क्या ब्रिक्स समिट में नॉन-वेज मेहमानों को परोसे जाएंगे नल्ली नहारी और कबाब? जानें जवाब
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चल रहा है. इस शिखर सम्मेलन में भारत कई सहयोगी देशों की मेजबानी कर रहा है. आइए जानते हैं क्या विदेशी मेहमानों को नॉन-वेज भी परोसा जाएगा.

- दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, मेहमानों को विशेष व्यंजन परोसे।
- नल्ली निहारी, गलोटी कबाब, हैदराबादी बिरयानी मुख्य पकवान शामिल।
- बाजरा, क्षेत्रीय स्नैक्स और हस्तनिर्मित खाद्य कमल भी मेन्यू में।
BRICS Summit 2026: 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में हो रहा है. इसमें भारत प्रमुख सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की मेजबानी कर रहा है. यह शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में हो रहा है लेकिन दिल्ली के आलीशान होटलों ने भी विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए खास इंतजाम किए हैं. इन तैयारियों में खाना एक जरूरी हिस्सा है. इसके लिए खास मेन्यू तैयार किए गए हैं ताकि भारत की अलग-अलग तरह की पाक कला परंपराओं को दिखाया जा सके. तो क्या नॉन-वेज पसंद करने वाले मेहमानों को नल्ली नहारी और कबाब जैसे व्यंजन भी परोसे जाएंगे? आइए जानते हैं.
मेन्यू में नल्ली नहारी और गलोटी कबाब
ताज महल होटल और द ललित जैसे मशहूर होटलों ने इंडिया फ्रेंडशिप मेन्यू तैयार किया है. इसमें कई पारंपरिक भारतीय व्यंजन शामिल हैं. मांसाहारी व्यंजनों में मशहूर अवधि शैली के गलोटी कबाब और पारंपरिक नल्ली नहारी खास हैं.
गलोटी कबाब अपने काफी मुलायम टेक्सचर और भरपूर अवधि स्वाद के लिए पहचाने जाते हैं. इसी के साथ नल्ली नहारी धीमी आंच पर पकाया गया मीट का व्यंजन है जो अपनी गहरी और खुशबूदार ग्रेवी के लिए मशहूर है. ये व्यंजन अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को भारत के कुछ मशहूर क्षेत्रीय व्यंजनों का अनुभव करने का मौका देते हैं. मेन्यू में बादाम के साथ पेपर फ्राई भी शामिल है.

हैदराबादी बिरयानी और कश्मीरी पुलाव
खाने पीने की यह पेशकश सिर्फ मीट वाले व्यंजनों तक की सीमित नहीं है. मेहमान मशहूर भारतीय चावल के व्यंजन, जैसे हैदराबादी बिरयानी और कश्मीरी पुलाव का भी स्वाद ले सकते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों को साथ लाकर, शिखर सम्मेलन के खाने के इंतजामों का मकसद किसी एक क्षेत्रीय व्यंजन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय भारत की पाक कला की विविधता को पेश करना है.
मिलेट्स को खास जगह
ब्रिक्स मेन्यू में भारत के पारंपरिक अनाजों को भी खास जगह दी गई है. मिलेट्स के पोषण मूल्य और अलग-अलग तरह से इस्तेमाल होने की खूबी को दिखाने के लिए रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट बेस्ड कुकीज जैसे खास व्यंजन शामिल किए गए हैं. इन व्यंजनों को शामिल करना अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पारंपरिक खाद्य विरासत को बढ़ावा देने की कोशिश को दर्शाता है.
भारत का एडिबल फूड मैप
क्षेत्रीय स्वाद को एक एडिबल फूड मैप के जरिए अनोखे तरीके से पेश किया गया है. मेहमान भारत के अलग-अलग हिस्सों की खास चीजों का स्वाद ले सकते हैं. जैसे बिहार का सत्तू मखाना, कश्मीर के मसालेदार अखरोट, पुरानी दिल्ली का मैदा काजू, महाराष्ट्र की भाकरवडी और राजस्थान की मिनी कचौड़ी.

लीला पैलेस में हाथ से बना खाने लायक कमल
खाने को परोसने का यह तरीका आम पकवानों से काफी आगे है. लीला पैलेस ने मेहमानों के लिए एक खास आकर्षण के तौर पर हाथ से बना खाने लायक कमल तैयार किया है. खाने को इस तरह कलात्मक ढंग से परोसने का मकसद मेहमाननवाजी को भारतीय कला और सुंदरता के साथ जोड़ना है. ऐसा इसलिए ताकि खाने का अनुभव एक बड़े सांस्कृतिक स्वागत का हिस्सा बन सके.
भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्वाद का संगम
मेन्यू को अंतर्राष्ट्रीय स्वाद को ध्यान में रखकर भी तैयार किया गया है. भारतीय पकवानों के साथ-साथ मेहमान लाक्सा और सोतो अयाम जैसे अंतरराष्ट्रीय और फ्यूजन स्वाद का भी मजा ले सकते हैं. ड्रिंक्स में नारियल पानी और ताजी छाछ जैसे भारतीयों के पसंदीदा और ताश के देने वाले पेय शामिल हैं.
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एक सांस्कृतिक पहचान का जरिया
ब्रिक्स समिट का मेन्यू यह दर्शाता है कि कूटनीति और मेहमाननवाजी में खाना कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है. कबाब और नल्ली नहारी से लेकर मोटे अनाज, स्नेक्स और हाथ से बनी खास चीजों तक यह सभी पकवान भारत के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद को एक साथ लाते हैं. ब्रिक्स समिट के मेन्यू को देखकर साफ पता चलता है कि विदेशी मेहमान भारत की समृद्ध पार्क कला विरासत का अनुभव जरूर कर पाएंगे.
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