एक्सप्लोरर

चांद पर मौजूद इस चीज़ से हमेशा बचते हैं एस्ट्रोनॉट, जिसने छुआ उसकी मौत तय है!

1972 में नासा की एस्ट्रोनॉट हैरिसन स्मिता जो ओपोलो 17 मिशन का हिस्सा थीं, इस खतरनाक चीज़ की शिकार हो गई थीं. इनकी जान जाते जाते बची थी.

चांद पर चंद्रयान 3 के पहुंचने के बाद से ही भारतीय लोगों की दिलचस्पी चांद में बढ़ गई है. लोग अब चांद के बारे में सबकुछ जानना चाहते हैं. यही वजह है कि आज हम आपको चांद की एक ऐसी चीज के बारे में बताने वाले हैं, जिससे एस्ट्रोनॉट हमेशा दूर रहते हैं. ये इतना खतरनाक होता है कि अगर गलती से भी किसी एस्ट्रोनॉट के अंदर चला जाए तो उसकी जान भी जा सकती है.

क्या है ये खतरनाक चीज़

ये खतरनाक चीज़ कुछ और नहीं बल्कि चांद की मिट्टी है. इसे वैज्ञानिक गन पाउडर भी कहते हैं. ये पृथ्वी के मिट्टी जैसी नहीं होती, ये इतनी खतरनाक होती है कि अगर किसी इंसान के अंदर इसका एक कण भी चला जाए तो उसकी जान जा सकती है. अंग्रेजी में मून डस्ट के नाम से जाना जाने वाला ये पदार्थ पृथ्वी के हर इंसान के लिए जहर से कम नहीं है.

कितना खतरनाक होता है मून डस्ट

नासा की एस्ट्रोनॉट केट ग्रीन अपने एक इंटरव्यू में बताती हैं कि मून डस्ट का निर्माण चांद पर लाखों उल्पापिंडों के टकराने से हुआ. इसमें सिलिका और आयरन जैसे मेटल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. अब आते हैं इस बात पर कि ये खतरनाक कैसे बना. दरअसल, चांद पर ना तो हवा है, ना ही पानी ऐसी स्थिति में मून डस्ट समय के साथ साथ बहुत शार्प हो जाती है. और जब ये किसी के अंदर जाती है तो बेहद खतरनाक हो जाती है.

इस एस्ट्रोनॉट की जान जाते जाते बची

1972 में नासा की एस्ट्रोनॉट हैरिसन स्मिता जो ओपोलो 17 मिशन का हिस्सा थीं, इस खतरनाक चीज़ की शिकार हो गई थीं. दरअसल, जब स्मिता चांद पर उतरीं तो स्पेस क्राफ्ट में वापसी के समय उनके स्पेस सूट में चिपक कर बहुत थोड़ा सा मून डस्ट आ गया. थोड़े समय बाद ये मून डस्ट सांस के जरिए स्मिता के अंदर चला गया. ऐसा होने के कुछ ही मिनटों बाद स्मिता की आंखें लाल हो गईं, उनके नाक से पानी गिरने लगा और सासं लेने में दिक्कत होने लगी. वहां मौजूद अन्य एस्ट्रोनॉट्स ने बड़ी मुश्किल से स्मिता की जान बचाई. तब से ही एस्ट्रोनॉट्स इस खतरनाक चीज़ से हमेशा दूर रहते हैं.

ये भी पढ़ें: कनाडा में कब शुरू हुई सिखों की बसावट? जानिए खालिस्तानियों के लिए स्वर्ग कैसे बन गया जस्टिन ट्रूडो का देश

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

CBI की जांच में कितने आरोपी दोषी साबित होते हैं? जानें Conviction Rate
CBI की जांच में कितने आरोपी दोषी साबित होते हैं? जानें Conviction Rate
Independence Day 2026: महात्मा गांधी ने कहां से कहां तक किया था दांडी मार्च, आज कैसा है वो रूट?
महात्मा गांधी ने कहां से कहां तक किया था दांडी मार्च, आज कैसा है वो रूट?
कांवड़ यात्रा के बाद हरिद्वार में 7 हजार टन कूड़ा, इसे साफ करने में कितना लगेगा पैसा?
कांवड़ यात्रा के बाद हरिद्वार में 7 हजार टन कूड़ा, इसे साफ करने में कितना लगेगा पैसा?
Independence Day 2026: आजादी के समय भारत की आबादी कितनी थी, तब से कितना हुआ इजाफा?
आजादी के समय भारत की आबादी कितनी थी, तब से कितना हुआ इजाफा?

वीडियोज

Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला
TMKOC के पुराने Episodes आज भी क्यों हैं Hit? Asit Modi ने बताया Comedy का Secret

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
अरविंद केजरीवाल की मांग, 'इस्तीफा दें मनन कुमार मिश्रा, CJP...'
अरविंद केजरीवाल की मांग, 'इस्तीफा दें मनन कुमार मिश्रा, CJP...'
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
स्वतंत्रता दिवसः वीरता और सेवा पदकों से 1,057 कर्मी सम्मानित, 3 मरणोपरांत शामिल
स्वतंत्रता दिवसः वीरता और सेवा पदकों से 1,057 कर्मी सम्मानित, 3 मरणोपरांत शामिल
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
Embed widget