Ali Khamenei Funeral: Die Welt की खौफनाक भविष्यवाणी! खामेनेई के जनाजे में जाएगी 3000 लोगों की जान? जान लें वजह
Ali Khamenei Funeral: डाई वेल्ट ने खामेनेई के अंतिम संस्कार में 1500 से 3000 लोगों की जान जाने की भविष्यवाणी की है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.

- ईरानी अधिकारियों ने खामेनेई अंतिम संस्कार में 1500-3000 मौतों का अनुमान लगाया।
- दो करोड़ भीड़, अत्यधिक गर्मी से भगदड़-बीमारियाँ बढ़ने का खतरा।
- सुरक्षा चुनौतियों से निपटने 3000 कब्रें, संकट प्रबंधन दल तैयार।
Ali Khamenei Funeral: जर्मन प्रकाशन डाई वेल्ट की रिपोर्ट ने इस बात का दावा किया है कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान 1500 से 3000 लोगों की जान जा सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अनुमान को किसी अलौकिक भविष्यवाणी के बजाय ईरानी अधिकारियों द्वारा तैयार मूल्यांकन पर आधारित बताया गया है.
रिपोर्ट में भारी भीड़ की संभावना का हवाला दिया गया
ईरानी अधिकारियों का यह अनुमान है कि अंतिम संस्कार में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं. अगर इतनी बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है तो इससे भीड़भाड़ और भगदड़ का खतरा बढ़ सकता है. खासकर उन स्थानों पर जहां लोग लंबे समय तक बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं.
काफी ज्यादा गर्मी को एक बड़ी चिंता के रूप में पहचाना गया
रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र इस समय भीषण गर्मी और लू की स्थिति का सामना कर रहा है. कई घंटे तक बाहर खड़ी रहने वाली बड़ी भीड़ को निर्जलीकरण और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ सकता है. इससे आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था योजना प्रकृति का एक जरूरी हिस्सा बन जाती है.
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सुरक्षा जोखिम का भी उल्लेख किया गया
रिपोर्ट्स के मुताबिक रिपोर्ट किए गए आकलन में अंतिम संस्कार जुलूस के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर भी विचार किया गया है. इनमें आंतरिक विद्रोही समूहों के साथ-साथ संभावित बाहरी सुरक्षा खतरों से जुड़ी चिंताएं भी शामिल हैं.
रिपोर्ट में एक गोपनीय पत्र का जिक्र
रिपोर्ट्स के मुताबिक डाई वेल्ट ने कथित तौर पर ईरानी रेड क्रिसेंट और नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन द्वारा प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ को भेजे गए एक गोपनीय पत्र के अस्तित्व की भी सूचना दी थी. पत्र में कथित तौर पर 1500 से 3000 के बीच मौतों की संभावना पर रोशनी डाली गई और आपातकालीन तैयारियों का जिक्र किया गया.
अधिकारियों ने कथित तौर पर तेहरान के बेहश्त-ए-जहरा कब्रिस्तान में लगभग 3000 नई कब्रें तैयार की हैं. रिपोर्ट में इस बात कभी दावा किया गया है कि मृतक की पहचान के समन्वय और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम के दौरान होने वाले किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने में सहायता के लिए एक खास संकट प्रबंधन कार्य बल की भी स्थापना की गई है.
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