'दो बच्चों के बाद भी पंकज कपूर तुझे छोड़ देगा', जब सुप्रिया पाठक की मां ने रिश्ते को लेकर कहा था ये
Birthday Special: बॉलीवुड के पावर कपल्स में सुप्रिया पाठक और पंकज कपूर का नाम भी शामिल है. दोनों की शादी को 37 साल हो चुके हैं और कई मुश्किलों के बावजूद उनका प्यार आज भी कायम है.

पंकज कपूर और सुप्रिया पाठक आज बॉलीवुड के सबसे मजबूत और लंबे समय से साथ चले आ रहे कपल्स में गिने जाते हैं. दोनों पिछले 37 सालों से शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं लेकिन उनकी ये जर्नी हमेशा आसान नहीं रही. खास बात ये भी है कि 7 जनवरी को सुप्रिया पाठक अपना बर्थडे सेलिब्रेट करने जा रही हैं और इसी मौके पर उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं.
शादी के बाद भी बना रहा शक
BBC न्यूज हिंदी को दिए इंटरव्यू में सुप्रिया ने बताया कि शादी के बाद करीब दस साल तक उनकी मां को लगता था कि पंकज कपूर उन्हें छोड़ सकते हैं. सुप्रिया ने कहा कि 1993 में उनकी बेटी सना और 1997 में बेटे रुहान का जन्म हुआ. लेकिन इसके बाद भी उनकी मां यही कहती रहती थीं कि पंकज चला जाएगा. सुप्रिया ने इसे लेकर कभी ज्यादा चिंता नहीं की और हालात को जैसे थे वैसे ही स्वीकार कर लिया.
पहले भी रह चुके हैं शादीशुदा
इस बातचीत में ये बात भी सामने आई कि पंकज कपूर की ये पहली शादी नहीं थी. इससे पहले वो नीलिमा अजीम के साथ शादीशुदा थे. शायद इसी वजह से दाना पाठक को सुप्रिया की शादी को लेकर ज्यादा चिंता रहती थी.
कैसे शुरू हुई उनकी कहानी
सुप्रिया ने ये भी बताया कि उनकी और पंकज की पहली मुलाकात एक फिल्म प्रोजेक्ट के दौरान हुई थी. जिसे डायरेक्टर सागर सरहदी बना रहे थे. जब सुप्रिया को पता चला कि पंकज कपूर इस फिल्म का हिस्सा हैं तो वो तुरंत इस प्रोजेक्ट की में काम करने के लिए राजी हो गई थी. उन्हें लगा था कि वो पंकज के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी लेकिन बाद में पता चला कि फिल्म में दोनों के किरदारों का आपस में कोई कनेक्शन ही नहीं था.
एक अधूरी फिल्म, जो प्यार की वजह बनी
दोनों की असली नजदीकियां पंजाब के गिद्दरबाहा में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान बढ़ीं. ये फिल्म कभी रिलीज नही हो पाई लेकिन सुप्रिया का मानना है कि शायद वो फिल्म सिर्फ इसलिए बनी थी ताकि वे दोनों एक-दूसरे से मिल सकें. उसी शूटिंग के दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई.
पंकज कपूर सिर्फ पति नहीं
सुप्रिया पाठक पंकज कपूर को सिर्फ अपना पति नहीं बल्कि अपना गुरु भी मानती हैं. उनके मुताबिक, पंकज ने उन्हें सिखाया कि एक्टिंग सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं होती बल्कि किरदार को अंदर से महसूस करना होता है. पंकज की सीख ने उनकी एक्टिंग को और बेहतर बनाया और आज भी वो उन्हें अपना शिक्षक मानती हैं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















