एक्सप्लोरर

Bullet Train:जापान में बुलेट ट्रेन की कैसे हुई थी शुरूआत, इस पक्षी से मिला था डिजाइन का आइडिया

भारत में आने वाले कुछ सालों में बुलेट ट्रेन दौड़ने की संभावना है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर बुलेट ट्रेन का डिजाइन कहां से आया और इसकी शुरूआत कैसे हुई थी. जानिए इसके पीछे की वजह...

ट्रेन का जिक्र होने पर सबसे पहले बुलेट ट्रेन का नाम सामने आता है. क्योंकि बुलेट ट्रेन को उसकी स्पीड के लिए जाना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में बुलेट ट्रेन चलने का सपना जल्द साकार होने वाला है. देश का पहला हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद के बीच बन रहा है. क्या आप जानते हैं कि जापान में बुलेट ट्रेन की शुरूआत कैसे हुई थी? 

 बुलेट ट्रेन

जानकारी के मुताबिक 515 किलोमीटर लंबी टोकेडो-शिंकानसेन दुनिया की सबसे व्यस्त हाई-स्पीड रेल लाइन है, जिसके 1964 में (टोक्यो ओलंपिक के लिए) उद्घाटन से लेकर 2010 तक 4.9 बिलियन यात्रियों ने यात्रा की है. जापान में ज्यादातर लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं. एक अनुमान के मुताबिक प्रति दिन 64 मिलियन लोग यहां ट्रेनों में चलते है. यह दुनिया में किसी और देश की तुलना में सर्वाधिक संख्या है. 

भारत में बुलेट ट्रेन

भारत का पहला हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद के बीच बन रहा है. इस प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा 2026 में शुरू होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक इस पर जापान की शिनकानसेन ई-5 सीरीज की बुलेट ट्रेन चलेगी, जिसकी नोज (ट्रेन का अगला हिस्सा) 15 मीटर लंबी होती है. यही नोज बुलेट ट्रेन की खासियत है. बता दें कि 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इन ट्रेनों का सफर सबसे सुरक्षित माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब माना जाता था कि कहीं इन बुलेट ट्रेनों को बंद ना करना पड़े. लेकिन एक पक्षी किंग फिशर ने इसको नया रूप दिया थी. 

बुलेट ट्रेन में बहुत शोर

जानकारी के मुताबिक शुरुआत में इन ट्रेनों के डिजाइन में बहुत दिक्कत थी. जब ट्रेन टनल से बाहर निकलती थी, तो इतनी ज्यादा आवाज करती थी कि लोगों के लिए इसे बर्दाश्त करना मुश्किल होता था. जहां से यह ट्रेन गुजरती थी, उसके करीब रहने वाले लोगों के लिए भी इसका शोर सहन करना आसान नहीं होता था. इसका कारण ये था कि जब ट्रेन टनल से बाहर निकलती थी तो बंद जगह के कारण वह हवा को आगे धक्का देती है. इससे हवा का दबाव बनता है. ट्रेन टनल से इस तरह बाहर निकलती थी जैसे बंदूक से गोली निकलती थी. इसकी वजह से 70 डेसीबल से ज्यादा का शोर पैदा होता था और वह सभी दिशाओं में 400 मीटर की दूरी तक रहने वालों लोगों को प्रभावित करता था.

किंगफिशर पक्षी 

जानकारी के मुताबिक इंजीनियरों के सामने ट्रेन के आकार को फिर से डिजाइन करने की चुनौती थी. जिससे इसका शोर कम हो सके. जापानी रेलवे के तकनीकी विकास विभाग के महाप्रबंधक और इंजीनियर आइजी नाकात्सु इसको ठीक करने का उपाय खोज रहे थे. इस दौरान नाकात्सु को अपने पक्षी-दर्शन के अनुभवों से किंगफिशर की याद आई. क्योंकि किंगफिशर एक ऐसा पक्षी है, जो पानी में अपना शिकार करने के लिए इतनी तेज गति से गोता लगाता है कि बमुश्किल एक छींटा बाहर गिरता है. उन्होंने अनुमान लगाया कि इसकी चोंच का आकार ही पक्षी को पानी में इतनी सफाई से काटने की अनुमति देता है. यही कारण था कि इसकी चोंच का डिजाइन जापानी इंजीनियरों के लिए डिजाइन बनकर सामने आया. इसकी चोंच आगे से संकरी और पीछे की तरफ चौड़ी होती है.

इसके बाद जापानी इंजीनियर आइजी नाकात्सु ने बुलेट ट्रेन के अगले हिस्से को किंगफिशर की चोंच की तरह डिजाइन किया था. इससे ना केवल शोर कम करने में सफलता मिली, बल्कि ट्रेन में ईंधन की खपत भी कम हो गई थी. डिजाइन बदलने के बाद ट्रेन अब 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती थी और सरकार द्वारा निर्धारित कड़े शोर मानकों को भी पूरा करने में सफल थी.

ये भी पढ़ें: Smartphones Camera: आखिर क्यों स्मार्टफोन्स का कैमरा राइट साइड में नहीं होता? ये है इसके पीछे का कारण

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Ice Cream History: कैसे हुआ था आइसक्रीम का आविष्कार, जानें भारत में सबसे पहले किसने बनाई थी?
कैसे हुआ था आइसक्रीम का आविष्कार, जानें भारत में सबसे पहले किसने बनाई थी?
Gujaratis Worship Sikotar Mata : गुजराती लोग क्यों करते हैं सिकोतर माता की पूजा, यमन के द्वीप से क्या है इसका लिंक?
गुजराती लोग क्यों करते हैं सिकोतर माता की पूजा, यमन के द्वीप से क्या है इसका लिंक?
Tallest Buildings: इन देशों में हैं दुनिया की सबसे ज्यादा ऊंची इमारतें, जानें भारत किस नंबर पर?
इन देशों में हैं दुनिया की सबसे ज्यादा ऊंची इमारतें, जानें भारत किस नंबर पर?
Crude Oil: फारस की खाड़ी में ही क्यों है इतना कच्चा तेल, दुनिया में कहीं और क्यों नहीं?
फारस की खाड़ी में ही क्यों है इतना कच्चा तेल, दुनिया में कहीं और क्यों नहीं?

वीडियोज

Sansani: मर्डर से पहले दूल्हे की तैयारी | Crime News | Murder Case | ABP News
Maharashtra News: 4 साल की मासूम से रेप के बाद हत्या | Pune | Crime News | abp News
Chitra Tripathi: बंगाल की चुनावी रेस..किसके पक्ष में जनादेश ? | Bengal Elections | EVM | Mamata
SC से Mamata को 'झटका'..4 मई को क्या? | Mamata | TMC | BJP | PM Modi | Bengal Election 2026
ABP Report: 4 मई की उल्टी गिनती शुरू! बंगाल में सियासी पारा हाई | Mamata | TMC | BJP | PM Modi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
किस देश का पासपोर्ट दुनिया में नंबर-1, भारत और पाकिस्तान किस पायदान पर? सामने आई 2026 की पासपोर्ट रैंकिंग, देखें लिस्ट
किस देश का पासपोर्ट दुनिया में नंबर-1, भारत-PAK किस पायदान पर? सामने आई 2026 की रैंकिंग, देखें लिस्ट
बिहार में आसमान से बरसने वाली है आग, आज से शुरू होगा भीषण गर्मी का कहर, जानें ताजा अपेडट
बिहार में आसमान से बरसने वाली है आग, आज से शुरू होगा भीषण गर्मी का कहर, जानें ताजा अपेडट
'होर्मुज से निकलने के लिए अगर किसी ने टोल दिया तो...', ईरान संग बातचीत के बीच अमेरिका की शिपिंग कंपनियों को धमकी
'होर्मुज से निकलने के लिए अगर किसी ने टोल दिया तो...', अमेरिका की शिपिंग कंपनियों को धमकी
MI को हराकर CSK ने लगाई अंक तालिका में छलांग, मुंबई इंडियंस नहीं; ये टीम लुढ़की नीचे
MI को हराकर CSK ने लगाई अंक तालिका में छलांग, मुंबई इंडियंस नहीं; ये टीम लुढ़की नीचे
वीर पहाड़िया के बाद क्या तारा सुतारिया को फिर हुआ प्यार? आदित्य रॉय कपूर संग जुड़ रहा नाम
वीर पहाड़िया के बाद क्या तारा सुतारिया को फिर हुआ प्यार? आदित्य रॉय कपूर संग जुड़ रहा नाम
शांति प्रस्ताव या आखिरी दांव? ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका भेजा 14 सूत्रीय फॉर्मूला, ट्रंप ने क्या कहा?
शांति प्रस्ताव या आखिरी दांव? ईरान ने PAK के जरिए US भेजा 14 सूत्रीय फॉर्मूला, ट्रंप ने क्या कहा?
फ्लाइट में बीमार हो गए, अस्पताल में भर्ती होने के बाद कौन उठाएगा खर्च? एयरलाइन, बीमा कंपनी या आप खुद, जानिए
फ्लाइट में बीमार हो गए, अस्पताल में भर्ती होने के बाद कौन उठाएगा खर्च? एयरलाइन, बीमा कंपनी या आप खुद, जानिए
DSHM Recruitment 2026 : DSHM ने डेंटल सर्जन समेत कई पदों के लिए निकाली भर्ती, जानें पूरी डिटेल्स
DSHM ने डेंटल सर्जन समेत कई पदों के लिए निकाली भर्ती, जानें पूरी डिटेल्स
Embed widget