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सऊदी अरब नहीं, ये देश हैं अरबी भाषा के असली गढ़, जहां करोड़ों लोग रोज बोलते हैं यह भाषा

Most Arabic Speaking Countries: अरबी अब सिर्फ सऊदी अरब या इस्लाम तक सीमित नहीं रही. यह भाषा अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई देशों में सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है.

अरबी भाषा का नाम आते ही सबसे पहले सऊदी अरब की तस्वीर सामने आती है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं अलग है. जिस भाषा को इस्लाम और अरब सभ्यता की पहचान माना जाता है, उसके सबसे बड़े बोलने वाले देश खाड़ी नहीं, बल्कि अफ्रीका में बसे हैं. हैरानी की बात यह है कि अरबी बोलने वालों की सूची में सऊदी अरब टॉप-3 में भी शामिल नहीं है. तो फिर कौन से देश इस लिस्ट में शामिल हैं, आइए जानें.

अरबी भाषा सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं

दुनिया में करीब 40 करोड़ लोग रोजाना अरबी भाषा का इस्तेमाल करते हैं. यह भाषा इस्लाम की धार्मिक भाषा होने के साथ-साथ कई देशों की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुकी है. आमतौर पर माना जाता है कि सऊदी अरब, यूएई या कतर जैसे देश अरबी के सबसे बड़े केंद्र हैं, लेकिन आंकड़े इस धारणा को पूरी तरह पलट देते हैं.

मिस्र- अरबी भाषा का सबसे बड़ा केंद्र

दुनिया में सबसे ज्यादा अरबी बोलने वाला देश मिस्र है. यहां करीब 8.2 करोड़ लोग अरबी भाषा का प्रयोग करते हैं. ऐतिहासिक रूप से मिस्र की मूल भाषा कॉप्टिक थी, लेकिन सातवीं सदी में इस्लामिक विस्तार के बाद अरबी भाषा ने धीरे-धीरे उसकी जगह ले ली. आज मिस्र की अरबी बोली न सिर्फ देश में, बल्कि अरब मीडिया और सिनेमा के जरिए पूरे अरब जगत में सबसे ज्यादा समझी जाती है.

अल्जीरिया- अफ्रीका में अरबी का मजबूत गढ़

अरबी बोलने वाले देशों की सूची में दूसरा स्थान अल्जीरिया का है, जहां लगभग 4 करोड़ लोग अरबी भाषा बोलते हैं. उत्तरी अफ्रीका का यह देश कभी बर्बर सभ्यता का केंद्र था, लेकिन अरब मुस्लिमों के आगमन के बाद यहां की भाषा और संस्कृति में बड़ा बदलाव आया. 1963 में अरबी को अल्जीरिया की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया, जिससे इसका प्रभाव और मजबूत हुआ.

सूडान- अरबी और स्थानीय संस्कृति का संगम

सूडान भी अरबी भाषा का एक बड़ा केंद्र है, जहां करीब 2.8 करोड़ लोग सूडानी अरबी बोलते हैं. यह अरबी की एक स्थानीय बोली है, जिसमें अफ्रीकी भाषाओं का असर साफ दिखाई देता है. सूडान का इतिहास अरब और स्थानीय समुदायों के बीच लंबे सांस्कृतिक और नस्लीय संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन अरबी भाषा ने यहां एक साझा पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

सऊदी अरब

सऊदी अरब को अरबी भाषा और इस्लाम का जन्मस्थान माना जाता है, लेकिन यहां अरबी बोलने वालों की संख्या करीब 2.7 करोड़ है. भले ही यह आंकड़ा अन्य देशों से कम हो, लेकिन आधुनिक मानक अरबी यानी मॉडर्न स्टैंडर्ड अरबी का वैश्विक केंद्र सऊदी अरब ही है. यही भाषा शिक्षा, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संचार में इस्तेमाल की जाती है.

मोरक्को

मोरक्को में करीब 2.5 करोड़ लोग अरबी भाषा बोलते हैं. यहां अरबी के साथ तमाजाइट भाषा को भी आधिकारिक दर्जा प्राप्त है. आम बोलचाल में लोग दारीजा नाम की अरबी बोली का इस्तेमाल करते हैं, जबकि सरकारी कामकाज और शिक्षा में आधुनिक मानक अरबी का प्रयोग होता है. यह देश अरबी और स्थानीय परंपराओं के अनोखे मेल का उदाहरण है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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