर्फ खाने की जगह नहीं होता है. इसी तरह से आपने होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट के बारे में सुना होगा. अक्सर ज्यादातर लोग इनको लेकर कंफ्यूज रहते हैं. उन्हे इनके बीच का अंतर पता नहीं होता है इसलिए वो किसी खाने की जगह को भी होटल कहकर बताते हैं. आइए आज इन सबके बीच के अंतर को समझते हैं...

होटल

ये लोगों के रुकने के लिए बनाए जाते हैं. होटल की इमारत काफी बड़ी बनाई जाती हैं, जिसे बनाने में काफी खर्च होता है. होटल में बहुत सारे कमरे होते हैं. यहां बहुत सारे यात्री ठहर सकते हैं. यहां वाहन पार्क करने के लिए अलग से पार्किंग होती है या फिर नहीं भी होती है. होटल में खुद का किचन भी होता है, जहां गेस्ट्स के लिए खाना बनता है. होटल के कमरों में मिनी बार, खाना, टीवी, फ्रिज, टेलीफोन और रूम सर्विस जैसी कई सारी सुविधाएं रहती हैं. आपने ताज महल होटल, ओबेरॉय, रेडिसन, ली मेरिडियन जैसे होटलों के नाम सुने होंगे. सुविधाओं और बजट के हिसाब से होटलों को आमतौर पर 1स्टार, 2 स्टार, 3 स्टार, 4 स्टार, 5 स्टार, 7 स्टार की श्रेणी में बांटा जाता है. 

मोटल

मोटल शब्द दो शब्दों मोटर और होटल से मिलकर बना है. इन्हे हाईवे पर बनाया जाता है जिससे लंबा सफर करने वाले यात्री अगर दिन या रात में विश्राम करना चाहें तो यहां कर सकें. यात्रियों के रुकने के लिए यहां कमरे होते हैं. ये ज्यादा बड़े नहीं होते हैं. इनमें कमरे के पास ही पार्किंग होती है. यहां किचन नहीं होता है. हालांकि, कुछ मोटल अपने यात्रियों के लिए खाने की सुविधा भी रखते हैं. आमतौर पर मोटल बनाने में ज्यादा पैसा नहीं लगता है. अगर कोई कम खर्च में आराम करना चाहता है तो वह मोटल में रुकता है. मोटल ज्यादातर विदेशों में पाए जाते हैं. मुख्य रूप से अमेरिका जैसे देशों में, जहां ज्यादातर लोग अपनी कार और निजी वाहनों से ही सड़क मार्ग से लंबी दूरी की यात्रा करते हैं. 

रेस्टोरेंट

रेस्टोरेंट खाने की जगह होती है, यहां सिर्फ खाना मिलता है. यहां पर लोगों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं रहती है. ये शहर के अंदर और हाईवे पर भी हो सकते हैं. यहां पर आप सिर्फ खाना खा सकते हैं या पैक भी करवा सकते हैं. लेकिन यहां रात या दिन में ठहरने की व्यवस्था नहीं होती है.

रिसॉर्ट

रिसॉर्ट काफी बड़े, महंगे और आमतौर पर टूरिस्ट लोकेशन पर बनाए जाते हैं. इनको बनाने के लिए काफी जमीन चाहिए होती है. यहां लोग घूमने, मौज मस्ती करने या फिर हनीमून मनाने आते हैं. रिजॉर्ट में बढ़िया क्वालिटी का खाना, मनोरंजन के तमाम साधन जैसे स्विमिंग पूल, जिम, स्पा, बुटीक जैसी लग्जरी सुविधाएं होती हैं. 

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