Confidence Motion: क्या विश्वास प्रस्ताव के बाद नहीं गिर सकती पंजाब सरकार, क्या है संविधान में नियम?
Confidence Motion: मुख्यमंत्री भगवत मान ने पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान विश्वास प्रस्ताव पेश किया और यह पारित भी हो गया. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या अब सरकार सुरक्षित हो गई है.

- पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया.
- संसदीय नियमों के अनुसार, सरकार 6 महीने तक अविश्वास प्रस्ताव से सुरक्षित.
- राज्यपाल 6 महीने तक दोबारा बहुमत साबित करने के लिए नहीं कहेंगे.
- राजनीतिक समीकरण बदलने पर भी सरकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगी.
Confidence Motion: हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा के एक विशेष सत्र के दौरान विश्वास प्रस्ताव पेश किया. साथ ही यह पारित भी हो गया है. अब पंजाब सरकार अगले 6 महीनों तक अविश्वास प्रस्ताव के जरिए गिराए जाने से सुरक्षित हो गई है. इसी बीच आइए जानते हैं कि इसे लेकर क्या नियम हैं.
बहुमत के बारे में संविधान क्या कहता है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मंत्री परिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है. इसका मतलब है कि सत्ता में बने रहने के लिए सरकार को हमेशा सदन का विश्वास प्राप्त होना चाहिए. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि संविधान में विश्वास प्रस्ताव या फिर अविश्वास प्रस्ताव जैसे शब्दों का साफ तौर पर कोई भी उल्लेख नहीं है. इसके बजाय यह प्रक्रिया हर विधानसभा के नियमों द्वारा संचालित की जाती है.
विश्वास प्रस्ताव सरकार को कैसे मजबूत करता है?
जब भी कोई सरकार विश्वास प्रस्ताव लाती है और उसे जीत लेती है तो यह अनिवार्य रूप से साबित हो जाता है कि उसके पास सदन में जरूरी बहुमत है. यह राजनीतिक स्थिरता का एक औपचारिक प्रदर्शन होता है, जो इस बात को दर्शाता है कि सत्ताधारी दल या फिर गठबंधन के पास बिना किसी तत्काल खतरे के शासन जारी रखने के लिए पूरा समर्थन है.
6 महीने की सुरक्षा का नियम
पंजाब विधानसभा की कार्य प्रणाली के नियमों के मुताबिक एक बार जब कोई विश्वास प्रस्ताव सफलतापूर्वक पारित हो जाता है तो विपक्ष अगले 6 महीना तक सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला सकता. यह एक अस्थायी कवच के तौर पर काम करता है.
यह नियम क्यों मौजूद है?
6 महीने की यह पाबंदी शासन में स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है. ऐसे नियम के बिना सरकार को लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इस वजह से उनके लिए प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल हो जाएगा.
राज्यपाल की भूमिका
एक बार जब कोई सरकार विश्वास प्रस्ताव के जरिए अपना बहुमत साबित कर देती है तो राज्यपाल आमतौर पर उस 6 महीने के अंदर उसे दोबारा अपनी ताकत साबित करने के लिए नहीं कह सकते हैं. यह सिर्फ बड़े पैमाने पर दलबदल या फिर समर्थन के खत्म हो जाने पर ही किया जा सकता है.
क्या सरकार पूरी तरह सुरक्षित है?
सरकार पूरी तरह से तो सुरक्षित नहीं है. हालांकि 6 महीने का नियम औपचारिक अविश्वास प्रस्ताव को रोकता है लेकिन इसके बावजूद भी राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं. पार्टी के अंदर के आपकी झगड़े, इस्तीफा या फिर बदलते गठबंधन अस्थिरता पैदा कर सकते हैं.
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Source: IOCL



























